अम्स्टेलवीन,24 अगस्त (युआईटीवी)- एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का खिताब जीतने का सपना टूट गया है। रविवार को अम्स्टेलवीन के वागेनर हॉकी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया मुकाबला 0-0 से गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों ने पूरे मैच के दौरान एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी,लेकिन चारों क्वार्टर में कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। मुकाबला बराबरी पर समाप्त होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने गोल के अंतर के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बना ली,जबकि भारतीय टीम खिताबी दौड़ से बाहर हो गई। अब भारत पाँचवें और छठे स्थान के लिए मुकाबला खेलेगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक और सतर्क हॉकी का प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की,वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी लगातार भारतीय सर्किल में प्रवेश करते हुए गोल करने के मौके तलाशे। हालाँकि,दोनों टीमों के डिफेंस और गोलकीपिंग ने शानदार प्रदर्शन किया और किसी भी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया।
मैच के दौरान दोनों टीमों को पेनाल्टी कॉर्नर के रूप में गोल करने के कई अवसर मिले। मुकाबले में कुल नौ पेनाल्टी कॉर्नर हासिल हुए,लेकिन इनमें से कोई भी मौका गोल में नहीं बदल सका। ऑस्ट्रेलिया ने पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए भारतीय गोलपोस्ट पर दबाव बनाने की कोशिश की,लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने हर बार खतरे को टाल दिया। दूसरी ओर भारतीय टीम भी अपने सीमित मौकों को भुनाने में नाकाम रही। यही वजह रही कि मैच खत्म होने तक स्कोरबोर्ड पर 0-0 ही दर्ज रहा।
मुकाबले के दौरान अनुशासन को लेकर भी दोनों टीमों को झटके लगे। भारत की बलजीत कौर को सातवें मिनट में ग्रीन कार्ड दिखाया गया,जिसके कारण टीम को कुछ समय के लिए एक खिलाड़ी कम के साथ खेलना पड़ा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की स्टीवर्ट टैटम को 11वें मिनट में ग्रीन कार्ड मिला। दोनों टीमों ने इसके बावजूद अपने खेल की लय बनाए रखी और मुकाबले में बराबरी का संघर्ष देखने को मिला।
चारों क्वार्टर में गोल नहीं होने के कारण मुकाबला लगातार रोमांचक बना रहा। भारत को पता था कि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसे बेहतर परिणाम की जरूरत है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिए भी यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था। भारत ने कई बार ऑस्ट्रेलियाई सर्किल में पहुँचकर गोल करने की कोशिश की,लेकिन अंतिम पास और फिनिशिंग में कमी के कारण टीम को सफलता नहीं मिली। ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय डिफेंस को कई बार चुनौती दी,लेकिन भारतीय गोलकीपर और रक्षापंक्ति ने शानदार बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया।
गोलरहित ड्रॉ के बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। हालाँकि,गोल के मामले में ऑस्ट्रेलिया भारत से बेहतर स्थिति में था और इसी आधार पर उसे सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। भारतीय टीम पूल-ई में तीन मुकाबलों से दो अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं नीदरलैंड ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन में से दो मुकाबले जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया और भारत के खिलाफ ड्रॉ से मिली बढ़त ने उसे अगले दौर में पहुँचा दिया।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत पूल-डी से की थी। अपने पहले मुकाबले में भारत ने चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। इसके बाद टीम ने शानदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 6-1 के बड़े अंतर से हराया। इस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला भी गोलरहित ड्रॉ रहा। भारतीय टीम ने उस मुकाबले में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाते हुए इंग्लैंड को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया था।
इसके बाद अगले चरण में भारत का सामना मजबूत नीदरलैंड से हुआ। इस मुकाबले में भारतीय टीम को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। नीदरलैंड के खिलाफ हार के बाद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह काफी मुश्किल हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम मुकाबले में टीम को हर हाल में बेहतर प्रदर्शन करना था। भारतीय खिलाड़ियों ने मुकाबले में गोल नहीं खाने दिया,लेकिन खुद भी गोल नहीं कर सकीं। अंततः 0-0 के ड्रॉ ने भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदों को समाप्त कर दिया।
भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट में सबसे बड़ी चुनौती गोल करने के मौकों को परिणाम में बदलने की रही। टीम ने कई मुकाबलों में मजबूत डिफेंस दिखाया और गोलकीपरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया,लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर फिनिशिंग की कमी दिखाई दी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी यही स्थिति देखने को मिली। पेनाल्टी कॉर्नर समेत कई अवसर मिलने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी गेंद को गोलपोस्ट के अंदर नहीं पहुंचा सकीं।
खिताबी दौड़ से बाहर होने के बावजूद भारतीय टीम के पास टूर्नामेंट में अपनी स्थिति बेहतर करने का मौका है। अब टीम पाँचवें और छठे स्थान के लिए मुकाबला खेलेगी। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी टूर्नामेंट का सकारात्मक अंत करने और बेहतर रैंकिंग हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ ने भले ही भारत का खिताब जीतने का सपना खत्म कर दिया हो,लेकिन टीम के प्रदर्शन ने यह जरूर दिखाया कि भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व की शीर्ष टीमों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखती है। अब नजर इस बात पर होगी कि भारतीय खिलाड़ी अगले मुकाबले में अपनी कमियों को दूर कर किस तरह मजबूत वापसी करती हैं।
