कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग के बाद कई धमाके, 11 लोगों की मौत (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग के बाद कई धमाके,11 लोगों की मौत, पाँच घायल; मलबे में तलाश जारी

लखनऊ,1 सितंबर (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के कुछ ही देर बाद फैक्ट्री में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई दी और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएँ और चीख-पुकार से भर गया। इस हादसे में अब तक कम-से-कम 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है,जबकि पाँच अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में कराया जा रहा है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन,पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे। जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने बताया कि राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। प्रशासन की ओर से मलबे में फँसे लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि धमाकों के कारण फैक्ट्री और आसपास की कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त होकर गिर गई हैं और इनके मलबे में अभी भी लोग दबे हो सकते हैं।

धमाकों के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई,ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए और लोगों को घटनास्थल के पास जाने से रोका जा सके। राहत दल सावधानी के साथ मलबा हटाकर अंदर फँसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि तलाशी अभियान के दौरान यदि कोई व्यक्ति घायल या जीवित अवस्था में मिलता है तो उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आसपास की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

इस भीषण हादसे के बाद सबसे पहले स्थानीय ग्रामीणों ने राहत और बचाव का मोर्चा सँभाला। धमाकों और आग के बीच स्थानीय लोग अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे में फँसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। ग्रामीणों ने जुगाड़ से बनाए गए स्ट्रेचर की मदद से घायल लोगों को सड़क तक पहुँचाया। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए उन्हें प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल भेजा गया। घायलों में एक बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है,जिसकी हालत गंभीर होने की जानकारी सामने आई है। धमाकों की चपेट में आसपास के घरों में रहने वाले कई लोग भी आए और उन्हें चोटें आई हैं।

हादसे के बाद अस्पतालों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। अपने परिजनों की तलाश में लोग अस्पताल पहुँचते रहे। घटनास्थल पर कुछ परिवार अपने लापता सदस्यों की जानकारी के लिए बेचैन नजर आए। मलबे के आसपास रिश्तेदार अपने प्रियजनों को तलाशते रहे,वहीं अस्पताल में भी लोग घायलों और मृतकों के बारे में जानकारी लेने के लिए जुटे रहे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत की बात भी सामने आई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी की इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि हादसे में घायल सभी लोगों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश प्रशासन को दिया है।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है। हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत को बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना बताया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों का सर्वोत्तम संभव इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और घायलों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि मामले में कानून की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएँगे। सरकारी निर्देशों के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संपत्ति जब्त करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि पटाखा फैक्ट्री में आग किस वजह से लगी और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

फिलहाल घटनास्थल पर मलबा हटाने और तलाशी अभियान लगातार चल रहा है। बचाव दल किसी भी संभावित व्यक्ति के मलबे में फँसे होने की आशंका को देखते हुए बेहद सावधानी से काम कर रहे हैं। हादसे के बाद मनौरी बाजार और आसपास के इलाकों में भय और शोक का माहौल है। लोग अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द राहत कार्य पूरा करने की माँग कर रहे हैं।

कौशांबी की यह त्रासदी एक बार फिर पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब प्रशासन की जाँच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि फैक्ट्री में किन परिस्थितियों में आग लगी,धमाकों की वजह क्या रही और क्या वहाँ आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में किसी और व्यक्ति के दबे होने की आशंका को खत्म करने और घायलों की जान बचाने पर है।