लक्ष्य सेन (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

चाइना मास्टर्स 2026 में लक्ष्य सेन का अभियान खत्म,विक्टर लाई ने सीधे गेम में दी करारी शिकस्त

शेन्जेन,2 सितंबर (युआईटीवी)- भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का चाइना मास्टर्स 2026 अभियान बुधवार को समाप्त हो गया। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में सेन को कनाडा के विक्टर लाई के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। शेन्जेन एरिना में खेले गए मुकाबले में कनाडाई खिलाड़ी ने भारतीय शटलर को 21-14, 21-7 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। सेन पूरे मुकाबले में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए और दूसरे गेम में विक्टर लाई ने पूरी तरह दबदबा कायम रखते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

लक्ष्य सेन और विक्टर लाई के बीच यह करियर का चौथा मुकाबला था और कनाडाई खिलाड़ी ने तीसरी बार भारतीय शटलर को मात दी। इस साल दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबलों में विक्टर लाई का दबदबा और भी स्पष्ट रहा है। उन्होंने 2026 में सेन के खिलाफ अब तक तीन जीत दर्ज की हैं। इससे पहले वह थॉमस कप में भी भारतीय खिलाड़ी को हराने में सफल रहे थे। इसके बाद जुलाई में चाइना ओपन के राउंड ऑफ 16 में भी लाई ने सेन को शिकस्त दी थी।

विक्टर लाई के खिलाफ लक्ष्य सेन की एकमात्र जीत इसी साल मार्च में ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में आई थी। उस मुकाबले में सेन ने बेहद कड़े संघर्ष के बाद तीन गेम में जीत हासिल की थी। भारतीय शटलर ने वह मुकाबला 21-16, 18-21, 21-15 से अपने नाम किया था। उस रोमांचक मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच प्रतिद्वंद्विता और मजबूत हुई,लेकिन इसके बाद लाई ने लगातार तीन मुकाबलों में सेन को हराकर बढ़त हासिल कर ली है।

चाइना मास्टर्स में लक्ष्य सेन के लिए ड्रॉ भी थोड़ा बदला हुआ था। उन्हें शुरुआत में फ्रांस के मौजूदा विश्व चैंपियन एलेक्स लैनियर के खिलाफ मुकाबला खेलना था। हालाँकि,नई दिल्ली में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद लैनियर ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद सेन का सामना विक्टर लाई से हुआ। इस बदले हुए मुकाबले में कनाडाई खिलाड़ी ने शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा और दोनों गेम में अपेक्षाकृत आसानी से जीत हासिल की।

पहले गेम में लक्ष्य सेन ने कुछ अच्छे अंक हासिल किए,लेकिन विक्टर लाई ने जल्द ही अपनी लय पकड़ ली। कनाडाई खिलाड़ी ने लगातार आक्रामक शॉट लगाकर सेन को कोर्ट के पीछे और किनारों की ओर धकेला। सेन की ओर से कई बार वापसी की कोशिश हुई,लेकिन लाई ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक जुटाते हुए पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया। पहले गेम की जीत ने उन्हें दूसरे गेम में भी आत्मविश्वास के साथ खेलने का मौका दिया।

दूसरे गेम में विक्टर लाई का दबदबा और बढ़ गया। उन्होंने शुरुआती अंकों से ही बढ़त बना ली और सेन को लगातार दबाव में रखा। भारतीय खिलाड़ी के लिए वापसी करना मुश्किल होता गया। लाई ने तेज रफ्तार और सटीक शॉट्स के जरिए सेन को ज्यादा मौके नहीं दिए। परिणामस्वरूप उन्होंने दूसरा गेम 21-7 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह महज दो गेम में मैच खत्म हो गया और लक्ष्य सेन का चाइना मास्टर्स सफर भी समाप्त हो गया।

लक्ष्य सेन के लिए यह नतीजा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि पिछले महीने घरेलू विश्व चैंपियनशिप में भी उनका अभियान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। नई दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में सेन दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ सके थे। उन्हें अमेरिका के गैरेट टैन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद चाइना मास्टर्स में भी शुरुआती दौर में बाहर होने से उनके लिए लगातार दूसरे बड़े टूर्नामेंट का परिणाम निराशाजनक रहा है।

हालाँकि,भारतीय बैडमिंटन के लिए चाइना मास्टर्स में अन्य खिलाड़ियों की शुरुआत सकारात्मक रही। पूर्व विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता किदांबी श्रीकांत ने ची यू-जेन को सीधे गेम में 21-16, 21-15 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। श्रीकांत ने मुकाबले में शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा और दोनों गेम में अपनी बढ़त को कायम रखते हुए जीत दर्ज की।

पुरुष एकल के एक अन्य मुकाबले में रौनक चौहान ने चीन के लियू यू शुआन को सीधे गेम में हराया। रौनक ने 21-15, 21-18 से जीत दर्ज करते हुए टूर्नामेंट में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। दोनों गेम में उन्होंने अहम मौकों पर धैर्य बनाए रखा और चीनी खिलाड़ी को वापसी का ज्यादा अवसर नहीं दिया।

भारत के सनीथ दयानंद ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी वरीयता प्राप्त चीन के डोंग तियान याओ को हरा दिया। सनीथ को पहले गेम में 9-21 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसके बाद जोरदार वापसी की। उन्होंने दूसरा गेम 21-18 और निर्णायक गेम 21-15 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। यह जीत उनके लिए खास रही, क्योंकि उन्होंने मजबूत वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के खिलाफ तीन गेम के संघर्ष में धैर्य और आक्रामकता दोनों का परिचय दिया।

हालाँकि,किरण जॉर्ज का अभियान हार के साथ समाप्त हुआ। जापान के शोगो ओगावा के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में किरण को 15-21, 23-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दूसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए 23-21 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुँचाया,लेकिन तीसरे गेम में ओगावा ने फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया।

महिला एकल में भारत की अनमोल खरब ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने हांगकांग की लियांग का विंग को सीधे गेम में 21-17, 21-9 से हराया। दूसरे गेम में अनमोल ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को पूरी तरह दबाव में रखा और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया। अश्मिता चालिहा ने भी थाईलैंड की पोर्नपिचा चोइकीवोंग को 21-17, 23-21 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। दूसरे गेम में कड़ी चुनौती के बावजूद अश्मिता ने महत्वपूर्ण अंकों पर संयम बनाए रखा।

मिक्स्ड डबल्स में भी भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरुआत की। ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो ने थाईलैंड की टोंकिड साएहेंग और टोनरुग साएहेंग की जोड़ी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया। भारतीय जोड़ी ने दोनों गेम में शुरुआत से ही दबदबा कायम रखा और अपने विरोधियों को ज्यादा मौके नहीं दिए।

इस तरह चाइना मास्टर्स के शुरुआती दौर में भारत को मिश्रित परिणाम मिले। जहाँ लक्ष्य सेन और किरण जॉर्ज जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा,वहीं किदांबी श्रीकांत, रौनक चौहान, सनीथ दयानंद, अनमोल खरब और अश्मिता चालिहा ने जीत के साथ आगे का रास्ता तय किया। अब भारतीय प्रशंसकों की नजर इन खिलाड़ियों पर होगी कि वे टूर्नामेंट के अगले दौर में अपने प्रदर्शन को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। वहीं लक्ष्य सेन के लिए लगातार दो बड़े टूर्नामेंटों में शुरुआती दौर में बाहर होना चिंता का विषय जरूर होगा और उनकी नजर अब आगामी प्रतियोगिताओं में मजबूत वापसी पर रहेगी।