बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह

बॉलीवुड एक्टर चंद्रचूड़ सिंह ने पुश्तैनी संपत्ति के विवाद को लेकर परिवार के 7 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई

मुंबई,1 सितंबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड एक्टर चंद्रचूड़ सिंह ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अपनी पुश्तैनी संपत्ति को लेकर चल रहे लंबे विवाद के सिलसिले में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एक्टर का आरोप है कि उनके दादा की वसीयत में हेराफेरी की गई,जिससे उनके दिवंगत पिता को पारिवारिक संपत्ति में उनका जायज़ हिस्सा नहीं मिल पाया।

यह शिकायत अलीगढ़ के रोरावर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। आरोपों के मुताबिक, इस मामले में चंद्रचूड़ की बुआ गायत्री देवी,दो चचेरे भाई-बहन और चार अन्य लोग शामिल हैं। सिंह का आरोप है कि उनके दादा, ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह, 1997 में गंभीर रूप से बीमार थे और जब विवादित वसीयत तैयार की गई,तब वे कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की हालत में नहीं थे।

इस विवाद की मुख्य वजह दादाजी के जाली हस्ताक्षर का मामला है। चंद्रचूड़ सिंह का दावा है कि हस्ताक्षर की नकल करके एक वसीयत बनाई गई,जिसका असर बाद में उनके पिता,कैप्टन बलदेव सिंह के विरासत के अधिकारों पर पड़ा।

एक्टर की शिकायत के अनुसार,जब यह कथित वसीयत तैयार की गई,तब उनके पिता अलीगढ़ में मौजूद नहीं थे। सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि परिवार के अन्य सदस्य इस विवादित दस्तावेज़ को तैयार करने में शामिल थे और बाद में इसी वसीयत का इस्तेमाल परिवार की पुश्तैनी संपत्ति के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा करने के लिए किया गया।

खबरों के मुताबिक,यह प्रॉपर्टी विवाद अलीगढ़ के बाहरी इलाके में स्थित जलालपुर गाँव की पुश्तैनी ज़मीन और परिवार की ऐतिहासिक जागीर से जुड़ा है। सिंह का आरोप है कि विवादित वसीयत में शामिल कीमती प्रॉपर्टी का एक बड़ा हिस्सा बाद के सालों में ट्रांसफर या बेच दिया गया।

रिपोर्ट्स में इस प्रॉपर्टी को परिवार की ऐतिहासिक पुश्तैनी हवेली भी बताया गया है,जिसे जलालपुर एस्टेट के नाम से जाना जाता है। यह विवाद पहले ज़िला प्रशासन तक भी पहुँचा था,जब चंद्रचूड़ सिंह और उनके परिवार ने प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करने की कथित कोशिशों को लेकर आधिकारिक दखल की माँग की थी।

परिवार के सदस्यों ने इन आरोपों को गलत बताया है। गायत्री देवी ने पहले ही चंद्रचूड़ सिंह के दावों को झूठा करार दिया था और कहा था कि वसीयत असली है। एफआईआर में लगाए गए आरोप अभी सिर्फ़ आरोप ही हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में सबूत इकट्ठा किए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद,उन्होंने पुलिस के सामने अपना बयान भी दर्ज कराया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उम्मीद है कि जाँच के दौरान अधिकारी विवादित वसीयत,हस्ताक्षर और संपत्ति से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जाँच करेंगे। नतीजा इकट्ठा किए गए सबूतों और जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा।

संपत्ति का यह विवाद उस मामले में एक और अध्याय जोड़ता है,जो कुछ समय से चल रहा है। ‘माचिस’, ‘जोश’ और ‘क्या कहना’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर चंद्रचूड़ सिंह अपने परिवार की पुश्तैनी संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक रास्ते अपनाते रहे हैं।