अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@Chris_1791)

ट्रंप ने नेशनल मेडल ऑफ ऑनर स्मारक कानून पर किए हस्ताक्षर,वीर सैनिकों को मिलेगा सम्मान

वाशिंगटन,11 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में नेशनल मेडल ऑफ ऑनर स्मारक बनाने का रास्ता साफ करने वाले कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। प्रस्तावित स्मारक अमेरिका के सर्वोच्च सैन्य सम्मान मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किए गए 3,500 से अधिक वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने टेक्सास के अर्लिंग्टन में स्थित नेशनल मेडल ऑफ ऑनर म्यूजियम में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान हर्शेल ‘वुडी’ विलियम्स नेशनल मेडल ऑफ ऑनर स्मारक लोकेशन एक्ट पर हस्ताक्षर किए।

इस कानून का नाम हर्शेल ‘वुडी’ विलियम्स के सम्मान में रखा गया है। विलियम्स द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम जीवित मेडल ऑफ ऑनर प्राप्तकर्ता थे। उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इवो जिमा की लड़ाई में अदम्य साहस और बहादुरी दिखाने के लिए अमेरिका के सर्वोच्च सैन्य सम्मान से नवाजा गया था। वह फ्लेमथ्रोवर ऑपरेटर के तौर पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई में शामिल थे और युद्ध के दौरान दुश्मन के मजबूत ठिकानों के खिलाफ असाधारण साहस का प्रदर्शन किया था।

इवो जिमा की लड़ाई द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे भीषण सैन्य संघर्षों में शामिल थी। अमेरिका और जापान के बीच यह लड़ाई 19 फरवरी से 26 मार्च 1945 तक चली थी। प्रशांत क्षेत्र में हुई इस लड़ाई का रणनीतिक महत्व काफी अधिक था। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों को जापानी सेना की कड़ी प्रतिरोध क्षमता का सामना करना पड़ा। संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने भारी जोखिम उठाते हुए आगे बढ़कर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर कब्जा किया था।

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्मारक की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका निर्माण पूरी तरह निजी दान से प्राप्त धनराशि के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्मारक अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन के प्रमुख क्षेत्र में लिंकन मेमोरियल के पास बनाया जाएगा। ट्रंप ने नेशनल मेडल ऑफ ऑनर म्यूजियम फाउंडेशन को राजधानी में उपयुक्त और महत्वपूर्ण स्थान उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन को पूरे वाशिंगटन में सबसे अच्छी जगह दिलाने की कोशिश की जाएगी।

ट्रंप ने कहा कि संग्रहालय और वाशिंगटन में बनने वाला नया स्मारक अमेरिका को उन सैनिकों की बहादुरी और उनके बलिदान को याद रखने में मदद करेगा, =जिन्होंने अपने देश की सेवा करते हुए असाधारण जोखिम उठाए। उनके मुताबिक,इन वीरों ने देश के लिए जो कुछ किया और जिस तरह अपनी जान खतरे में डाली,उसे आने वाली पीढ़ियां कभी नहीं भूलेंगी।

समारोह के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने हर्शेल ‘वुडी’ विलियम्स को विशेष श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने इवो जिमा की लड़ाई के दौरान विलियम्स की बहादुरी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लगातार दुश्मन के ठिकानों के बीच आगे बढ़ते रहे। ट्रंप के मुताबिक,विलियम्स ने एक के बाद एक मशीन गन के ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट किया और अमेरिकी सैनिकों के आगे बढ़ने का रास्ता तैयार किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि इवो जिमा की लड़ाई के दौरान विलियम्स ने अमेरिकी जीत का रास्ता बनाया,जिससे अन्य सैनिक आगे बढ़ सके और अभियान को सफल बनाया जा सके। उनके साहस और जोखिम उठाने की क्षमता को अमेरिकी सैन्य इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। विलियम्स की कहानी को अमेरिकी सैनिकों के त्याग, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

मेडल ऑफ ऑनर अमेरिका का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है। यह सम्मान उन अमेरिकी सैन्यकर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना असाधारण वीरता और साहस का प्रदर्शन किया हो। इस सम्मान के लिए सैन्य सेवा के दौरान अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण बहादुरी दिखाना आवश्यक माना जाता है। समारोह में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, अब तक 4,000 से भी कम अमेरिकी सैन्यकर्मियों को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।

प्रस्तावित स्मारक का उद्देश्य इन सभी सम्मानित सैनिकों की वीरता और बलिदान को स्थायी रूप से याद रखना है। स्मारक के जरिए आम लोगों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अमेरिकी सैन्य इतिहास और उन सैनिकों की कहानियों से परिचित कराने की कोशिश की जाएगी,जिन्होंने देश के लिए असाधारण योगदान दिया। वाशिंगटन में इसे प्रमुख स्थान पर स्थापित किए जाने से राजधानी आने वाले लाखों पर्यटकों और नागरिकों को भी इन वीरों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा।

नेशनल मेडल ऑफ ऑनर म्यूजियम पहले ही इस दिशा में काम कर रहा है। अर्लिंग्टन में यह संग्रहालय पिछले वर्ष खोला गया था। इसे एक व्यापक तीन-भाग वाली परियोजना का हिस्सा बताया गया है। इस परियोजना में संग्रहालय के अलावा ग्रिफिन इंस्टीट्यूट और वाशिंगटन में प्रस्तावित नया स्मारक शामिल हैं। इसका उद्देश्य मेडल ऑफ ऑनर प्राप्त करने वाले सैनिकों की कहानियों को संरक्षित करना और उन्हें देश की नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

संग्रहालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार,संस्थान का शैक्षिक कार्यक्रम भी व्यापक स्तर पर काम कर रहा है। बताया गया कि यह कार्यक्रम 29,000 से अधिक स्कूलों में तीन लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुँच चुका है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अमेरिकी सैन्य इतिहास, नेतृत्व, साहस और सेवा की भावना से जुड़ी कहानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। संग्रहालय और प्रस्तावित स्मारक इस शैक्षिक पहल को और व्यापक बनाने में मदद कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप के कानून पर हस्ताक्षर करने के बाद अब वाशिंगटन में प्रस्तावित स्मारक के निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। निजी दान के जरिए इसके लिए धन जुटाया जाएगा और राजधानी में इसके लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित किया जाएगा। स्मारक के निर्माण की योजना को अमेरिका के सर्वोच्च सैन्य सम्मान प्राप्त करने वाले सैनिकों के प्रति राष्ट्रीय सम्मान के स्थायी प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है,जब अमेरिकी सैन्य इतिहास और पूर्व सैनिकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने पर जोर दिया जा रहा है। हर्शेल ‘वुडी’ विलियम्स के नाम पर कानून बनाए जाने से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनके साहस को भी विशेष रूप से याद किया गया है। इवो जिमा में उनके योगदान से जुड़ी कहानी अमेरिकी सैन्य इतिहास का हिस्सा है और प्रस्तावित स्मारक के माध्यम से ऐसी अनेक वीरता की कहानियों को स्थायी पहचान देने की कोशिश की जाएगी।

वाशिंगटन में बनने वाला नेशनल मेडल ऑफ ऑनर स्मारक भविष्य में अमेरिकी राजधानी के प्रमुख स्मारकों में शामिल हो सकता है। लिंकन मेमोरियल के पास प्रस्तावित इस स्मारक का उद्देश्य केवल एक सैन्य सम्मान को प्रदर्शित करना नहीं,बल्कि उन सभी सैनिकों के साहस, त्याग और सेवा को याद करना है,जिन्होंने असाधारण परिस्थितियों में देश के लिए अपना जीवन दांव पर लगाया। राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर के साथ इस महत्वाकांक्षी स्मारक परियोजना को अब आधिकारिक रूप से आगे बढ़ने का रास्ता मिल गया है।