न्यूयॉर्क,12 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के युवा टेनिस स्टार बेन शेल्टन ने हमवतन फ्रांसिस टियाफो को रोमांचक मुकाबले में हराकर यूएस ओपन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में प्रवेश कर लिया है। 23 वर्षीय शेल्टन ने चार सेट तक चले कड़े सेमीफाइनल में टियाफो को 4-6, 6-3, 6-3, 7-5 से मात दी। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना जर्मनी के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा।
आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच शुरुआत से ही जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। टियाफो ने पहले सेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-4 से बढ़त हासिल की और शेल्टन पर दबाव बनाया। हालाँकि,इसके बाद शेल्टन ने अपने खेल का स्तर ऊँचा किया और लगातार तीन सेटों में दमदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में शेल्टन ने अपनी सर्विस और आक्रामक खेल का बेहतर इस्तेमाल किया। उन्होंने टियाफो को लंबी रैलियों में उलझाने के साथ महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए और 6-3 से सेट जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में भी शेल्टन ने अपनी लय बरकरार रखी। उनकी तेज सर्विस और बेसलाइन से लगाए गए सटीक शॉट्स ने टियाफो को लगातार दबाव में रखा। शेल्टन ने यह सेट भी 6-3 से जीतकर मैच में बढ़त हासिल कर ली।
चौथे सेट में टियाफो ने वापसी की पूरी कोशिश की और मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कई गेम में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शेल्टन ने निर्णायक क्षणों में धैर्य बनाए रखा और अंततः 7-5 से सेट जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मुकाबला कुल तीन घंटे 17 मिनट तक चला।
मैच का अंत भी कुछ अलग अंदाज में हुआ। टियाफो ने मैच प्वाइंट पर डबल फॉल्ट किया और गेंद नेट में चली गई। इसी के साथ शेल्टन ने जीत दर्ज कर ली। आमतौर पर जीत के बाद अपना खास ‘डायल्ड-इन’ सेलिब्रेशन करने वाले शेल्टन ने इस बार ऐसा नहीं किया। मैच के बाद उन्होंने टियाफो के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वह उनके लिए बड़े भाई की तरह हैं। उन्होंने कहा कि आर्थर ऐश कोर्ट पर टियाफो के साथ खेलना हमेशा खास अनुभव रहा है और दोनों इस टूर्नामेंट के अंतिम दौर में पहुँचना चाहते थे।
इस जीत के साथ शेल्टन ने अमेरिकी टेनिस इतिहास में भी एक खास उपलब्धि अपने नाम की है। वह 1972 में आर्थर ऐश के बाद यूएस ओपन पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा 1996 के विंबलडन में मालीवाई वॉशिंगटन के बाद वह किसी भी ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल फाइनल में पहुँचने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी खिलाड़ी हैं। इस उपलब्धि ने शेल्टन के शानदार प्रदर्शन को और ऐतिहासिक बना दिया है।
शेल्टन अब 13 सितंबर को होने वाले फाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ेंगे। ज्वेरेव ने पहले सेमीफाइनल में रूस के कैरेन खाचानोव को सीधे तीन सेटों में हराकर फाइनल में प्रवेश किया। ज्वेरेव ने खाचानोव को 6-3, 7-6 (7), 7-6 (6) से मात दी। उन्होंने पूरे मुकाबले में दबाव के बावजूद शानदार नियंत्रण बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए जीत दर्ज की।
फाइनल से पहले शेल्टन के लिए ज्वेरेव की चुनौती आसान नहीं होगी। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक पाँच मुकाबले खेले जा चुके हैं और शेल्टन इनमें से किसी में भी जर्मन खिलाड़ी को हरा नहीं पाए हैं। उनकी पिछली भिड़ंत नवंबर में एटीपी फाइनल्स के दौरान हुई थी,जहाँ ज्वेरेव ने शेल्टन को सीधे सेटों में मात दी थी। ऐसे में यूएस ओपन का फाइनल युवा अमेरिकी खिलाड़ी के लिए पुराने रिकॉर्ड को बदलने और करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का बड़ा अवसर होगा।
शेल्टन इस टूर्नामेंट में आठवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं और मौजूदा प्रतियोगिता में सबसे ऊँची रैंकिंग वाले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी भी हैं। फाइनल तक पहुँचने के दौरान उन्होंने दबाव भरे मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। अब उनकी नजर अपने घरेलू ग्रैंड स्लैम में खिताब जीतने पर होगी। दूसरी ओर ज्वेरेव अपने अनुभव और मजबूत रिकॉर्ड के साथ खिताब के दावेदार के रूप में उतरेंगे।
यूएस ओपन के फाइनल में पहुँचकर शेल्टन ने पहले ही अपने करियर का सबसे बड़ा पड़ाव हासिल कर लिया है। हालाँकि,उनकी नजर अब इतिहास को और बड़ा बनाने पर होगी। घरेलू दर्शकों के सामने शेल्टन के पास न केवल अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का मौका है,बल्कि ज्वेरेव के खिलाफ अपने पुराने रिकॉर्ड को बदलने का भी अवसर होगा। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला फाइनल बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
