नई दिल्ली,18 सितंबर (युआईटीवी)- दिल्ली में 16 साल की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को चार आरोपियों ने अंजाम दिया,जिनमें तीन नाबालिग हैं। आरोप है कि किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई और शव को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक खुले खेत के पास फेंक दिया गया। कई दिनों तक खुले में पड़े रहने के कारण शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस के अनुसार,शव के कुछ हिस्सों को आवारा कुत्तों ने भी खा लिया था।
यह मामला 13 सितंबर को सामने आया,जब स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड स्थित जयपाल राणा के खेत के पास एक सड़ी-गली लाश बरामद हुई। शव की हालत इतनी खराब थी कि शुरुआती जाँच में पुलिस के लिए यह तक स्पष्ट करना मुश्किल था कि वह किसी पुरुष का शव है या महिला का। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू की।
जाँच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि मृतका 16 साल की किशोरी थी और वह आरोपियों में से कुछ को पहले से जानती थी। पुलिस के अनुसार,किशोरी आरोपियों के साथ एक टेंपो में यात्रा कर रही थी। इसी दौरान सभी ने कथित तौर पर शराब पी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि वारदात के बाद आरोपियों ने चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को खुले इलाके में छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक,जब शव बरामद किया गया,तब उसकी स्थिति बेहद खराब थी। शव के कुछ हिस्सों को आवारा कुत्तों द्वारा खाए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि किशोरी का एक हाथ शरीर से अलग पड़ा मिला था। शव की खराब स्थिति के कारण उसकी पहचान करना भी जाँच के शुरुआती चरण में चुनौतीपूर्ण रहा।
मामले की जाँच में यह जानकारी भी सामने आई कि किशोरी के परिवार ने उसके लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई थी। पूछताछ के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि किशोरी कभी-कभी घर से चली जाती थी और कई दिनों तक बाहर रहने के बाद वापस लौट आती थी। इसी वजह से उसके इस बार घर से जाने के बाद परिवार ने तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। हालाँकि,शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
घटना में कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया था और शुरुआती दौर में आरोपियों के बारे में भी पुलिस के पास कोई ठोस जानकारी नहीं थी। ऐसे में जाँचकर्ताओं ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का फैसला किया। पुलिस ने क्राइम सीन के अलावा आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जाँच की।
फुटेज की जाँच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास एक टेंपो की आवाजाही दिखाई दी। हालाँकि,रात का समय होने और रोशनी कम होने के कारण टेंपो का पंजीकरण नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज को जोड़कर टेंपो के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की। कई कैमरों की रिकॉर्डिंग को आपस में मिलाकर उसके संभावित मार्ग को ट्रैक किया गया।
पुलिस के अनुसार, 15 और 16 सितंबर की रात लगातार चलाए गए अभियान के बाद संदिग्ध टेंपो का पता लगाया गया। इसके बाद टेंपो चालक से पूछताछ की गई। पूछताछ और जाँच से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँची। इसके बाद मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया,जिनमें तीन नाबालिग शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बालिग आरोपी की पहचान शिवम उर्फ सुदामा उर्फ चुचू के रूप में हुई है। वह खड्डा कॉलोनी का रहने वाला बताया गया है। वहीं,पकड़े गए तीनों नाबालिगों की उम्र 16 और 17 वर्ष के बीच है। नाबालिग होने के कारण उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
जाँच एजेंसियों ने वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले सामान को भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार,घटना में इस्तेमाल किए गए दो चाकू,आरोपियों के कपड़े और वह टेंपो बरामद कर लिया गया है,जिसमें किशोरी के आरोपियों के साथ यात्रा करने की बात सामने आई है। इन सामानों को जाँच का हिस्सा बनाया गया है और पुलिस इनके जरिए घटना से जुड़े फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में लगी है।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटना के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने के साथ-साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में चारों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका क्या थी। इसके अलावा,फॉरेंसिक जाँच के जरिए घटनास्थल और बरामद सामान से मिलने वाले साक्ष्यों का भी मिलान किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार,जाँच अभी जारी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज,आरोपियों से पूछताछ,बरामद सामान और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियाँ जोड़ी जा रही हैं। इस घटना ने राजधानी दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा की है।
