हथकड़ी

भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच की टिकट कालाबाजारी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,19 गिरफ्तार

नई दिल्ली,18 सितंबर (युआईटीवी)- दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले भारत और अफगानिस्तान के बीच फ्रेंडशिप कप टी-20 मुकाबलों से पहले टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मैच के टिकटों को निर्धारित कीमत से काफी अधिक दाम पर बेचने, दलाली करने और गैरकानूनी तरीके से दोबारा बिक्री करने के आरोप में पुलिस ने कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 71 क्रिकेट मैच टिकट और 7,400 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि टिकटों की अवैध बिक्री से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

पुलिस को जानकारी मिली थी कि भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैचों के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में कुछ लोग टिकटों की दलाली और कालाबाजारी कर सकते हैं। आशंका थी कि मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुँचने वाले दर्शकों की माँग का फायदा उठाकर टिकटों को वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बेचा जा सकता है। इस सूचना के बाद पुलिस ने संभावित दलालों पर नजर रखने और अवैध बिक्री को रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया।

आईपी एस्टेट थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार की निगरानी में एक विशेष एंटी-टाउटिंग टीम गठित की गई। टीम को स्टेडियम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ ऐसे लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई,जो मैच के टिकटों की अवैध बिक्री या दोबारा बिक्री में शामिल हो सकते थे। पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग स्थानों पर निगरानी बढ़ाई और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई गई।

पुलिस ने स्टेडियम के आसपास के साथ-साथ दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन और उससे जुड़े इलाकों को भी संवेदनशील स्थानों के रूप में चिन्हित किया। इन जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और बीट स्टाफ की तैनाती की गई। अधिकारियों ने टीमों को निर्देश दिया कि वे संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखें और टिकटों की खरीद-बिक्री से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें।

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने संदिग्ध लोगों पर गुप्त तरीके से निगरानी रखी। केवल शक के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी गतिविधियों की पुष्टि करने का प्रयास किया गया। जहाँ आवश्यक समझा गया,वहाँ पुलिस ने डिकॉय ग्राहक यानी नकली ग्राहक का इस्तेमाल कर यह पता लगाया कि संबंधित व्यक्ति टिकट किस कीमत पर और किस तरीके से बेच रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान टिकटों की अवैध बिक्री और री-सेल की पुष्टि होने के बाद आरोपियों को मौके पर पकड़ा गया।

पुलिस के अनुसार, 13, 15 और 17 सितंबर को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आईपी एस्टेट थाने में कुल 13 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट मैच से संबंधित 71 टिकट बरामद किए। इसके अलावा आरोपियों के पास से कुल 7,400 रुपये नकद भी मिले। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये टिकट आरोपियों को कहां से मिले और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

पुलिस की जाँच में सामने आया कि कुछ आरोपियों ने टिकटों को कम कीमत पर हासिल किया था। इसके बाद वे इन्हें मैच देखने के इच्छुक दर्शकों को काफी अधिक कीमत पर बेचने की कोशिश कर रहे थे। इस तरह टिकटों की माँग का फायदा उठाकर मुनाफा कमाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कालाबाजारी से वास्तविक दर्शकों को परेशानी होती है और उन्हें टिकट खरीदने के लिए निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

अभियान के दौरान अलग-अलग तारीखों में पुलिस ने कार्रवाई की। 14 सितंबर को चार मामले दर्ज किए गए और पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 29 क्रिकेट मैच टिकट बरामद हुए और 3,400 रुपये नकद मिले। इसके बाद 15 सितंबर को कार्रवाई करते हुए दस लोगों को पकड़ा गया। इस दौरान पुलिस ने 31 क्रिकेट मैच टिकट और 4,000 रुपये नकद बरामद किए। वहीं 17 सितंबर को तीन मामले दर्ज किए गए और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 11 क्रिकेट मैच टिकट बरामद हुए।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के जरिए टिकटों की खरीद और बिक्री से जुड़ी पूरी कड़ी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। विशेष रूप से यह जाँच की जा रही है कि आरोपियों ने टिकट किस माध्यम से हासिल किए थे। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या टिकट सीधे आधिकारिक माध्यम से खरीदे गए थे या किसी अन्य व्यक्ति अथवा समूह के जरिए आरोपियों तक पहुँचे।

जाँच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे थे या किसी संगठित समूह का हिस्सा थे। यदि टिकटों की आपूर्ति के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस टिकटों के स्रोत और उनके आरोपियों तक पहुँचने की प्रक्रिया की पुष्टि कर रही है।

मैचों के दौरान टिकटों की कालाबाजारी रोकना पुलिस के लिए सुरक्षा व्यवस्था का भी अहम हिस्सा है। बड़े क्रिकेट मुकाबलों में स्टेडियम के बाहर दर्शकों की भारी भीड़ जमा होती है। ऐसे में टिकट दलालों की गतिविधियों के कारण भीड़ बढ़ने,विवाद होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से पुलिस ने स्टेडियम के आसपास के प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यह संदेश भी गया है कि क्रिकेट मैचों के टिकटों की अवैध खरीद-बिक्री और कालाबाजारी को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। अधिकारियों ने विशेष टीमों के जरिए पहले से निगरानी शुरू कर दी थी,ताकि टिकटों की माँग बढ़ने का फायदा उठाकर कोई व्यक्ति अवैध रूप से मुनाफा न कमा सके।

भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले मुकाबलों को लेकर दर्शकों में उत्साह के बीच टिकटों की माँग भी बढ़ी है। ऐसे में पुलिस को आशंका थी कि कुछ लोग इसी मांग का फायदा उठाकर टिकटों को ऊँची कीमत पर बेच सकते हैं। विशेष अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारियों और बरामदगी से पता चलता है कि टिकटों की अवैध बिक्री रोकने के लिए पुलिस ने स्टेडियम के आसपास सक्रिय निगरानी व्यवस्था बनाई थी।

फिलहाल गिरफ्तार किए गए 19 आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद 71 टिकटों के स्रोत की जाँच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन टिकटों की आपूर्ति किसी एक स्रोत से हुई या अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों तक पहुँची। जाँच पूरी होने के बाद टिकट कालाबाजारी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि क्रिकेट मैचों के दौरान टिकटों की अवैध बिक्री पर नजर रखने के लिए निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।