गुरदासपुर,18 सितंबर (युआईटीवी)- पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर तीखा तंज कसा है। गुरदासपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी की तुलना ऐसी पूर्व प्रेमिका से कर दी,जो रिश्ता खत्म होने के बाद भी अपने पुराने साथी को भूल नहीं पा रही है। राघव चड्ढा ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब भाजपा पंजाब में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर रही है और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में यात्राएँ निकालने की तैयारी कर चुकी है।
राघव चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि आम आदमी पार्टी का हाल उस पूर्व प्रेमिका जैसा है, जिसका साथी उसे छोड़कर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका है,लेकिन वह अब भी पुराने रिश्ते को लेकर परेशान है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी की चिंता होती है और मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि कहीं उनकी याद में पार्टी के लोग अपने हाथ की नस न काट लें। उनका यह बयान पंजाब की राजनीति में दोनों दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में आ गया है।
राघव चड्ढा जिस कार्यक्रम में पहुँचे थे,वह भाजपा की ओर से शुरू की जा रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से जुड़ा था। भाजपा ने पंजाब में नशे के मुद्दे को प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक विषय बनाते हुए प्रदेशभर में चार यात्राएँ निकालने की योजना बनाई है। इन यात्राओं की शुरुआत 18 सितंबर से हुई है और अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होने वाली सभा के साथ प्रस्तावित है। भाजपा के अनुसार,इन यात्राओं का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और प्रभावित परिवारों से संवाद करना है।
भाजपा की योजना के मुताबिक,चारों यात्राएँ पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी और सामूहिक रूप से करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। पहली यात्रा पठानकोट जिले के माधोपुर से शुरू हुई है,जबकि दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब,तीसरी 20 सितंबर को फाजिल्का और चौथी 21 सितंबर को तलवंडी साबो से शुरू करने की योजना है। सभी यात्राएँ अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए जालंधर में पहुंचेंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पहली यात्रा को रवाना किया।
पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों ने कहा है कि पार्टी का उद्देश्य पंजाब की जमीन, युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को नशे के प्रभाव से बचाना है। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान ऐसे युवाओं और परिवारों से भी संपर्क किया जाएगा,जो नशे की समस्या से प्रभावित रहे हैं। पार्टी ने इस अभियान को ‘नशा मुक्त पंजाब’ नाम दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नशे के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी यात्रा के दौरान उठाए जाएँगे।
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने पंजाब में नशे की समस्या को एक बड़े सामाजिक मुद्दे के तौर पर पेश किया है। पार्टी का कहना है कि नशे का असर केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता,बल्कि इससे परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी प्रभावित होती है। भाजपा नेताओं ने नशे के साथ गैंगस्टर गतिविधियों और अपराध का मुद्दा भी जोड़ा है। पार्टी का दावा है कि वह पंजाब में ऐसी व्यवस्था की जरूरत पर जोर देगी,जिसमें नशे की रोकथाम के साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाए।
इस अभियान के राजनीतिक पहलू को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पंजाब में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा ने राज्य में अपना संगठनात्मक विस्तार बढ़ाने पर जोर दिया है। ऐसे में पूरे राज्य में यात्रा निकालकर सभी विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की रणनीति पार्टी के राजनीतिक अभियान का भी हिस्सा है। भाजपा इसे नशे के खिलाफ जनआंदोलन के रूप में प्रस्तुत कर रही है,जबकि विपक्षी दल इसके राजनीतिक प्रभाव और उद्देश्य को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
राघव चड्ढा ने इस दौरान पंजाब में कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। भाजपा नेता रविकरण सिंह काहलों ने अमृतसर में सहायक उपनिरीक्षक हरजीत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी भी अपराधियों के निशाने से बाहर नहीं हैं और ऐसी घटनाएँ कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की अपील की।
हरजीत सिंह की हत्या का मुद्दा उठाते हुए काहलों ने कहा कि दिनदहाड़े गोलीबारी की घटनाओं को रोकना जरूरी है। उनके मुताबिक,पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आम नागरिकों की। उन्होंने कहा कि पंजाब को असामाजिक तत्वों और अपराध से बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अपनी कार्रवाई और मजबूत करनी चाहिए।
भाजपा की ओर से शुरू किए गए इस अभियान में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी भी तय की गई है। अलग-अलग चरणों में केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता यात्राओं से जुड़ेंगे। अभियान का समापन जालंधर में प्रस्तावित सभा के साथ होगा। भाजपा ने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों तक पहुँचने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं,जिससे अभियान का दायरा व्यापक रखा जा सके।
पंजाब की राजनीति में नशे का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख रहा है। चुनावी राजनीति में भी अलग-अलग दल इस विषय को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। भाजपा अब इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी अभियान के रूप में जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल राजनीतिक बयानबाजी करना नहीं,बल्कि नशे से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सामने लाना और इस मुद्दे पर जनभागीदारी बढ़ाना है।
वहीं,राघव चड्ढा की आम आदमी पार्टी को लेकर की गई टिप्पणी ने इस अभियान को राजनीतिक रंग भी दे दिया है। उनके बयान से साफ है कि भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच पंजाब में राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है। राघव चड्ढा ने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में आम आदमी पार्टी पर व्यक्तिगत अंदाज में कटाक्ष किया,जबकि भाजपा का मौजूदा अभियान राज्य के सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला रहा है।
आने वाले दिनों में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के जरिए भाजपा जिन मुद्दों को उठाती है, उन पर आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। नशे की समस्या,कानून-व्यवस्था,अपराध और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज होने की संभावना है। इस बीच भाजपा की चारों यात्राओं का अलग-अलग इलाकों से गुजरना और प्रभावित परिवारों से संपर्क करना अभियान का प्रमुख हिस्सा रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि पंजाब में चुनावी माहौल बनने से पहले ही राजनीतिक दलों ने प्रमुख मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। भाजपा ने नशे के खिलाफ अभियान को प्रदेशव्यापी रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है,जबकि उसके नेता आम आदमी पार्टी पर लगातार राजनीतिक हमले कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं से पंजाब की राजनीतिक बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।
