सैक्रामेंटो,22 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित योसेमाइट नेशनल पार्क में जंगल की भीषण आग पर काबू पाने के अभियान के दौरान एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब हेलीकॉप्टर ‘डोम फायर’ पर पानी गिराने के अभियान में शामिल था। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुँचकर कार्रवाई शुरू की। दुर्घटना की परिस्थितियों की जाँच अब संबंधित विमानन और सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
यह हादसा रविवार, 20 सितंबर को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 2 बजकर 55 मिनट पर कैलिफोर्निया के मैरिपोसा काउंटी में हुआ। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में केवल दो लोग सवार थे और दोनों ही पायलट थे। बताया गया कि यह एक अनुबंधित हेलीकॉप्टर था, जिसे जंगल की आग से निपटने के अभियान में लगाया गया था। अभियान के दौरान विमान पानी से भरी एक बड़ी बाल्टी की मदद से आग की लपटों पर पानी डाल रहा था। इसी दौरान हेलीकॉप्टर योसेमाइट नेशनल पार्क में ऑस्ट्रैंडर झील के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
अलास्का डिवीजन ऑफ फॉरेस्ट्री एंड फायर प्रोटेक्शन ने हादसे में मारे गए पायलटों में से एक की पहचान ग्रेग किंग के रूप में की थी। बाद में दूसरे पायलट की पहचान भी रयान कटर के रूप में सामने आई। दोनों पायलट जंगल की आग से निपटने के लिए चलाए जा रहे हवाई अभियानों का हिस्सा थे। ग्रेग किंग का अलास्का में जंगल की आग से निपटने का लंबा अनुभव रहा था। अलास्का की अग्निशमन एजेंसी ने उन्हें समर्पित पायलट और अपने कई सहयोगियों का करीबी मित्र बताया। दोनों पायलटों की मौत से जंगल की आग से निपटने वाले दलों में शोक का माहौल है।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। संघीय विमानन प्रशासन और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। जाँच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पानी गिराने के अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर के साथ आखिर क्या हुआ और दुर्घटना के पीछे तकनीकी,मौसम संबंधी या अन्य कोई कारण था या नहीं। अधिकारियों की ओर से जाँच पूरी होने तक दुर्घटना की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है।
जिस आग को बुझाने के अभियान में हेलीकॉप्टर लगाया गया था,उसे ‘डोम फायर’ नाम दिया गया है। इस आग की पहली सूचना 15 सितंबर को योसेमाइट के वावोना इलाके में चिलनुआलना फॉल्स के पास मिली थी। इसके बाद आग ने तेजी से जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। आग को नियंत्रित करने के लिए जमीन पर मौजूद अग्निशमन दलों के साथ हेलीकॉप्टरों और अन्य हवाई संसाधनों की भी मदद ली जा रही है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में लगी आग तक जमीन के रास्ते पहुँचना मुश्किल होने के कारण हवाई अभियान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय उद्यान सेवा के अनुसार,सोमवार तक ‘डोम फायर’ पर करीब 15 प्रतिशत नियंत्रण हासिल किया जा चुका था। आग से कई हजार एकड़ क्षेत्र प्रभावित हुआ है और इसे नियंत्रित करने के लिए सैकड़ों कर्मियों को लगाया गया है। आग की वजह से योसेमाइट के कुछ ट्रेल और दूरदराज के जंगली क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। हालाँकि, पूरा योसेमाइट नेशनल पार्क बंद नहीं किया गया है और पार्क के अधिकांश हिस्सों में गतिविधियां जारी हैं।
जंगल की आग से निपटने के दौरान हवाई अभियानों में शामिल पायलटों के लिए जोखिम काफी अधिक होता है। उन्हें पहाड़ी क्षेत्रों, धुएँ,तेज हवाओं और सीमित दृश्यता के बीच बेहद कम ऊँचाई पर उड़ान भरनी पड़ती है। पानी से भरी भारी बाल्टी को लेकर उड़ान भरने और उसे आग के बिल्कुल करीब जाकर खाली करने के दौरान हेलीकॉप्टर को अतिरिक्त भार और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। योसेमाइट में हुआ हादसा भी ऐसे ही एक अभियान के दौरान हुआ, हालाँकि,दुर्घटना का वास्तविक कारण जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों में इस वर्ष जंगल की आग ने बड़ी चुनौती पैदा की है। लगातार गर्म मौसम,सूखे हालात और कई क्षेत्रों में कम नमी के कारण आग पर काबू पाने के अभियान मुश्किल बने हुए हैं। इस साल अमेरिका में जंगल की आग से निपटने के दौरान कई अग्निशमन कर्मियों और विमान चालकों की जान जा चुकी है। योसेमाइट हादसे में दो पायलटों की मौत ने एक बार फिर यह सामने ला दिया है कि जंगल की आग को नियंत्रित करने वाले अभियानों में शामिल कर्मियों को किस तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है।
इसी बीच,अमेरिका में इस महीने एक अन्य विमान हादसा भी चर्चा में रहा। फ्लोरिडा के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक अमेजन कार्गो विमान रनवे से आगे निकलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पाँच लोगों की मौत हुई थी,जबकि पाँच अन्य घायल हुए थे। दुर्घटना के बाद दमकल और बचाव दल की बड़ी टीम को मौके पर भेजा गया था। बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान बोइंग 767-300 कार्गो विमान था, जिसने प्यूर्टो रिको के सैन जुआन स्थित लुइस मुनोज मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।
योसेमाइट हेलीकॉप्टर हादसे और मियामी विमान दुर्घटना दोनों मामलों में जाँच एजेंसियाँ घटनाओं की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी हैं। वहीं, योसेमाइट में ‘डोम फायर’ पर काबू पाने का अभियान जारी है। आग प्रभावित इलाकों में तैनात टीमें आग को आगे फैलने से रोकने और प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने पर ध्यान दे रही हैं। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों पायलटों के परिवारों और सहकर्मियों के प्रति विभिन्न अग्निशमन संगठनों ने संवेदना व्यक्त की है।
