जापान में तूफान डुजुआन का कहर (तस्वीर क्रेडिट@Agencia_Andina)

जापान में तूफान डुजुआन का कहर,भारी बारिश और भूस्खलन से दो लोगों की मौत,चार लापता

टोक्यो,22 सितंबर (युआईटीवी)- जापान में शक्तिशाली तूफान डुजुआन ने राजधानी टोक्यो और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। तूफान के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ सामने आईं। इन हादसों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई,जबकि चार अन्य लोगों के लापता होने की खबर है। लगातार हुई बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों तक पहुँच गया। तूफान के कारण करीब 50 हजार घरों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। हालाँकि,तूफान अब उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ते हुए जापान के मुख्य इलाकों से दूर निकल गया है,लेकिन भारी बारिश के बाद जमीन के धँसने और भूस्खलन का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

जापानी मौसम अधिकारियों के अनुसार,तूफान डुजुआन के आगे बढ़ने के साथ कई क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनियों का स्तर कम किया गया है। इसके बावजूद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है,क्योंकि लगातार हुई बारिश के कारण जमीन में काफी पानी जमा हो चुका है। ऐसे हालात में पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी गंभीर हो सकती है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं।

कानागावा प्रांत के योकोसुका शहर में भूस्खलन की एक घटना में एक घर के अंदर कीचड़ और मलबा घुस गया। इस हादसे में करीब 60 वर्ष की एक महिला की मौत हो गई। भूस्खलन के कारण घर का एक हिस्सा मलबे से भर गया था और बचावकर्मियों को वहाँ पहुँचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने क्षेत्र में तलाशी और राहत अभियान चलाया। इसी प्रांत के मियूरा शहर में भी भूस्खलन से कई मकान प्रभावित हुए हैं। मलबे को हटाने और संभावित रूप से फँसे लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों को तैनात किया गया है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार,कानागावा में भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में चार लोगों के लापता होने की सूचना है। बचावकर्मी मलबे और क्षतिग्रस्त मकानों के आसपास तलाश कर रहे हैं। भारी बारिश के बाद कई जगह जमीन कमजोर हो गई है,जिससे राहत कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बचाव दलों को आशंका है कि कुछ क्षेत्रों में मलबा और बढ़ सकता है। इसलिए प्रभावित इलाकों में सुरक्षा उपायों के साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

चिबा प्रांत में भी तूफान से जुड़ी एक घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। सोदेगाउरा शहर में 51 वर्षीय एक व्यक्ति सड़क की मरम्मत के काम में जुटे थे। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान भूस्खलन हुआ और वह जिस भारी मशीन को चला रहे थे,वह मलबे की चपेट में आ गई। व्यक्ति मशीन के साथ मलबे में दब गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने यह भी दिखाया कि खराब मौसम के दौरान आवश्यक मरम्मत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों के लिए भी खतरा कितना बढ़ जाता है।

तूफान के चलते टोक्यो और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी। जापान के अग्निशमन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार,सोमवार को टोक्यो तथा आसपास के क्षेत्रों में 16 लाख से अधिक लोगों को निकासी की सलाह जारी की गई। हालाँकि,यह अनिवार्य निकासी आदेश नहीं था, फिर भी प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

तूफान के कारण जापान के कई हिस्सों में असाधारण मात्रा में बारिश दर्ज की गई। इजु ओशिमा में 48 घंटे के भीतर 832 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यह मात्रा सितंबर में वहाँ होने वाली पूरे महीने की औसत बारिश से दोगुने से भी अधिक बताई गई है। इतनी कम अवधि में इतनी अधिक बारिश होने से स्थानीय जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

टोक्यो के एडोगावा वार्ड में भी बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया। वहाँ 24 घंटे की अवधि में 282.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं,जबकि कई वाहन पानी में फँस गए। चिबा और कांतो क्षेत्र के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचने और भूमिगत स्थानों से दूर रहने की अपील की।

बाढ़ के दौरान भूमिगत मार्ग,अंडरपास और बेसमेंट विशेष रूप से खतरनाक हो सकते हैं। पानी तेजी से भरने की स्थिति में इन स्थानों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को मौसम और जलस्तर से संबंधित चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी। जिन इलाकों में भूस्खलन की आशंका है,वहाँ भी लोगों को ढलानों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया।

तूफान डुजुआन का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। मंगलवार सुबह तक चिबा और आसपास के इलाकों में करीब 50 हजार घरों की बिजली आपूर्ति बाधित थी। तेज हवाओं, भारी बारिश और बाढ़ के कारण बिजली के बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा। बिजली कंपनियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें क्षतिग्रस्त व्यवस्था की जाँच कर रही थीं और प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी था। कुछ क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न होने के कारण मरम्मत दलों को पहुँचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तूफान ने जापान की परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित किया। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। जापान एयरलाइंस ने 135 उड़ानें रद्द कीं, जबकि ऑल निप्पॉन एयरवेज ने 140 उड़ानों को रद्द किया। इसके अलावा टोक्यो और आसपास के क्षेत्रों में कई रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा या उनकी सेवाओं को सीमित करना पड़ा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।

तूफान का असर मनोरंजन और व्यावसायिक आयोजनों पर भी पड़ा। टोक्यो में आयोजित दुनिया के प्रमुख वीडियो गेम व्यापार आयोजनों में शामिल टोक्यो गेम शो का अंतिम दिन खराब मौसम के कारण निर्धारित समय से पहले समाप्त करना पड़ा। इसके अलावा मौसम की स्थिति को देखते हुए कुछ अन्य कार्यक्रमों को भी रद्द किया गया। आयोजकों ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रमों में बदलाव किए।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार,मंगलवार सुबह तक तूफान डुजुआन जापान से दूर उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा था और इसकी ताकत में कमी आई थी। इसके बाद कई क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनियों का स्तर कम कर दिया गया। हालाँकि,अधिकारियों ने साफ किया कि तूफान के कमजोर पड़ने का मतलब यह नहीं है कि खतरा पूरी तरह समाप्त हो गया है। भारी बारिश से जमीन पहले ही पानी से संतृप्त हो चुकी है और ऐसे में भूस्खलन तथा अचानक बाढ़ का जोखिम बना रह सकता है।

जापान में गर्मियों के अंतिम चरण और शुरुआती शरद ऋतु के दौरान शक्तिशाली तूफानों का आना असामान्य नहीं है। देश की भौगोलिक स्थिति और समुद्र से घिरे होने के कारण यहां उष्णकटिबंधीय तूफानों का असर अक्सर देखने को मिलता है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा और बढ़ जाता है। शहरी क्षेत्रों में भी अत्यधिक बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था पर दबाव पड़ता है और कुछ ही समय में सड़कों पर पानी भर सकता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक बारिश जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। बढ़ता वैश्विक तापमान वातावरण को अधिक नमी धारण करने में सक्षम बनाता है। जब ऐसी नमी भारी वर्षा के रूप में गिरती है,तो कम समय में बहुत अधिक बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। हालाँकि,किसी एक तूफान की तीव्रता या किसी विशेष घटना को केवल जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, लेकिन वैज्ञानिक लंबे समय से अत्यधिक वर्षा और गर्म होते वातावरण के बीच संबंधों का अध्ययन कर रहे हैं।

फिलहाल जापान में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा,लापता लोगों की तलाश और बुनियादी सेवाओं की बहाली है। बचाव दल भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाकर तलाशी अभियान चला रहे हैं। बिजली कंपनियाँ प्रभावित घरों में आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं,जबकि परिवहन सेवाओं को भी धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

तूफान डुजुआन अब जापान से आगे निकल चुका है,लेकिन इसके पीछे छोड़ी भारी बारिश और जलभराव ने कई इलाकों में संकट पैदा कर दिया है। दो लोगों की मौत और चार लोगों के लापता होने के बाद राहत एवं बचाव अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ के पानी की निकासी,कमजोर हो चुकी जमीन पर भूस्खलन रोकना,लापता लोगों की तलाश करना और बिजली तथा परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करना होगी। जापानी अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं,जबकि नागरिकों को खतरा पूरी तरह टलने तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।