नागोया,26 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के खाते में तीसरा स्वर्ण पदक जोड़ दिया। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों टीमों के बीच मुकाबला आखिरी मिनट तक बेहद करीबी रहा,लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के क्षणों में शानदार संयम दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में जीते अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव भी किया।
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। भारत और ईरान की खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और किसी भी टीम को आसानी से बढ़त बनाने का मौका नहीं दिया। भारतीय टीम ने जहां रेडिंग में अंक जुटाने की कोशिश की,वहीं उसके डिफेंस ने ईरानी रेडर्स को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा,दोनों टीमों के बीच अंकों का अंतर लगातार कम-ज्यादा होता रहा और दर्शकों की नजरें हर रेड और हर टैकल पर टिकी रहीं।
मुकाबले के अंतिम चरण में भारतीय टीम ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी थी। हालाँकि,ईरान ने हार मानने के बजाय लगातार वापसी की कोशिश की। आखिरी मिनट में ईरानी टीम को मुकाबले में बने रहने के लिए जरूरी अंकों की तलाश थी। ऐसे महत्वपूर्ण समय में भारत के डिफेंस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। ईरान की आयनाज को रोकने के लिए भारतीय डिफेंस ने निर्णायक टैकल किया। इस टैकल के साथ भारत ने ईरान की वापसी की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया और 37-34 की बढ़त के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत में पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली संजू देवी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने फाइनल में भी टीम के लिए अहम योगदान दिया और दबाव के बीच अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में एकजुट होकर खेल दिखाया और अंतिम क्षणों तक अपनी रणनीति पर कायम रहीं।
भारतीय महिला कबड्डी टीम में पूजा, राज रानी, सोनाली विष्णु शिंगटे, पुष्पा, भावना देवी, रितु, संजू देवी, रितु नेगी, मनीषा कुमारी, पिंकी रॉय, ज्योति और निकिता शामिल थीं। टीम ने टूर्नामेंट के दौरान लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और फाइनल में भी अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया। ईरान के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं था,लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर नियंत्रण दिखाया।
इस स्वर्ण पदक के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में अपनी मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित किया है। हांगझोऊ 2023 में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी टीम ने फाइनल में ईरान को हराकर खिताब अपने नाम किया। लगातार दो एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना भारतीय महिला कबड्डी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारतीय दल के लिए शनिवार का दिन कई मायनों में शानदार रहा। महिला कबड्डी टीम के स्वर्ण पदक से पहले सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ रेस पूरी की। उनके रजत पदक के साथ एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत का 44 साल लंबा पदक इंतजार समाप्त हुआ। बरवाल ने नागोया में आयोजित मैराथन में लगातार पदक की दौड़ में बने रहते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।
एथलेटिक्स के अलावा निशानेबाजी में भी भारत को पदक मिला। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन टीम स्पर्धा में आशी चौकसे,तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। भारतीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। इस पदक ने शनिवार को भारत की पदक तालिका में एक और महत्वपूर्ण इजाफा किया।
स्क्वैश में भी भारत के लिए पदक आया। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में हांगकांग के टैंग मिंग होंग और ली का यी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में हार के बावजूद भारतीय जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत की पदक संख्या में एक और इजाफा किया।
भारतीय महिला कबड्डी टीम की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि फाइनल में उसे ऐसी टीम का सामना करना पड़ा,जिसने आखिरी क्षण तक कड़ी चुनौती पेश की। 37-34 का स्कोर बताता है कि मुकाबला कितना करीबी रहा। ईरान ने लगातार अंतर कम करने की कोशिश की,लेकिन भारतीय डिफेंस ने निर्णायक समय पर जरूरी अंक हासिल किए। आखिरी मिनट में किया गया आयनाज पर टैकल मैच का सबसे महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ।
अब भारतीय पुरुष कबड्डी टीम भी शनिवार को ही फाइनल मुकाबले में उतरेगी। पुरुष टीम का सामना भी ईरान से होगा। भारतीय पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन है और वह अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। ऐसे में महिला टीम के स्वर्ण पदक जीतने के बाद पुरुष टीम पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सामने ईरान की मजबूत चुनौती होगी और दोनों टीमों के बीच मुकाबला भी बेहद प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए शनिवार का दिन पदकों से भरपूर रहा। महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरव दिलाया,जबकि सावन बरवाल और महिलाओं की राइफल थ्री पोजीशन टीम ने रजत पदक हासिल किए। स्क्वैश में भी भारत को कांस्य पदक मिला। महिला कबड्डी टीम की जीत ने इस शानदार दिन को स्वर्णिम बना दिया। लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब जीतकर भारतीय महिलाओं ने न केवल अपने पदक का बचाव किया,बल्कि दबाव भरे फाइनल में शानदार टीमवर्क और मजबूत डिफेंस का उदाहरण भी पेश किया।
