तेल अवीव,30 सितंबर (युआईटीवी)- दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया,जब विमान से इमरजेंसी सिग्नल जारी हुआ। विमान में 150 से अधिक यात्री सवार थे। कुछ समय के लिए ऐसी आशंका पैदा हो गई कि विमान को हाइजैक कर लिया गया है। हालाँकि,बाद में इजरायल ने स्पष्ट किया कि विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया है और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
जानकारी के मुताबिक,विमान ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान ने ट्रांसपोंडर पर 7700 कोड भेजा। विमानन क्षेत्र में 7700 कोड का इस्तेमाल सामान्य आपात स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। इसके बाद कुछ फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर कुछ समय के लिए 7500 कोड भी दिखाई दिया। 7500 कोड आमतौर पर विमान के हाइजैक होने या किसी तरह के गैर-कानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत देता है।
हालाँकि,विमान द्वारा 7500 कोड भेजे जाने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। उपलब्ध फ्लाइट-ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार, विमान ने पहले 7700 का आपातकालीन संकेत जारी किया था। इसके कुछ समय बाद 7500 कोड दिखाई देने से विमान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए इजरायली सुरक्षा एजेंसियां और सैन्य अधिकारी तत्काल सक्रिय हो गए।
इजरायली सुरक्षा सूत्रों के अनुसार,विमान में मौजूद पायलटों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस हुई थी। इसी घटनाक्रम के कारण विमान की ओर से गैर-कानूनी दखल से संबंधित संकेत जारी होने की स्थिति बनी। हालाँकि,शुरुआती आशंका के विपरीत विमान के वास्तव में हाइजैक होने की पुष्टि नहीं हुई है। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।
घटना के बाद इजरायल ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाए। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली वायु सेना ने विमान की दिशा में लड़ाकू विमानों को रवाना किया था। इसके साथ ही इजरायल के हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने की जानकारी मिलने के बाद हवाई क्षेत्र को दोबारा खोल दिया गया।
इस घटना को लेकर इजरायल के सैन्य नेतृत्व ने भी उच्चस्तरीय समीक्षा की। इजरायली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। बैठक में वायु सेना के प्रमुख मेजर जनरल ओमर टिशलर, ऑपरेशन्स डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल इत्जिक कोहेन और इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट के प्रमुख मेजर जनरल श्लोमी बाइंडर शामिल हुए।
फ्लाइट में बड़ी संख्या में यात्रियों के सवार होने के कारण शुरुआती इमरजेंसी संकेत ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। खासतौर पर 7500 कोड दिखाई देने के बाद विमान के अपहरण की आशंका और गंभीर हो गई थी। हालाँकि,बाद की जानकारी में विमान के सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतरने की पुष्टि हुई।
फिलहाल सामने आए विवरणों से संकेत मिलता है कि यह घटना पायलटों के बीच हुए विवाद और उसके बाद जारी किए गए आपातकालीन संकेतों से जुड़ी थी। विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने के बाद तत्काल किसी बड़े सुरक्षा खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की पूरी परिस्थितियों की समीक्षा इजरायली सुरक्षा और सैन्य अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
