फ्लाइट के अंदर दिल्ली पुलिस का एक्शन, हिरासत में दिपके, रांका और सौरव (तस्वीर क्रेडिट@itSachinverma)

सीजेपी के प्रदर्शन से पहले बड़ी कार्रवाई, अभिजीत दिपके समेत कई नेता हिरासत में; ध्रुव राठी और तुषार गांधी पर भी पुलिस का एक्शन

नई दिल्ली,10 अक्टूबर (युआईटीवी)- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया। पार्टी के मुताबिक, जिस विमान से अभिजीत दिपके राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे थे,उसके इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के कुछ ही देर बाद पुलिसकर्मी विमान के अंदर पहुँचे और उन्हें हिरासत में ले लिया। सीजेपी ने यह भी जानकारी दी कि उसकी कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिया गया है।

इस कार्रवाई के बीच मुंबई में महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। वह अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे,तभी पुलिस ने उन्हें रोककर अपने कब्जे में ले लिया। इससे पहले शनिवार सुबह यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वाले थे।

प्रदर्शन से पहले हुई इन कार्रवाइयों के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया है और वाहनों की जाँच तेज कर दी है।

सीजेपी के अनुसार,पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के लिए विमान में सवार थे। विमान के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद दिल्ली पुलिस के जवान उसके अंदर पहुँचे और उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभिजीत दिपके ने पुलिस से कहा, “मैं यहाँ गिरफ्तार होने के लिए आया हूँ। मुझे गिरफ्तार करो।”

पार्टी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करके अपने नेताओं की हिरासत की जानकारी साझा की। उसके मुताबिक,सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा,सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है,जब पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग उठाई जानी थी। हालाँकि,हिरासत में लिए गए नेताओं के खिलाफ पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

दिल्ली में सीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ मुंबई में भी पुलिस ने तुषार गांधी को हिरासत में लिया। वह अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे,तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। तुषार गांधी महात्मा गांधी के परपोते हैं और उनकी हिरासत की खबर भी प्रदर्शन से पहले हुई कार्रवाई के बीच सामने आई।

हालाँकि,उन्हें हिरासत में लेने के कारणों और इस संबंध में पुलिस की ओर से जारी विस्तृत जानकारी का स्पष्ट होना जरूरी है। अलग-अलग शहरों में हुई इन कार्रवाइयों के बाद प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों के बीच घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शनिवार सुबह यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया कि वह सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वाले थे। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम बनाया था।

ध्रुव राठी की हिरासत को लेकर भी विस्तृत आधिकारिक जानकारी और आगे की कार्रवाई का विवरण सामने आना बाकी है। इस बीच,दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के संवेदनशील इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।

सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शाहदरा जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि जिले के पूरे पुलिस स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से गाजियाबाद से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख किया।

उनके मुताबिक,जिले में गाजियाबाद की सीमा से जुड़े सात बॉर्डर पिकेट हैं। इनमें अप्सरा बॉर्डर पिकेट प्रमुख है,जहाँ पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। स्थानीय पुलिस के साथ यातायात पुलिस और अतिरिक्त बल भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। वाहनों की जाँच के साथ आने-जाने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले के भोपुरा बॉर्डर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यहाँ पुलिसकर्मी आने-जाने वाले वाहनों की जाँच कर रहे हैं। जिले की पुलिस के साथ यातायात पुलिस के जवान भी तैनात हैं,ताकि सुरक्षा जाँच के दौरान व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुँचे पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस सतर्क है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जाँच की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे दिए गए हैं। इनके माध्यम से मौके की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी और रिकॉर्डिंग की जा सकती है। पुलिस के अनुसार,इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखना और घटनाक्रम का रिकॉर्ड उपलब्ध रखना है।

सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली, गुरुग्राम और मुंबई में हुई हिरासत की कार्रवाइयों ने घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बना दिया है। राजधानी में सीमावर्ती इलाकों से लेकर संवेदनशील स्थानों तक पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। वाहनों की जाँच,बॉर्डर पिकेट पर निगरानी और बॉडी कैमरों के इस्तेमाल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।

फिलहाल, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति, उन्हें हिरासत में लेने के आधिकारिक कारणों और आगे की कानूनी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। प्रदर्शन को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं तथा परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठा रही हैं।