भूकंप

पनामा में दो शक्तिशाली भूकंपों से मची दहशत, 7.7 और 6.6 तीव्रता के झटकों से इमारतों को नुकसान

नई दिल्ली,10 अक्टूबर (युआईटीवी)- मध्य अमेरिकी देश पनामा में दो शक्तिशाली भूकंपों ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी। शुक्रवार देर रात आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद शनिवार को 6.6 तीव्रता का एक और जोरदार झटका महसूस किया गया। लगातार आए इन झटकों के कारण लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर पहुँच गए। भूकंप का असर राजधानी पनामा सिटी तक महसूस किया गया, जहाँ कई इमारतें हिल गईं और लोगों के घरों की दीवारों में दरारें आने की खबरें सामने आईं। कुछ इलाकों में इमारतों और सड़कों को भी नुकसान पहुँचा है। वहीं,शनिवार सुबह तिब्बत में भी 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।

पनामा में आए दोनों भूकंपों ने लोगों को काफी समय तक भयभीत रखा। पहला भूकंप बेहद शक्तिशाली था और इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई। इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता और कम गहराई के कारण आसपास के क्षेत्रों में तेज कंपन महसूस हुआ। राजधानी में भी इमारतें हिलने लगीं,जिससे लोगों को सँभलने का मौका नहीं मिला। घबराए हुए लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।

पहले भूकंप के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कर रहे लोगों को शनिवार सुबह एक और बड़े झटके का सामना करना पड़ा। दूसरे भूकंप की तीव्रता 6.6 दर्ज की गई और इसका केंद्र भी जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था। लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आने से लोगों की चिंता बढ़ गई। कई लोग घरों के अंदर लौटने से डरते रहे और रात से लेकर सुबह तक खुले स्थानों पर ही रुके रहे। उन्हें आशंका थी कि दोबारा भूकंप आने से इमारतों को और नुकसान हो सकता है।

भूकंप का प्रभाव पनामा के दक्षिणी हिस्से के साथ-साथ राजधानी पनामा सिटी तक पहुँचा। बताया गया कि भूकंप का केंद्र राजधानी से काफी दूरी पर होने के बावजूद वहाँ की इमारतों में तेज कंपन महसूस किया गया। कुछ स्थानों पर दीवारों में दरारें पड़ने और भवनों को नुकसान पहुँचने की जानकारी सामने आई। सड़कों को भी नुकसान होने की खबरें हैं। हालाँकि,नुकसान की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने और प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किए जाने के बाद ही स्थिति का सही अनुमान लगाया जा सकेगा।

भूकंप के दौरान लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अपने परिवार के सदस्यों को साथ लेकर घरों से बाहर निकल आए। ऊँची इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच विशेष रूप से डर देखा गया। रात के समय आए झटकों के कारण लोगों को अचानक सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ी। सुबह तक अनेक लोग अपने घरों के बाहर खड़े होकर अधिकारियों की ओर से मिलने वाली जानकारी का इंतजार करते रहे। लगातार झटकों के बाद इमारतों में लौटने को लेकर लोगों के मन में अनिश्चितता बनी रही।

पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने भूकंप के बाद पैदा हुई स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी इस तरह की घटना के लिए पूरी तरह तैयार नहीं होता। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि इतनी शक्तिशाली प्राकृतिक आपदा के बाद हालात का आकलन करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है।

राष्ट्रपति के मुताबिक,शुक्रवार शाम तक अधिकारियों को किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की जानकारी नहीं मिली थी। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले घंटों में स्थिति बदल सकती है। भूकंप से प्रभावित इलाकों की जाँच और नुकसान का आकलन किए जाने के दौरान नई जानकारियाँ सामने आने की संभावना बनी हुई थी। शुरुआती समय में हताहतों की जानकारी नहीं मिलना राहत की बात थी,लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता था कि भूकंप से किसी तरह का गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।

शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में सुनामी आने की आशंका ने भी चिंता बढ़ा दी। अमेरिकी प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने शुरुआत में पनामा के तटीय इलाकों के लिए संभावित सुनामी लहरों को लेकर चेतावनी जारी की थी। इससे समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई। हालाँकि,बाद में केंद्र ने स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी और सुनामी को लेकर जारी आशंका कम हो गई।

भूकंप के बाद तटीय क्षेत्रों में किसी भी संभावित खतरे पर नजर रखना महत्वपूर्ण था। समुद्र के भीतर या तटीय क्षेत्र के पास आने वाले शक्तिशाली भूकंप कभी-कभी सुनामी का कारण बन सकते हैं। हालाँकि,हर बड़े भूकंप के बाद सुनामी आना जरूरी नहीं होता। ऐसे में चेतावनी जारी होने और बाद में स्थिति सामान्य बताए जाने के बीच आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना लोगों के लिए अहम था।

पनामा में दो शक्तिशाली भूकंपों के बीच शनिवार सुबह तिब्बत में भी धरती हिलने की घटना दर्ज की गई। यहाँ भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताया गया। पनामा में आए भूकंपों की तुलना में इसकी तीव्रता काफी कम थी,लेकिन यह घटना अलग क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि का संकेत थी।

फिलहाल पनामा में सबसे बड़ी चिंता भूकंप से प्रभावित इमारतों, सड़कों और लोगों की सुरक्षा को लेकर बनी हुई थी। लगातार दो शक्तिशाली झटकों के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन और संभावित अतिरिक्त खतरे पर नजर रखना जरूरी था। शुरुआती जानकारी में किसी की मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई थी,लेकिन अधिकारियों ने हालात बदलने की आशंका से इनकार नहीं किया। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए सतर्क रहना और प्रशासन की सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण बना हुआ था।