शंघाई,10 अक्टूबर (युआईटीवी)- पोलैंड के टेनिस खिलाड़ी ह्यूबर्ट हरकाज ने शंघाई मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्बिया के दिग्गज खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। हरकाज ने पूर्व विश्व नंबर एक जोकोविच को सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से मात दी। यह उनके पेशेवर करियर में जोकोविच के खिलाफ पहली जीत है। इससे पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच आठ मुकाबले हुए थे,जिनमें हरकाज को सफलता नहीं मिली थी। नौवीं भिड़ंत में उन्होंने अपने दमदार खेल से इस सिलसिले को समाप्त कर दिया।
इस जीत के साथ हरकाज ने शंघाई मास्टर्स में अपने शानदार प्रदर्शन को भी आगे बढ़ाया। वह वर्ष 2023 में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीत चुके हैं और अब यहाँ लगातार आठ मुकाबले जीतने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। जोकोविच जैसे अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ उनकी सर्विस,आक्रामक खेल और बेसलाइन से लगाए गए सटीक शॉट निर्णायक साबित हुए। दूसरी ओर,जोकोविच पूरे मुकाबले में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए।
यह मुकाबला हरकाज के लिए कई मायनों में खास रहा। उन्होंने न केवल एक दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ पहली जीत दर्ज की, बल्कि हार्ड कोर्ट पर अपनी क्षमता का भी प्रदर्शन किया। इस परिणाम से टूर्नामेंट में उनकी दावेदारी मजबूत हुई है और टेनिस जगत में उनके प्रदर्शन की चर्चा तेज हो गई है।
मुकाबले की शुरुआत से ही हरकाज ने अपनी सर्विस पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा। उनकी लंबी और तेज सर्विस ने जोकोविच को लगातार दबाव में रखा। पोलैंड के खिलाड़ी ने कोर्ट पर अपनी लंबाई और पहुँच का प्रभावी इस्तेमाल किया तथा बेसलाइन से भी आक्रामक शॉट लगाए। इससे जोकोविच को अपने स्वाभाविक खेल के अनुसार अंक बनाने के कम अवसर मिले।
पहले सेट में हरकाज ने महत्वपूर्ण मौकों पर संयम दिखाया और 6-4 से सेट अपने नाम कर लिया। सेट के दौरान उन्होंने जोकोविच को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हरकाज की सर्विस की गति और सटीकता के कारण सर्बियाई खिलाड़ी को वापसी के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी।
दूसरे सेट में भी मुकाबले का रुख लगभग ऐसा ही रहा। हरकाज ने अपनी रणनीति में निरंतरता बनाए रखी और दबाव के क्षणों में गलतियां करने से बचते रहे। उन्होंने जोकोविच की सर्विस दो बार तोड़ी,जबकि खुद अपने खिलाफ आए दोनों ब्रेक प्वाइंट बचाने में सफल रहे। इस तरह उन्होंने 6-4 से दूसरा सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हरकाज की जीत में उनकी मानसिक मजबूती की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जोकोविच को बड़े मुकाबलों में वापसी करने और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जाना जाता है। ऐसे खिलाड़ी के खिलाफ बढ़त बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन हरकाज ने पूरे मैच में अपनी रणनीति पर भरोसा रखा।
मुकाबले के बाद हरकाज ने इसे अपने लिए विशेष रात बताया। उन्होंने कहा कि वह लगभग सात वर्षों से जोकोविच के खिलाफ खेल रहे हैं,लेकिन इससे पहले उन्हें कभी जीत नहीं मिली थी। उनके अनुसार,जोकोविच लंबे समय से टेनिस के महान चैंपियनों में शामिल रहे हैं और लगातार शीर्ष स्तर पर बने रहना उनकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है।
हरकाज ने कहा कि बीजिंग में हाल ही में खिताब जीतने के बाद जोकोविच के खिलाफ खेलना बेहद कठिन चुनौती थी। उन्होंने इस दिग्गज खिलाड़ी के साथ कोर्ट साझा करने को अपने लिए खुशी का अनुभव बताया। हरकाज के मुताबिक,ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने से किसी भी टेनिस खिलाड़ी को अपने स्तर को परखने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने स्वीकार किया कि मुकाबले के शुरुआती चरण में जोकोविच को बढ़त बनाने से रोकना बेहद जरूरी था। उनका मानना था कि यदि सर्बियाई खिलाड़ी शुरुआत में आगे निकल जाते,तो उन्हें रोकना और मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो सकता था।
हरकाज ने कहा कि मैच के अंतिम क्षणों में वह थोड़ा घबरा रहे थे। हालाँकि,जोकोविच के खिलाफ पहले भी सेट में बढ़त हासिल करने का अनुभव होने के कारण उन्होंने अपना ध्यान खेल पर केंद्रित रखने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि वह इस बात पर ध्यान दे रहे थे कि उन्हें किस तरह खेलना है और किन रणनीतियों पर अमल करना है। अंत में वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए।
जोकोविच पर जीत के साथ हरकाज ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। वह हार्ड कोर्ट पर रोजर फेडरर,राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच तीनों के खिलाफ कम से कम एक मुकाबला जीतने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
उनसे पहले ब्रिटेन के एंडी मरे,ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम और जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। फेडरर, नडाल और जोकोविच को आधुनिक टेनिस के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिना जाता है। इन तीनों के खिलाफ हार्ड कोर्ट पर जीत दर्ज करना हरकाज के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
हरकाज का शंघाई मास्टर्स में पहले से अच्छा रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2023 में उन्होंने इसी प्रतियोगिता का खिताब जीता था। ऐसे में जोकोविच के खिलाफ मिली जीत उनके लिए इस टूर्नामेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का एक और अवसर बनी है।
उनकी लंबाई,सर्विस और कोर्ट पर तेजी से अपनी स्थिति बदलने की क्षमता हार्ड कोर्ट पर विशेष रूप से उपयोगी साबित होती है। इस मुकाबले में भी उन्होंने इन खूबियों का अच्छा इस्तेमाल किया और जोकोविच को लगातार दबाव में रखा।
शंघाई मास्टर्स में प्रवेश करने से पहले दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी चर्चा में था। जोकोविच ने बीजिंग में चाइना ओपन का खिताब जीतकर शानदार फॉर्म का संकेत दिया था। उस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का 102वां टूर-स्तरीय खिताब हासिल किया था।
दूसरी ओर,हरकाज भी चीन में खेले जा रहे टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। वह चेंगदू ओपन के फाइनल तक पहुँचे थे,जहाँ उन्हें स्पेन के एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह दोनों खिलाड़ी शंघाई मास्टर्स में आत्मविश्वास के साथ पहुंचे थे।
हालाँकि,शंघाई में मुकाबले के दौरान हरकाज अधिक तरोताजा और शारीरिक रूप से बेहतर स्थिति में नजर आए। जोकोविच के लिए यह मुकाबला पिछले 10 दिनों में छठा मैच था। इससे पहले बीजिंग में खिताब जीतने के लिए उन्हें कई मुकाबले खेलने पड़े थे। लगातार मैचों का शारीरिक प्रभाव उनके प्रदर्शन पर पड़ा हो सकता है, हालाँकि,केवल इसी वजह से उनकी हार को नहीं समझा जा सकता।
हरकाज ने अपनी फिटनेस के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन का भी परिचय दिया। उन्होंने अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय अपनी सर्विस पर भरोसा रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए। यही अंतर अंततः परिणाम में दिखाई दिया।
जोकोविच के खिलाफ मिली जीत ने शंघाई मास्टर्स में हरकाज की स्थिति को मजबूत किया है। वर्ष 2023 के चैंपियन के रूप में वह इस प्रतियोगिता में पहले भी अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। अब लगातार आठ जीत और जोकोविच पर पहली सफलता उनके आत्मविश्वास को और बढ़ा सकती है।
इस मुकाबले ने यह भी दिखाया कि शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अंतर केवल अनुभव से तय नहीं होता। सर्विस की गुणवत्ता, शारीरिक तैयारी, दबाव को सँभालने की क्षमता और सही समय पर आक्रामक रुख अपनाना भी परिणाम को प्रभावित करते हैं। हरकाज ने इन सभी पहलुओं में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
जोकोविच के लिए यह हार टूर्नामेंट में एक बड़ा झटका है,खासकर तब जब वह बीजिंग में खिताब जीतकर शंघाई पहुँचे थे। हालाँकि,उनके लंबे करियर और उपलब्धियों को देखते हुए एक मुकाबले का परिणाम उनकी समग्र क्षमता का आकलन नहीं कर सकता।
फिलहाल,हरकाज की नजरें शंघाई मास्टर्स में आगे बढ़ने और खिताब की दौड़ में बने रहने पर होंगी। जोकोविच के खिलाफ पहली जीत उनके करियर की यादगार सफलताओं में शामिल हो गई है। मजबूत सर्विस,सटीक शॉट और दबाव में संयम के दम पर उन्होंने साबित किया कि वह बड़े मंच पर शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
