न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज विल ओ'रूर्के चोट के कारण भारत दौरे से बाहर (तस्वीर क्रेडिट@himanii_68)

भारत के खिलाफ सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोट के कारण विल ओ’रूर्के टीम से बाहर

नई दिल्ली,10 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज से पहले न्यूजीलैंड की टीम को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज विल ओ’रूर्के चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज में नहीं खेल पाएँगे। बाईं हैमस्ट्रिंग और पिंडली की समस्या से जूझ रहे 25 वर्षीय गेंदबाज फिलहाल रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। न्यूजीलैंड टीम प्रबंधन ने उन्हें पर्याप्त आराम देने का फैसला किया है,ताकि वह जल्दबाजी में मैदान पर लौटने के बजाय पूरी तरह फिट हो सकें। टीम को आने वाले महीनों में कई अहम मुकाबले खेलने हैं,इसलिए प्रबंधन उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।

भारत का न्यूजीलैंड दौरा दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे पर पांच टी20 अंतर्राष्ट्रीय,पाँच एकदिवसीय और दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं। ऐसे में घरेलू मैदान पर मजबूत प्रदर्शन करने के लिए न्यूजीलैंड को अपने प्रमुख खिलाड़ियों की सेवाओं की जरूरत होगी। ओ’रूर्के को वनडे और टेस्ट, दोनों प्रारूपों की योजनाओं में शामिल किया गया था। उनके बाहर होने से टीम के तेज गेंदबाजी विभाग को नुकसान पहुँच सकता है। हालाँकि,प्रबंधन का मानना है कि चोट से पूरी तरह उबरने के बाद उनकी वापसी कराना अधिक जरूरी है।

न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने ओ’रूर्के के सीरीज से बाहर होने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाला दौरा काफी महत्वपूर्ण है और ओ’रूर्के इस दौरान टीम की योजनाओं का हिस्सा थे। इसके बावजूद खिलाड़ी और टीम प्रबंधन के बीच बातचीत के बाद उन्हें अतिरिक्त समय देने पर सहमति बनी। कोच के मुताबिक,तेज गेंदबाज को दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उतारने से पहले उनकी फिटनेस सुनिश्चित करना जरूरी है।

वाल्टर ने यह भी बताया कि आने वाले कुछ महीनों में न्यूजीलैंड को अपने तेज गेंदबाजी संसाधनों का सावधानी से इस्तेमाल करना होगा। टीम के सामने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की महत्वपूर्ण सीरीज है,जिसके लिए अनुभवी और पूरी तरह फिट गेंदबाजों की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए ओ’रूर्के की वापसी की योजना बनाई जा रही है। टीम प्रबंधन चाहता है कि वह चोटों से उबरकर लंबे समय तक लगातार खेल सकें, न कि जल्द वापसी के बाद फिर किसी परेशानी का सामना करना पड़े।

विल ओ’रूर्के का हालिया करियर चोटों से काफी प्रभावित रहा है। पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें लगभग सात महीने तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने इस साल अप्रैल में बांग्लादेश के खिलाफ न्यूजीलैंड के सीमित ओवरों के दौरे से वापसी की। लंबे अंतराल के बाद मैदान पर लौटे ओ’रूर्के के लिए यह वापसी महत्वपूर्ण थी,क्योंकि वह टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अपनी जगह मजबूत करना चाहते थे।

जून में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान उन्होंने तीनों मुकाबलों में हिस्सा लिया। हालाँकि,नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन उनकी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया। इस चोट के कारण उन्हें फिर मैदान से बाहर होना पड़ा। इसके बाद से वह कोई प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेल सके हैं। जब उनकी वापसी की उम्मीद की जा रही थी,तभी अगस्त में अभ्यास के दौरान उनकी पिंडली में खिंचाव आ गया। इस नई परेशानी ने उनकी वापसी की प्रक्रिया को और लंबा कर दिया।

लगातार चोटों के कारण ओ’रूर्के की फिटनेस अब न्यूजीलैंड के लिए महत्वपूर्ण चिंता बन गई है। तेज गेंदबाजों पर लंबे स्पेल और लगातार मैचों के दौरान काफी शारीरिक दबाव पड़ता है। ऐसे में पूरी तरह ठीक हुए बिना मैदान पर उतरना चोट को गंभीर बना सकता है। यही वजह है कि टीम प्रबंधन उनकी रिकवरी को प्राथमिकता दे रहा है।

न्यूजीलैंड की योजना है कि ओ’रूर्के दिसंबर के आखिर में घरेलू प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता प्लंकेट शील्ड में कैंटरबरी की ओर से खेलकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करें। हालाँकि, यह उनकी फिटनेस और रिहैबिलिटेशन की प्रगति पर निर्भर करेगा। यदि उनकी रिकवरी योजना के अनुसार आगे बढ़ती है,तो वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी। ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों की भूमिका काफी अहम रहती है। ऐसे में ओ’रूर्के जैसे गेंदबाज का पूरी तरह फिट होना न्यूजीलैंड के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालाँकि,उनकी वापसी की तारीख को लेकर अंतिम फैसला मेडिकल टीम और प्रबंधन उनकी स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही करेंगे।

इस बीच,न्यूजीलैंड रविवार को भारत के खिलाफ सीरीज के लिए अपनी टीम की घोषणा करेगा। ओ’रूर्के की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं को तेज गेंदबाजी संयोजन पर नए सिरे से विचार करना होगा। भारत के खिलाफ लंबे दौरे में अलग-अलग प्रारूपों के लिए खिलाड़ियों का चयन और उनका कार्यभार सँभालना भी अहम रहेगा। न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि चोटों से प्रभावित खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना मजबूत टीम उतारी जाए। ओ’रूर्के के लिए फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता पूरी तरह स्वस्थ होकर वापसी करना है,ताकि वह आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों में टीम के लिए योगदान दे सकें।