फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (तस्वीर क्रेडिट@EmmanuelMacron)

रूस के बढ़ते हमलों के बीच यूक्रेन के साथ खड़ा फ्रांस,मैक्रों ने जेलेंस्की को दिया समर्थन; वायु रक्षा मजबूत करने की तैयारी

फ्रांस,16 अक्टूबर (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बातचीत कर उन्हें निरंतर समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस यूक्रेन को अपनी रक्षा करने,आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थायी शांति हासिल करने के प्रयासों में सहयोग देता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करने के बावजूद तनाव बढ़ाने का रास्ता अपना रहा है। वहीं,जेलेंस्की ने रूस के लगातार हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन को अपनी वायु रक्षा मजबूत करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सहायता की जरूरत है।

दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा ढाँचे को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। यूक्रेन का कहना है कि रूस के हमलों से बिजली आपूर्ति और नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर,फ्रांस ने यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने और युद्ध के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए बताया कि उन्होंने रात में राष्ट्रपति जेलेंस्की से दोबारा बातचीत की। उन्होंने कहा कि फ्रांस यूक्रेन और उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है तथा आगे भी अपनी जिम्मेदारियां निभाता रहेगा।

मैक्रों के अनुसार, रूस ने मोर्चे पर आ रही कठिनाइयों के बीच हालात को और गंभीर बनाने का रास्ता चुना है। ऐसे में यूक्रेन को अपनी रक्षा करने के लिए आवश्यक सहायता और संसाधन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यूक्रेन के नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए सहयोग जारी रहना चाहिए।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश यूक्रेन को मजबूत और स्थायी शांति हासिल करने की दिशा में समर्थन देता रहेगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि फ्रांस की रणनीति में यूक्रेन की सैन्य क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य में टिकाऊ शांति की संभावनाओं को बनाए रखना भी शामिल है।

फ्रांस यूरोप के उन देशों में शामिल है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन की सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के पक्ष में रहे हैं। मैक्रों के ताजा बयान में भी सैन्य सहायता और कूटनीतिक प्रयासों,दोनों को महत्व दिया गया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मैक्रों के साथ हुई बातचीत को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि रूस की बढ़ती आक्रामकता का समाधान खोजने के लिए फ्रांस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की यूक्रेन सराहना करता है।

जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया संदेश में दावा किया कि दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान ही रूस ने यूक्रेन के लुत्स्क शहर में ऊर्जा ढाँचे पर एक और ड्रोन हमला किया। उनके अनुसार,इस हमले के कारण शहर में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के दिनों में इस तरह के हमले लगातार हो रहे हैं और इनसे आम नागरिकों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ऊर्जा संयंत्रों और बिजली आपूर्ति से जुड़े ढाँचे को नुकसान पहुँचने पर घरों,अस्पतालों, कारोबार और अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन में मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।

हालाँकि,हमले से हुए नुकसान की पूरी जानकारी और उसके सभी प्रभावों का स्वतंत्र आकलन अलग से किया जाना जरूरी है। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से किए गए दावों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जानकारी और संबंधित अधिकारियों के विवरण महत्वपूर्ण होते हैं।

जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से ऊर्जा ढाँचे पर हमले रोकने और संघर्षविराम की अपील को नजरअंदाज किया है। उनके अनुसार,लगातार हो रहे हमले शांति स्थापित करने के प्रयासों को मुश्किल बना रहे हैं।

यूक्रेन लंबे समय से ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को युद्ध के समाधान से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल करता रहा है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से न केवल औद्योगिक गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं,बल्कि आम लोगों को भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि रूस स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा में आ रही समस्याओं का फायदा उठाकर जरूरी संसाधनों और सुविधाओं को अधिक नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि,इस आरोप के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे की पुष्टि के लिए अतिरिक्त साक्ष्यों की आवश्यकता होगी।

मैक्रों के साथ बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इस महीने यूक्रेन की वायु सेना को मजबूत करने के लिए नए सहायता पैकेज दिए जाएँगे। इसका उद्देश्य रूसी हमलों का मुकाबला करने और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा में सुधार करना है।

वायु रक्षा युद्ध के मौजूदा स्वरूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ड्रोन और मिसाइल हमलों से ऊर्जा संयंत्रों,सैन्य ठिकानों तथा शहरी क्षेत्रों को बचाने के लिए निगरानी,अवरोधन और जवाबी रक्षा प्रणालियों की जरूरत होती है। यूक्रेन के लिए इन क्षमताओं को मजबूत करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है,क्योंकि लगातार होने वाले हमलों से उसके रक्षा संसाधनों पर दबाव पड़ता है।

जेलेंस्की ने यूरोप की बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली पर काम तेज करने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि ‘फ्रेया’ प्रणाली इस वर्ष के अंत तक पूरी तरह संचालन में आ जाए। हालाँकि,इस प्रणाली की तकनीकी क्षमताओं,तैनाती और निर्धारित समयसीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने फ्रांस की ओर से हथियार उत्पादन से संबंधित सभी जरूरी लाइसेंस मंजूर किए जाने पर मैक्रों का आभार जताया। जेलेंस्की के मुताबिक,यूक्रेन के साथ किए गए वादों के अनुरूप इन मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि अब जरूरी है कि संबंधित योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए।

हथियार उत्पादन से जुड़े लाइसेंस मिलने से रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। इससे संबंधित परियोजनाओं को लागू करने और रक्षा उत्पादन की योजनाओं पर काम करने में मदद मिल सकती है। हालाँकि,वास्तविक उत्पादन और आपूर्ति की गति उपलब्ध संसाधनों,तकनीकी व्यवस्थाओं तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

मैक्रों और जेलेंस्की की बातचीत से स्पष्ट है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फ्रांस यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करने और स्थायी शांति के प्रयासों को समर्थन देने पर जोर दे रहा है। यूक्रेन की ओर से ऊर्जा ढाँचे पर हमलों,वायु रक्षा की जरूरत और हथियार उत्पादन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित सहायता पैकेज कितनी जल्दी उपलब्ध होते हैं और यूरोपीय रक्षा सहयोग की योजनाएं किस गति से आगे बढ़ती हैं। साथ ही,संघर्षविराम और शांति वार्ता की संभावनाएँ भी इस युद्ध की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगी। फिलहाल,फ्रांस ने यूक्रेन के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है,जबकि यूक्रेन अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रूसी हमलों से नागरिकों तथा जरूरी बुनियादी ढाँचे को बचाने के प्रयास जारी रखे हुए है।