इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस (तस्वीर क्रेडिट@vishal_yadav22)

इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस,बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में अभिनेता

मुंबई,16 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश देने वाले नोटिस को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, अभिनेता इस नोटिस को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने पर विचार कर रहे हैं। यह नोटिस विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय की ओर से जारी किया गया है, जिसमें विदेशी नागरिकों से संबंधित कानून के उल्लंघन का हवाला देते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। हालाँकि,अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अभिनेता की ओर से अदालत में याचिका कब दाखिल की जाएगी।

इस मामले ने उस समय अधिक ध्यान खींचा,जब इमरान खान मुंबई में आयोजित एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद उनकी नागरिकता, भारत में उनकी कानूनी स्थिति और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के अधिकार को लेकर सवाल उठने लगे। अब नोटिस को लेकर संभावित कानूनी चुनौती से यह मामला एक नए मोड़ पर पहुँचता दिखाई दे रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,इमरान खान विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के खिलाफ कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए वह बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस मामले में उन्होंने अपनी कानूनी पैरवी के लिए एमजेडएम लीगल एलएलपी की सेवाएँ ली हैं।

नोटिस में अभिनेता को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसमें विदेशी नागरिकों से जुड़े कानून के कथित उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। हालाँकि, नोटिस में उठाए गए मुद्दों और अभिनेता की ओर से संभावित जवाब के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत यदि अभिनेता अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं,तो उनकी याचिका में नोटिस को चुनौती देने के आधार और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा सकते हैं। हालाँकि,याचिका दाखिल होने और अदालत में सुनवाई शुरू होने से पहले यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस मामले में आगे क्या निर्णय हो सकता है।

अभिनेता की कानूनी टीम की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कानूनी फर्म के प्रबंध भागीदार जुल्फिकार मेमन से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया माँगी गई,तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अभिनेता अदालत में किन आधारों पर चुनौती पेश करेंगे और उनकी ओर से अगला कदम कब उठाया जाएगा।

इमरान खान से जुड़ा यह मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के बाद चर्चा में आया था। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित किया गया था,जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग उठाई गई थी। अभिनेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान सहित कई लोगों को हिरासत में लिया था। हालाँकि,बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। उस समय यह कार्रवाई विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों के संदर्भ में चर्चा में आई थी। इसके बाद अभिनेता की नागरिकता और राजनीतिक प्रदर्शन में उनकी भागीदारी को लेकर अलग-अलग सवाल उठने लगे।

विवाद का प्रमुख पहलू यह है कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,उनके पास अमेरिकी नागरिकता और अमेरिकी पासपोर्ट है। साथ ही, उनके पास भारत का प्रवासी भारतीय नागरिक कार्ड भी है,जिसे सामान्य तौर पर ओसीआई कार्ड कहा जाता है। इसी स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए कि क्या वह भारत में इस तरह के राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में भाग ले सकते हैं और उनके लिए कौन-से नियम लागू होते हैं।

हालाँकि,किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर उठे सवाल और विदेशी नागरिकों पर लागू कानूनी प्रावधान अलग-अलग मुद्दे हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी नोटिस का आधार और उसकी वैधता कानूनी प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती है। अभिनेता की ओर से संभावित याचिका दाखिल होने पर इन्हीं पहलुओं पर बहस होने की संभावना है।

इस विवाद में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत का भी उल्लेख किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित पुलिस और अधिकारियों से यह जाँच करने की मांग की थी कि अमेरिकी नागरिक होने के बावजूद इमरान खान को भारत में राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अनुमति किस आधार पर मिली।

सोमैया ने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और आव्रजन अधिकारियों को पत्र लिखे थे। उन्होंने अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर जारी करने की माँग भी की थी। ऐसे सर्कुलर का इस्तेमाल निर्धारित परिस्थितियों में किसी व्यक्ति की आवाजाही पर नजर रखने या संबंधित अधिकारियों को उसके बारे में सतर्क करने के लिए किया जा सकता है।

सोमैया की शिकायत के बाद अभिनेता की नागरिकता और उनकी भारत में मौजूदगी से संबंधित मुद्दे चर्चा में आए। हालाँकि,शिकायत किए जाने और किसी आरोप के कानूनी रूप से साबित होने के बीच अंतर होता है। किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का आधार संबंधित कानून,उपलब्ध तथ्यों और सक्षम अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करता है।

इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि इमरान खान के पास अमेरिकी पासपोर्ट होने के साथ ओसीआई कार्ड भी है। ओसीआई कार्ड भारत में रहने और कुछ निर्धारित सुविधाओं का लाभ लेने से संबंधित अधिकार प्रदान करता है,लेकिन इसे भारतीय नागरिकता नहीं माना जाता। इसके साथ ही,ओसीआई कार्डधारकों पर लागू नियमों और प्रतिबंधों को ध्यान में रखकर ही उनकी गतिविधियों का कानूनी आकलन किया जा सकता है।

इमरान खान के मामले में अब आगे की कार्रवाई उनके संभावित कानूनी कदम और संबंधित अधिकारियों के रुख पर निर्भर करेगी। यदि अभिनेता बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हैं,तो अदालत के सामने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया,उसके आधार और लागू कानूनी प्रावधानों से जुड़े सवाल आ सकते हैं।

फिलहाल,याचिका दाखिल करने की तारीख तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है। न ही अभिनेता की कानूनी टीम ने इस बारे में विस्तार से बताया है कि नोटिस को चुनौती देने के लिए किन आधारों का सहारा लिया जाएगा। ऐसे में मामले के अगले चरण को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

28 अक्टूबर की समयसीमा इस विवाद का अहम पहलू बनी हुई है। अभिनेता के पास उपलब्ध कानूनी विकल्पों और उनके इस्तेमाल के समय को देखते हुए आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की जानकारी सामने आ सकती है। यदि अदालत में याचिका दाखिल होती है,तो उससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिनेता नोटिस को किस आधार पर चुनौती दे रहे हैं और इस पर न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

फिलहाल,इमरान खान को जारी नोटिस, 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन और उनके खिलाफ की गई शिकायतों ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अभिनेता निर्धारित समयसीमा से पहले अदालत का रुख करते हैं या नहीं और संबंधित अधिकारी इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।