नई दिल्ली,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में लगातार मौका नहीं मिलने का मुद्दा चर्चा में बना हुआ है। उनके प्रशंसक यह जानना चाहते हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पाँच मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें मैदान पर उतरने का अवसर मिलेगा या नहीं। इस सवाल के बीच भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा खिलाड़ी को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने साफ किया कि वैभव अभी काफी युवा हैं और उनके पास खुद को साबित करने के लिए लंबा समय है। साथ ही,टीम के मौजूदा सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन को देखते हुए अंतिम एकादश में बदलाव करना आसान नहीं है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेला जाना है। मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल पूछे गए। कप्तान अय्यर के जवाब से संकेत मिला कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज पर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय उसे धैर्य रखने की सलाह दे रहा है। हालाँकि,उन्होंने वैभव को प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने को लेकर किसी निश्चित फैसले की घोषणा नहीं की।
वैभव को टीम में मौका नहीं मिलने के कारण उनके प्रशंसकों के बीच लगातार चर्चा हो रही है। युवा बल्लेबाज ने कम समय में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है और उनके आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा है। इसके बावजूद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में टीम संयोजन,खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और विपक्षी टीम के हिसाब से रणनीति तय करना कप्तान तथा कोचिंग स्टाफ के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को टीम में जगह पाने के लिए इंतजार भी करना पड़ सकता है।
🏮 VAIBHAV SOORYAVANSHI CAN MISS ALSO IN NEW ZEALAND 🤯
Shreyas 🗣️: He has many more years to get opportunities, it is not that he can come and walk in straight away because our openers are also scoring consistently. And he also won the World Cup
– I totally agree with captain shreyas iyer because vaibhav sooryavanshi is too young, Aur_vicky/VK
– but if you have added him in the squad then you should give at least 1 match to play him
Hope shreyas & Gautam Gambhir will think about it
— VK (@Aur_vicky) October 21, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव जैसी प्रतिभा के लिए जरूरी है कि वह ड्रेसिंग रूम में खुश और सकारात्मक बना रहे। उन्होंने कहा कि वैभव अभी बहुत युवा हैं और उनके सामने आगे बढ़ने के लिए कई साल हैं। कप्तान के मुताबिक,टीम में शामिल होने का अवसर केवल प्रतिभा के आधार पर तुरंत नहीं मिल सकता,क्योंकि मौजूदा सलामी बल्लेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने भारत को विश्व कप जिताने में भी अहम भूमिका निभाई है।
अय्यर के इस बयान से साफ है कि भारतीय टीम के मौजूदा ओपनरों का प्रदर्शन वैभव के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाने की राह कठिन कर रहा है। जब किसी टीम के सलामी बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हों और बड़े टूर्नामेंट में सफलता दिला चुके हों,तो उनके स्थान पर किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका देने से पहले टीम प्रबंधन कई पहलुओं पर विचार करता है।
Shreyas Iyer said, “I just keep telling Vaibhav Sooryavanshi, ‘You will get your opportunities. If you’re consistent with your process, keep your mindset a bit light, and don’t think too much about not getting an opportunity. You have to wait sometimes. We’ve got two fantastic openers who won us the WC and who’ve been consistent throughout”.
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) October 17, 2026
कप्तान ने इससे पहले भी वैभव को लेकर इसी तरह की सलाह दी थी। पिछली सीरीज के दौरान उन्होंने कहा था कि युवा बल्लेबाज को अपने खेल की प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए और मौका मिलने में देरी को लेकर जरूरत से ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। अय्यर ने तब भी कहा था कि वैभव को अवसर मिलेंगे,लेकिन फिलहाल टीम के पास दो बेहतरीन सलामी बल्लेबाज हैं,जिन्होंने विश्व कप जीतने में योगदान दिया है और लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर हो रही है कि उन्हें कुछ सीरीज में प्लेइंग-11 से बाहर क्यों रखा गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक,उन्होंने भारत के लिए अपना पिछला मुकाबला एशियन गेम्स 2026 में जापान में खेला था। उस प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय टीम का सामना पाकिस्तान से हुआ था। उस समय टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण के पास थी।
इसके बाद अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। इस वजह से टीम चयन को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ प्रशंसक उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें लगातार मौके देने की माँग कर रहे हैं,जबकि टीम प्रबंधन की ओर से मौजूदा सलामी बल्लेबाजों की सफलता को भी अहम बताया जा रहा है।
वैभव को मौका मिलेगा या नहीं, इसका फैसला टीम की जरूरत,पिच की परिस्थितियों और मुकाबले के लिए बनाई गई रणनीति पर निर्भर करेगा। किसी खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल करने का निर्णय केवल पिछले आँकड़ों से नहीं,बल्कि टीम के संतुलन और मैच की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसलिए कप्तान के बयान को वैभव के चयन पर अंतिम मुहर नहीं माना जा सकता।
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल के बाद जुलाई 2026 में भारतीय टीम के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्हें सबसे पहले आयरलैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया,लेकिन वहाँ उन्हें खेलने का अवसर नहीं मिला। इसके बाद इंग्लैंड में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करने का मौका मिला। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका प्रदर्शन विशेष रूप से प्रभावशाली रहा।
अब तक खेले गए आठ मैचों की आठ पारियों में वैभव ने कुल 246 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले हैं। उन्होंने अपनी पारियों में 22 चौके और 18 छक्के भी लगाए हैं। ये आँकड़े बताते हैं कि युवा बल्लेबाज में तेजी से रन बनाने की क्षमता है और वह बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते।
हालाँकि,अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह स्थायी बनाने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है। वैभव के सामने चुनौती यह है कि जब भी उन्हें मौका मिले, वह अपनी बल्लेबाजी से टीम प्रबंधन का भरोसा मजबूत करें। कम उम्र में राष्ट्रीय टीम तक पहुँचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है,लेकिन प्रतिस्पर्धा के बीच लगातार अवसर हासिल करने के लिए धैर्य और निरंतरता भी महत्वपूर्ण हैं।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पाँच मुकाबलों की टी20 सीरीज वैभव के चयन को लेकर जारी चर्चा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। पहले मैच से पूर्व श्रेयस अय्यर के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी के भविष्य को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। कप्तान ने उसकी उम्र और आगे मिलने वाले अवसरों पर जोर दिया है, जबकि मौजूदा सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन को भी टीम के लिए अहम बताया है।
फिलहाल,वैभव सूर्यवंशी को पहले टी20 मुकाबले में मौका मिलेगा या नहीं,इस पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यदि उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलती है,तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर होगा। वहीं,बाहर रहने की स्थिति में उन्हें अभ्यास और तैयारी के जरिए अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा।
भारतीय टीम के लिए सबसे अहम लक्ष्य सीरीज में मजबूत शुरुआत करना होगा। वैभव के प्रशंसकों की निगाहें टीम चयन पर टिकी रहेंगी,लेकिन अंतिम फैसला कप्तान और टीम प्रबंधन की रणनीति के आधार पर ही होगा। युवा बल्लेबाज के पास अभी लंबा करियर है और आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि उन्हें भारतीय टी20 टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए कब और कितना अवसर मिलता है।
