रणबीर कपूर ने दशहरा भाषण में हुई गलती पर माँगी माफी (तस्वीर क्रेडिट@ImGauravYadav9)

रणबीर कपूर ने दशहरा भाषण में हुई गलती पर माँगी माफी,बोले- आखिर में जीत अच्छाई और सच्चाई की ही होगी

नई दिल्ली,22 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले इसके प्रचार-प्रसार का सिलसिला तेज हो गया है और अभिनेता भी अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होकर दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। इसी बीच दशहरे के अवसर पर कोलकाता में दिए गए उनके एक भाषण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भाषण के दौरान रणबीर कपूर की जुबान फिसल गई थी और वह अच्छाई की जीत की बात कहते हुए गलत शब्दों का इस्तेमाल कर बैठे। इसके बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा और कई लोगों ने उन्हें निशाने पर लिया। अब अभिनेता ने चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है।

रणबीर कपूर ने स्पष्ट किया कि दशहरे के कार्यक्रम में वह जो संदेश देना चाहते थे,उसे व्यक्त करते समय उनसे गलती हो गई। उनका आशय यह था कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो,अंत में जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। अभिनेता ने कहा कि वह अपने शब्दों के लिए दिल से माफी माँगना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद दशहरे के कार्यक्रम में हुई घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

‘रामायण: पार्ट 1’ के प्रचार के सिलसिले में फिल्म की टीम हाल ही में चेन्नई पहुँची थी। यहाँ आयोजित कार्यक्रम में रणबीर कपूर ने कोलकाता में दिए गए अपने भाषण का जिक्र किया और अपनी बात स्पष्ट की। अभिनेता ने कहा कि दशहरे के कार्यक्रम में बोलते समय उनसे गलती हुई थी। वह लोगों को यह समझाना चाहते थे कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो,आखिरकार सच्चाई और अच्छाई की जीत होती है।

अपनी बात समझाने के लिए रणबीर ने अपनी फिल्म ‘रॉकस्टार’ से जुड़ी एक पंक्ति का भी उल्लेख किया। उन्होंने संगीतकार ए. आर. रहमान के साथ हुए अपने सहयोग को याद करते हुए कहा कि उस गीत में भी शब्दों के जरिए अपनी भावनाएँ व्यक्त करने की कठिनाई का जिक्र किया गया था। अभिनेता ने इसी संदर्भ में कहा कि कभी-कभी वह जो कहना चाहते हैं,उसे शब्दों में ठीक तरह से व्यक्त नहीं कर पाते। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से अपनी गलती के लिए माफी माँगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी गलत संदेश को देना नहीं था।

रणबीर की इस सफाई का मुख्य उद्देश्य अपने भाषण के अर्थ को स्पष्ट करना और उस गलतफहमी को दूर करना था,जो उनके शब्दों के कारण पैदा हुई। अभिनेता ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि उनका संदेश अच्छाई,सच्चाई और सकारात्मकता से जुड़ा था।

दरअसल,दशहरे के मौके पर ‘रामायण’ की टीम कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुँची थी। इस अवसर पर रणबीर कपूर ने लोगों को संबोधित करते हुए दशहरे के महत्व पर बात की थी। उन्होंने कोलकाता की धरती पर आकर त्योहार मनाने को अपने लिए खुशी और सौभाग्य की बात बताया था। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों का आभार जताते हुए दशहरे की शुभकामनाएँ भी दी थीं।

अपने संबोधन में रणबीर ने कहा था कि दशहरा हमें एक महत्वपूर्ण सीख देता है। बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो,अंत में अच्छाई और सच्चाई की जीत होती है। हालाँकि,इस संदेश को व्यक्त करते समय वह गलती से ऐसा वाक्य बोल गए,जिसका अर्थ अच्छाई और सच्चाई की जीत के बजाय उनके अंत से जुड़ता हुआ समझा गया। यही चूक विवाद की वजह बन गई।

अभिनेता के भाषण का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके शब्दों को लेकर प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू कर दीं। चूंकि रणबीर आगामी फिल्म में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं,इसलिए उनकी इस गलती को लेकर चर्चा और तेज हो गई। कई लोगों ने कहा कि रामायण जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले विषय पर बोलते समय उन्हें अपने शब्दों का विशेष ध्यान रखना चाहिए था।

रणबीर कपूर के भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनकी गलती को गंभीर बताते हुए सवाल उठाए। कुछ यूजर्स ने टिप्पणी की कि अभिनेता को यह भी स्पष्ट नहीं है कि रामायण की मूल सीख क्या है। वहीं,कुछ लोगों ने उनकी आगामी भूमिका का हवाला देते हुए उनकी आलोचना की और सवाल किया कि भगवान राम का किरदार निभाने वाले अभिनेता से ऐसी चूक कैसे हो सकती है।

हालाँकि,सभी प्रतिक्रियाएँ आलोचनात्मक नहीं थीं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स रणबीर के समर्थन में भी सामने आए। उनका कहना था कि भाषण के दौरान शब्दों का गलत निकल जाना मानवीय भूल हो सकती है और इसे जानबूझकर दिए गए बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। समर्थकों ने यह भी कहा कि अभिनेता की पूरी बात का संदर्भ समझना जरूरी है,क्योंकि उनका उद्देश्य दशहरे के संदेश को लोगों तक पहुँचाना था।

इस तरह एक छोटी-सी भाषण संबंधी चूक ने सोशल मीडिया पर बहस का रूप ले लिया। किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में कही गई बात का वीडियो सामने आने के बाद उसका तेजी से प्रसारित होना और अलग-अलग अर्थ निकाला जाना अब आम होता जा रहा है। रणबीर कपूर के मामले में भी उनके शब्दों को लेकर आलोचना हुई और बाद में उन्हें अपनी बात स्पष्ट करनी पड़ी।

यह पहली बार नहीं है जब रणबीर कपूर ने ‘रामायण: पार्ट 1’ का हिस्सा बनने और भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने को लेकर अपने अनुभव साझा किए हों। इससे पहले अभिनेता ने बताया था कि जब उन्हें प्रभु श्रीराम का किरदार निभाने का प्रस्ताव मिला,तो शुरुआत में उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ था। उनके लिए यह एक असाधारण अवसर था,लेकिन इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई थी।

रणबीर ने बताया था कि उनके मन में कई सवाल उठे थे। वह सोच रहे थे कि क्या वह इस भूमिका को सही तरीके से निभा पाएँगे और क्या करोड़ों लोगों की आस्था के साथ न्याय कर सकेंगे,जिनके लिए भगवान राम श्रद्धा का केंद्र हैं। उन्होंने स्वीकार किया था कि इस किरदार को निभाने के बारे में सोचते समय उन्हें अपनी क्षमता और इस जिम्मेदारी के महत्व का एहसास हुआ।

अभिनेता के मुताबिक,बाद में उन्हें समझ आया कि यह उनके जीवन का ऐसा अवसर है, जो बार-बार नहीं मिलता। इस भूमिका के माध्यम से उन्हें भगवान राम,रामायण,भारतीय संस्कृति और इतिहास को गहराई से समझने का मौका मिला। उनके लिए यह केवल एक फिल्म में अभिनय करना नहीं,बल्कि एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कथा से जुड़ने का अनुभव भी है।

‘रामायण: पार्ट 1’ को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं,इसलिए उनके अभिनय और इस चरित्र को पर्दे पर प्रस्तुत करने के तरीके पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फिल्म की टीम इसके प्रचार के लिए विभिन्न शहरों में कार्यक्रम कर रही है और इस दौरान कलाकार फिल्म से जुड़े अनुभव साझा कर रहे हैं।

कोलकाता में हुए भाषण की घटना ने भी फिल्म को लेकर चल रही चर्चा में एक नया विषय जोड़ दिया है। हालाँकि,रणबीर कपूर ने चेन्नई में माफी माँगकर अपने बयान का आशय स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके शब्दों से गलती हुई और उनका वास्तविक संदेश इससे अलग था।

अब देखना होगा कि फिल्म की रिलीज से पहले प्रचार अभियान किस तरह आगे बढ़ता है और दर्शक रणबीर कपूर को भगवान श्रीराम की भूमिका में किस रूप में स्वीकार करते हैं। फिलहाल अभिनेता की ओर से माँगी गई माफी और उनके भाषण को लेकर उठे सवाल चर्चा में बने हुए हैं।