मुंबई,24 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच की करीब 20 विशेष टीमें पिछले पाँच से छह दिनों से इस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जाँच कर रही हैं। इसी बीच पूछताछ के दौरान एक शूटर ने कथित तौर पर हमले के पीछे की वजह बताई है। जाँच से जुड़े दावों के मुताबिक, इस हमले का संबंध अभिनेता सलमान खान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि सलमान खान की तारीफ करने के कारण टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया गया। हालाँकि,इस मामले में सामने आई जानकारी जाँच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि जाँच एजेंसियों की ओर से होने वाले आधिकारिक खुलासों के आधार पर ही की जा सकेगी।
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के पीछे कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों का हाथ बताया जा रहा है। इस मामले में अनिल पंडित को हमले का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। पूछताछ में एक शूटर ने दावा किया कि अनिल पंडित ने उसे और उसके साथियों को बताया था कि टाइगर श्रॉफ ने कुछ साल पहले सलमान खान की तारीफ की थी। गैंग इस बयान को लेकर नाराज था और इसी वजह से अभिनेता पर हमला करने की योजना बनाई गई। जाँचकर्ताओं के सामने आए इस कथित खुलासे ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
पूछताछ से जुड़ी जानकारी के मुताबिक,शूटर ने पुलिस को बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग सलमान खान से बदला लेना चाहता है। इसी बीच टाइगर श्रॉफ द्वारा सलमान खान की प्रशंसा किए जाने को गैंग ने कथित तौर पर अपने खिलाफ माना। आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते टाइगर को निशाना बनाया गया। जाँच में सामने आए इस दावे के अनुसार,हमला केवल अभिनेता को डराने तक सीमित नहीं था,बल्कि इसके पीछे सलमान खान से जुड़े विवाद को भी वजह माना जा रहा है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है,क्योंकि टाइगर श्रॉफ और सलमान खान के बीच किसी व्यक्तिगत दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। टाइगर ने सार्वजनिक कार्यक्रम में सलमान की तारीफ की थी और उन्हें अपने से बड़ा सितारा बताया था। अब जाँच में कथित तौर पर उसी बयान को हमले की वजह बताए जाने से फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालाँकि,पुलिस की जाँच में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि हमले की योजना किसने बनाई,शूटर्स को निर्देश किसने दिए और वारदात को अंजाम देने के लिए किन लोगों ने उनकी मदद की। किसी शूटर के बयान के आधार पर सामने आई जानकारी की पुष्टि अन्य सबूतों, तकनीकी जाँच और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े तथ्यों के जरिए की जानी जरूरी है।
इस पूरे मामले की कड़ी साल 2022 से जुड़ी बताई जा रही है। उस समय टाइगर श्रॉफ अपनी फिल्म ‘हीरोपंती 2’ के प्रचार में व्यस्त थे। फिल्म के प्रचार के दौरान एक कार्यक्रम में उनसे ईद के मौके पर फिल्म रिलीज करने को लेकर सवाल पूछा गया था। बॉलीवुड में ईद के अवसर पर सलमान खान की फिल्मों के रिलीज होने की परंपरा रही है। ऐसे में पत्रकार ने टाइगर से इस खास रिलीज स्लॉट के बारे में सवाल किया था।
जवाब देते हुए टाइगर ने मुस्कुराकर सलमान खान की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में असली टाइगर सलमान खान हैं और उनके सामने वह खुद को छोटी-सी बिल्ली मानते हैं। अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में खुद को सिम्बा और सलमान खान को टाइगर बताते हुए कहा था कि वह उनके छोटे बच्चे की तरह हैं।
उस समय यह टिप्पणी सलमान खान के प्रति सम्मान जताने और हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब देने के तौर पर देखी गई थी,लेकिन अब पुलिस पूछताछ से जुड़े कथित दावे में इसी बयान को हमले की वजह बताया जा रहा है। अगर जाँच में यह बात प्रमाणित होती है, तो यह मामला इस लिहाज से गंभीर हो जाएगा कि किसी कलाकार के सार्वजनिक बयान को कथित तौर पर बदले की कार्रवाई का आधार बनाया गया।
सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच तनाव का मामला पहले भी कई बार चर्चा में रहा है। गैंग की ओर से कथित तौर पर अभिनेता से वर्ष 1998 के काले हिरण के शिकार मामले को लेकर माफी माँगने की माँग की जाती रही है। इसी विवाद का हवाला देते हुए गैंग से जुड़े लोगों ने सलमान खान को धमकियां देने का दावा किया है।
टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद भी कथित तौर पर अनिल पंडित की ओर से एक ऑडियो संदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया था कि उसमें सलमान खान से माफी माँगने की माँग दोहराई गई थी। कथित संदेश में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि सलमान खान माफी नहीं माँगते,तो उनसे जुड़े अन्य लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
इन दावों के बीच टाइगर श्रॉफ पर हमला फिल्म उद्योग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला बन गया है। हालाँकि,गैंग से जुड़े लोगों के बयानों और धमकियों को जाँच के तहत परखा जाना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति या संगठन की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जाँच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
टाइगर श्रॉफ पर हमले की घटना 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक,रविवार को टाइगर फुटबॉल मैच खेलने के बाद अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने कथित तौर पर उन पर गोलीबारी की। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों युवक अपने तीसरे साथी के साथ बाइक पर सवार होकर वहाँ से फरार हो गए।
फायरिंग की इस घटना में टाइगर श्रॉफ को सीधे गोली लगने की जानकारी नहीं है,लेकिन उन्हें चोटें आई थीं। वहीं,उनके ड्राइवर को गोली लगी और एक अन्य व्यक्ति के भी घायल होने की बात सामने आई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी।
मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन कथित हमलावरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया। इसके बाद वारदात में मदद करने के आरोप में अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने हमले की योजना कैसे बनाई,उन्हें हथियार कहाँ से मिले और घटना के बाद फरार होने में किसने उनकी सहायता की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच की करीब 20 विशेष टीमें जाँच में जुटी हैं। जाँच का उद्देश्य केवल गोलीबारी करने वालों की पहचान करना नहीं,बल्कि कथित साजिश के पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि हमले के निर्देश कहाँ से मिले और इस वारदात में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
शूटरों के कथित बयान के बाद जाँच में सलमान खान की तारीफ से जुड़ा पुराना बयान भी महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया है। अब पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या वास्तव में इसी टिप्पणी के कारण टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया गया या हमले के पीछे कोई अन्य वजह भी थी। इसके साथ ही कथित मास्टरमाइंड और शूटर्स के बीच संपर्क, योजना बनाने की प्रक्रिया तथा हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों की जानकारी भी जाँच का अहम हिस्सा होगी।
फिलहाल,टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग का मामला केवल एक अभिनेता पर हमले तक सीमित नहीं रह गया है। जाँच में सामने आ रहे दावों ने इसे सलमान खान से जुड़े पुराने विवाद और कथित बदले की कार्रवाई से जोड़ दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस की जाँच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हमले की साजिश किसने रची,इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका प्रमाणित होती है।
