कोनासीमा,28 अक्टूबर (युआईटीवी)- आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तूफान के प्रभाव से जगह-जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं,जबकि बिजली के कई खंभे क्षतिग्रस्त होने से विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और राहत एवं बहाली कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिले के कलेक्टर डॉ. आर. महेश कुमार ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार,लोगों को बुधवार दोपहर तक बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर नहीं निकलने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि चक्रवात के दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण अचानक परिस्थितियाँ बिगड़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से कोनासीमा जिले के कई हिस्सों में नुकसान की खबर है। तेज हवाओं के कारण बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं। इससे कई स्थानों पर रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं और वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हुई है। कुछ प्रमुख मार्गों पर पेड़ों और अन्य मलबे के जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा,तूफान की चपेट में आने से बिजली के कई खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से स्थानीय लोगों की दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। वहीं,सड़कों पर गिरे पेड़ों और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है, जहां सड़कें बाधित हैं या बिजली के तार टूटकर गिरे हुए हैं।
अधिकारियों के सामने इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित सड़कों को फिर से आवागमन के लिए सुरक्षित बनाना और बिजली आपूर्ति बहाल करना है। इसके लिए संबंधित विभागों के कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बाधित रास्तों को जल्द से जल्द साफ किया जाए,ताकि लोगों की आवाजाही सामान्य हो सके और राहत कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राहत एवं बहाली कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित विभागों के कर्मचारियों और राहत दलों को सक्रिय किया गया है। सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाने तथा क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों और विद्युत लाइनों की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी किसी तरह की समस्या सामने आए,वहाँ जल्द से जल्द आवश्यक सहायता पहुँचाई जाए। राहत कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है, =ताकि संसाधनों का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार किया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने में तेजी लाई जा सके।
जिला प्रशासन का ध्यान केवल सड़कों और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने तक सीमित नहीं है, =बल्कि लोगों को संभावित दुर्घटनाओं से बचाना भी प्राथमिकता में शामिल है। तूफान के दौरान कमजोर पेड़ों, =क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों और खुले तारों से खतरा बना रह सकता है। इसलिए संबंधित विभागों को सुरक्षा उपायों के साथ मरम्मत कार्य करने की हिदायत दी गई है।
कलेक्टर डॉ. आर. महेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को गंभीरता से लें और बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें। प्रशासन ने बुधवार दोपहर तक लोगों को घरों के भीतर सुरक्षित रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, अत्यंत आवश्यक या आपातकालीन स्थिति होने पर ही बाहर निकलना चाहिए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन रास्तों पर पेड़ गिरे हुए हैं या बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां से गुजरने का प्रयास नहीं करना चाहिए। कई बार सड़क पर दिखाई देने वाला मलबा हटाने के दौरान भी खतरा बना रहता है। ऐसे में लोगों को स्वयं पेड़ हटाने या क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को ठीक करने की कोशिश करने से बचना चाहिए।
विशेष रूप से बिजली के टूटे तारों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की गई है। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जमीन पर गिरे बिजली के तारों को छूना जानलेवा साबित हो सकता है। बारिश और नमी के कारण ऐसे स्थानों पर बिजली का खतरा और गंभीर हो सकता है। इसलिए लोगों को टूटे तारों,क्षतिग्रस्त खंभों और बिजली के उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
यदि किसी इलाके में बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई देता है या कोई खंभा गिरा हुआ मिलता है,तो इसकी सूचना तुरंत बिजली विभाग अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को देने की सलाह दी गई है। नागरिकों से कहा गया है कि वे खतरे वाले स्थानों पर भीड़ जमा न करें और किसी भी स्थिति में अपनी सुरक्षा को जोखिम में न डालें।
प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण कोनासीमा जिले में पैदा हुई परिस्थितियों के बीच प्रशासन लगातार हालात सामान्य करने में जुटा है। प्रभावित मार्गों की सफाई,बिजली व्यवस्था की मरम्मत और जरूरतमंद क्षेत्रों तक सहायता पहुँचाने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि तूफान के प्रभाव से उत्पन्न समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए और किसी भी संभावित जनहानि को रोका जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही से बचें। साथ ही,किसी भी आपात स्थिति या नुकसान की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुँचाएँ,ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
फिलहाल जिले में राहत और बहाली कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाधित सेवाओं को दोबारा शुरू करना प्रशासन के लिए अहम चुनौती है। ऐसे में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों का सहयोग और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन स्थिति को सँभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
