ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाज पर हमला,एक नाविक की मौत; 13 को सुरक्षित बचाया गया (तस्वीर क्रेडिट@SharmaKadambini)

ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाज पर हमला,एक नाविक की मौत; 13 को सुरक्षित बचाया गया

नई दिल्ली,3 नवंबर (युआईटीवी)- ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर सवार अन्य 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की निंदा की है और मृतक नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और विवादों का कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील भी की है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक,सोमवार शाम ओमान के लिमाह के पास व्यावसायिक जहाज ‘एमएसवी अल जुसुफी’ पर हमला किया गया। इस जहाज पर कुल 14 भारतीय नागरिक सवार थे। हमले के बाद ओमान के तटरक्षक बल ने बचाव अभियान चलाया और 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया। हालाँकि,एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हो गया था। चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। मंत्रालय ने इस घटना में हुई जनहानि पर दुख जताते हुए कहा कि भारत इस नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है और बचाए गए सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। इसके साथ ही मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को जल्द-से-जल्द भारत लाने की व्यवस्था करने के लिए भी ओमान प्रशासन से बातचीत की जा रही है।

भारत सरकार की प्राथमिकता बचाए गए नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें जल्द स्वदेश वापस लाना है। इसके लिए भारतीय दूतावास ओमान के संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर रहा है। हालाँकि,अभी तक हमले के पीछे किसका हाथ था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार,जहाज पर किसी अज्ञात हवाई वस्तु से हमला किया गया था। हमले के बाद जहाज पर मौजूद नाविकों को बचाने के लिए ओमानी तटरक्षक बल ने कार्रवाई की।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि व्यावसायिक जहाजों और समुद्री बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और निर्बाध आवाजाही की वकालत करता रहा है। मंत्रालय ने दोहराया कि इस तरह के हमले तत्काल बंद होने चाहिए। समुद्री मार्गों पर किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से न केवल जहाजों पर काम करने वाले कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ती है,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार,मौजूदा परिस्थितियों में टकराव बढ़ाने के बजाय कूटनीतिक बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। भारत ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए तनाव को जल्द कम करना जरूरी है।

मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री मार्गों से जहाजों की आवाजाही और व्यापार को बिना किसी बाधा के बहाल करने पर भी जोर दिया। भारत का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन रास्तों पर सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता पैदा होने से कई देशों की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

जानकारी के मुताबिक,2 नवंबर को ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले इस जहाज पर हमला हुआ था। जहाज पर 14 भारतीय नाविक मौजूद थे। बताया गया कि किसी अज्ञात एरियल ऑब्जेक्ट के जरिए जहाज को निशाना बनाया गया। हमले के बाद ओमानी तटरक्षक बल ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान 13 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक नाविक को गंभीर चोटें आईं। बाद में उसकी मौत हो गई।

फिलहाल हमले की प्रकृति और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं। भारत की ओर से भी इस मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारतीय दूतावास बचाए गए नागरिकों की स्थिति और उनकी वापसी से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर ओमान प्रशासन के संपर्क में है।

ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुई यह घटना ऐसे समय सामने आई है,जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। भारत सरकार पिछले सप्ताह इस क्षेत्र में संघर्ष के दौरान अब तक 22 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि कर चुकी है। इनमें 14 नाविक शामिल बताए गए थे।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 28 अक्टूबर को आयोजित पाक्षिक प्रेस वार्ता में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि भारत इस क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर बेहद परेशान है और अब तक 22 भारतीय नागरिकों को खो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में नाविक शामिल हैं,जो समुद्री मार्गों से जुड़े व्यावसायिक जहाजों पर काम कर रहे थे।

समुद्री व्यापार में भारतीय नाविकों की बड़ी भूमिका है। वे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मालवाहक और व्यावसायिक जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में तनाव बढ़ने से उनकी सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है। जहाजों पर हमले होने से न केवल नाविकों की जान जोखिम में पड़ती है,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों में भी बाधा उत्पन्न होती है।

ओमान के पास हुए इस हमले ने एक बार फिर समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक जहाजों और उनमें काम करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। फिलहाल भारतीय दूतावास मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने और अन्य 13 भारतीयों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में जुटा है। वहीं,भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सामान्य आवाजाही बहाल करने के लिए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।