काठमांडू,3 नवंबर (युआईटीवी)- नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। फेरिचे इलाके में हेलीपैड पर उतरने की कोशिश के दौरान दो हेलीकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए, जिसके बाद दोनों विमान जमीन पर गिर पड़े। इस दुर्घटना में एक विदेशी यात्री की मौत हो गई,जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया। शुरुआती जानकारी में मृतक की पहचान विदेशी नागरिक के रूप में बताई गई थी,लेकिन बाद में नेपाली पुलिस ने पुष्टि की कि वह भारत के तमिलनाडु का रहने वाला था। मृतक का नाम वसंत कुमार बताया गया है। हादसे में घायल यात्री न्यूजीलैंड का नागरिक है और भारतीय मूल का बताया जा रहा है।
सोलुखुम्बु जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख पुलिस उपाधीक्षक नवीन राजा बुढाथोकी ने बताया कि दुर्घटना में तमिलनाडु निवासी भारतीय नागरिक वसंत कुमार की जान चली गई। उन्होंने जानकारी दी कि घायल व्यक्ति न्यूजीलैंड का नागरिक है,जिसकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं। हादसे में फिशटेल एयर के हेलीकॉप्टर के पायलट को भी मामूली चोटें आई हैं। घायल यात्री को बेहतर इलाज के लिए राजधानी काठमांडू पहुँचाया गया है। वहीं, पुलिस और संबंधित अधिकारी मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए काठमांडू भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना मंगलवार सुबह पूर्वी नेपाल के पहाड़ी इलाके सोलुखुम्बु जिले के फेरिचे में हुई। दो अलग-अलग निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर एक ही स्थान पर उतरने की प्रक्रिया में थे। इसी दौरान दोनों के रोटर ब्लेड एक-दूसरे से टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दोनों हेलीकॉप्टर अपना संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। हादसे के समय फिशटेल एयर के हेलीकॉप्टर में दो विदेशी यात्री सवार थे। इनमें से एक की मौत हो गई,जबकि दूसरा घायल हो गया। हेलीकॉप्टर के पायलट को भी हल्की चोटें आईं।
🚨 नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र से बेहद दुखद खबर..
Pheriche हेलिपैड पर लैंडिंग के दौरान Fishtail Air और Air Dynasty के दो हेलीकॉप्टरों की कथित तौर पर टक्कर हो गई।
इस दर्दनाक हादसे में एक विदेशी पर्यटक की मौत हो गई, जबकि पायलट घायल बताया जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं। 💔🙏
#Nepal #Everest— संजय सुथार (मांडण) (@sanjaysuthar01) November 3, 2026
नेपाली नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक,एयर डायनेस्टी हेली सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का एएस350 हेलीकॉप्टर लुक्ला हवाई अड्डे से फेरिचे के लिए रवाना हुआ था। इस हेलीकॉप्टर का पंजीकरण नंबर 9एनएओडी बताया गया है। दूसरी ओर,फिशटेल एयर प्राइवेट लिमिटेड का एएस350 हेलीकॉप्टर दो विदेशी नागरिकों को लेकर गोरक्षेप इलाके से फेरिचे की ओर जा रहा था। इस विमान का पंजीकरण नंबर 9एनएजेआर था।
प्राधिकरण के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर फेरिचे में उतरने के दौरान दोनों हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। राहत और बचाव से जुड़ी कार्रवाई शुरू की गई तथा घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
हादसे से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें दोनों हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई देते हैं। इसी दौरान उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा जाते हैं और कुछ ही पलों में दोनों विमान अपना संतुलन खोकर नीचे गिर पड़ते हैं। हालाँकि,दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और दोनों हेलीकॉप्टर एक ही समय पर लैंडिंग के लिए किस तरह एक-दूसरे के इतने करीब पहुँचे,इसकी विस्तृत जाँच की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी,पायलटों के बीच समन्वय की कमी या लैंडिंग के दौरान किसी अन्य परिस्थिति की भूमिका थी। विमानन अधिकारियों की जाँच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। दोनों हेलीकॉप्टरों को हुए नुकसान और उड़ान संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जाँच की जा सकती है।
नेपाल का सोलुखुम्बु जिला दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्वतीय पर्यटन क्षेत्रों में शामिल है। इसी इलाके में दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट स्थित है। हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक एवरेस्ट और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा के लिए यहाँ पहुँचते हैं। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और ऊँचाई वाले इलाकों तक पहुँचना आसान नहीं होता,इसलिए पर्यटकों के आवागमन में हेलीकॉप्टरों का व्यापक इस्तेमाल किया जाता है।
हेलीकॉप्टर सेवाएँ केवल पर्यटन तक सीमित नहीं हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में किसी पर्यटक की तबीयत बिगड़ने,दुर्घटना होने या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव अभियान चलाने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। कई बार घायल पर्वतारोहियों और पर्यटकों को सड़क मार्ग से अस्पताल तक पहुँचाना संभव नहीं होता। ऐसे में हेलीकॉप्टर ही उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान या बड़े अस्पताल तक पहुँचाने का प्रमुख साधन बनते हैं।
हालाँकि,ऊँचाई वाले पर्वतीय इलाकों में हेलीकॉप्टर उड़ाना और उतारना चुनौतीपूर्ण होता है। मौसम में अचानक बदलाव,सीमित लैंडिंग स्थान और पहाड़ी भूगोल के कारण पायलटों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे क्षेत्रों में उड़ानों के संचालन के दौरान आपसी समन्वय और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर नेपाल के पर्वतीय पर्यटन क्षेत्र में हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में भारतीय नागरिक की मौत से भारत में भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल नेपाली पुलिस और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं। अधिकारियों की जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दो हेलीकॉप्टरों के बीच टक्कर कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन सुरक्षा उपायों की जरूरत है।
