Action will be taken on non-spending of budget in medical colleges, action will be taken on executive bodies for delay in construction works.

मेडिकल कॉलेजों में बजट खर्च न होने पर होगी कार्रवाई, निर्माण कार्यों में लेटलतीफी पर कार्यदायी संस्थाओं पर होगा एक्शन

देहरादून, 12 नवंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृत बजट समय पर खर्च करने के जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य एवं वित्त नियंत्रक की होगी जबकि कॉलेजों में निमार्णाधीन कार्यों को पूर्ण करने में लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एनएमसी मानकों के अनुरूप शैक्षणिक पदों, गैर शैक्षणिक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के पदों का ढांचा तैयार कर शीघ्र कैबिनेट में लाया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज के सभागार में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिये स्वीकृत बजट खर्च करने की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुये संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के लिये स्वीकृति बजट को ससमय खर्च करने की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य व वित्त नियंत्रक की होगी, यदि बजट खर्च में लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। इसी प्रकार विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त करते हुये विभागीय मंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कोई निर्माण कार्यों में किसी कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी सामने आती है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्मिकों की कमी को पूरा करने के लिये उन्होंने एनएमसी मानकों के अनुरूप टीचिंग एवं अन्य आवश्यक कार्मिकों का ढांचा तैयार कर कैबिनेट में लाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों हेतु सहायक प्राध्यापक की न्यूनतम आयु सीमा में संशोधन, मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पद के वेतनमान वृद्धि संबंधी प्रस्ताव, सीनियर रेजीडेंट का मानदेय बढ़ाने के अलावा मेडिकल कॉलेजों में वर्षों से कार्यरत कार्मिकों का वन टाइम सेटलमेंट संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने मेडिकल विश्वविद्यालय एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति / सेवास्थानांतरण के आधार पर शीघ्र भरने के निर्देश भी दिये। डॉ.रावत ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में वर्षों से तैनात 350 से अधिक अल्प वेतनभोगी कार्मिकों को समान कार्य एवं समान वेतन के तहत न्यूनतम वेतनमान देने संबंधी आदेश शीघ्र जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

बैठक में सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.आर.राजेश कुमार, कुलपति उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रो. हेमचन्द्र, अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा अरूणेन्द्र सिंह, गरिमा रौंकली, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.आशुतोष सयाना, प्राचार्य श्रीनगर मेडिकल कॉलेज डॉ. सी.एम.एस.रावत, प्राचार्य हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज डॉ. अरूण जोशी, प्राचार्य अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज डॉ.सी.पी. भैसोड़ा, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.एम.के.पंत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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