न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी सूजी बेट्स (तस्वीर क्रेडिट@ShakeelktkKhan)

टी20 वर्ल्ड कप के बाद सूजी बेट्स लेंगी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास,शानदार करियर को मिलेगा यादगार विदाई

वेलिंगटन,24 अप्रैल (युआईटीवी)- न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी सूजी बेट्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 38 वर्षीय इस अनुभवी ऑलराउंडर ने स्पष्ट किया है कि वह आगामी आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगी। यह टूर्नामेंट 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होने जा रहा है और इसी मंच पर बेट्स अपने लंबे और गौरवशाली करियर को अंतिम बार दुनिया के सामने प्रदर्शित करेंगी।

सूजी बेट्स का यह फैसला न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए एक बड़े युग के अंत का संकेत है। पिछले दो दशकों से अधिक समय तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहीं बेट्स ने अपने प्रदर्शन,नेतृत्व और समर्पण से खेल में एक खास पहचान बनाई है। उन्होंने अब तक 362 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और आगामी विश्व कप में वह इस संख्या में कुछ और मैच जोड़ने का प्रयास करेंगी। उनके लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं,बल्कि अपने करियर को एक शानदार विदाई देने का अवसर भी होगा।

आगामी टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड की टीम,जिसे व्हाइट फर्न्स के नाम से जाना जाता है,ग्रुप-बी में शामिल है। इस ग्रुप में मेजबान इंग्लैंड के अलावा आयरलैंड,स्कॉटलैंड,श्रीलंका और वेस्टइंडीज जैसी टीमें भी मौजूद हैं। बेट्स इस टूर्नामेंट में अपनी टीम को लगातार दूसरा खिताब दिलाने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी,जो उनके करियर का एक शानदार समापन हो सकता है।

अपने लंबे करियर को याद करते हुए बेट्स ने भावुक शब्दों में कहा कि जब वह पिछले 20 वर्षों पर नजर डालती हैं,तो उन्हें विश्वास नहीं होता कि समय इतनी तेजी से कैसे गुजर गया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की जर्सी पहनना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रही है और इस टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने न केवल एक बेहतर क्रिकेटर बनने की कोशिश की,बल्कि एक बेहतर इंसान और टीममेट बनने का भी प्रयास किया।

उन्होंने अपने साथियों और कोचों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन और सहयोग के बिना यह यात्रा संभव नहीं थी। बेट्स ने यह भी कहा कि उनका अब एक आखिरी लक्ष्य है—यूके जाकर एक और विश्व कप जीतना,क्योंकि वहाँ उनकी कई खास यादें जुड़ी हुई हैं। उनके इस बयान से साफ झलकता है कि वह अपने करियर का अंत भी उसी जुनून और समर्पण के साथ करना चाहती हैं,जिसके लिए वह जानी जाती हैं।

सूजी बेट्स का अंतर्राष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने तीनों प्रारूपों में मिलाकर कुल 14 शतक बनाए और 145 विकेट भी हासिल किए। एक ऑलराउंडर के रूप में उनका योगदान न्यूजीलैंड टीम के लिए अमूल्य रहा है। उन्होंने 2006 में भारत के खिलाफ अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था और तब से लेकर अब तक लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करती रही हैं।

बेट्स ने 2011 से 2018 के बीच न्यूजीलैंड टीम की कप्तानी भी की और इस दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाईं। उनकी कप्तानी में टीम ने कई बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया और उन्होंने खुद भी बल्लेबाजी में कई यादगार पारियाँ खेलीं। 2013 में उन्हें आईसीसी महिला वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया,जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उसी साल भारत में आयोजित विश्व कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए थे।

हाल के वर्षों में भी बेट्स का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। जब टीम की नियमित कप्तान सोफी डिवाइन किसी कारणवश टीम से बाहर रहीं,तब बेट्स ने नेतृत्व की जिम्मेदारी सँभाली और टीम को मजबूती प्रदान की। उनकी अनुभवी मौजूदगी ने युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया और टीम के संतुलन को बनाए रखा।

टी20 विश्व कप 2024 में न्यूजीलैंड की जीत भी उनके करियर का एक सुनहरा अध्याय रही। उस टूर्नामेंट में बेट्स ने अपनी टीम के लिए सबसे अधिक रन बनाए और खिताब जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह जीत न केवल टीम के लिए,बल्कि उनके व्यक्तिगत करियर के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि थी।

अब जब वह अपने करियर के अंतिम चरण में हैं,तो पूरी क्रिकेट दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वह अपने आखिरी विश्व कप में कैसा प्रदर्शन करती हैं। उनके अनुभव,तकनीक और मानसिक मजबूती को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह एक बार फिर अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

सूजी बेट्स का संन्यास केवल एक खिलाड़ी का विदा होना नहीं है,बल्कि यह एक ऐसे युग का अंत है,जिसने न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनकी उपलब्धियाँ,उनका समर्पण और खेल के प्रति उनका जुनून आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

बेट्स का करियर एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे मेहनत,लगन और समर्पण के बल पर कोई खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर टिक सकता है। अब सभी की नजरें जून में शुरू होने वाले विश्व कप पर होंगी,जहाँ यह महान खिलाड़ी अपने करियर को एक यादगार अंत देने की कोशिश करेगी।