भारत में पहली बार अफगानिस्तान भारतीय टीम की मेजबानी करेगा (तस्वीर क्रेडिट@industry_wired)

भारत में पहली बार अफगानिस्तान भारतीय टीम की मेजबानी करेगा,13 से 17 सितंबर तक दिल्ली में होगी तीन टी20 मैचों की सीरीज,बीसीसीआई ने लगाई मुहर

नई दिल्ली, 12 अगस्त (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अफगानिस्तान के खिलाफ प्रस्तावित तीन टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों की सीरीज के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। इस सीरीज की खास बात यह है कि पहली बार अफगानिस्तान की टीम भारत की जमीन पर भारतीय टीम के खिलाफ तीन मैचों की टी20 द्विपक्षीय सीरीज खेलेगी। दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को मजबूत करने की दिशा में इसे एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएँगे। सीरीज के मैच 13, 15 और 17 सितंबर को आयोजित किए जाएंगे।

भारत और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट के मैदान पर कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। अफगानिस्तान की टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार अपनी क्षमता साबित की है और भारतीय टीम के खिलाफ भी कई मौकों पर कड़ी चुनौती पेश की है। खासकर टी20 प्रारूप में अफगानिस्तान के पास ऐसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में दिल्ली में होने वाली तीन मैचों की यह सीरीज दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बनने वाली है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने सीरीज को लेकर कहा कि बोर्ड अफगानिस्तान में क्रिकेट के विकास का समर्थन करने और उसके खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर मुकाबला करने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इससे टीमों को नियमित रूप से मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने और मूल्यवान अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। उन्होंने भारत में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों बोर्ड सीरीज को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

मिथुन मन्हास ने भारत और अफगानिस्तान के क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएँ हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड अफगानिस्तान क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए अपना सहयोग जारी रखेगा। उनके अनुसार,इस तरह की द्विपक्षीय सीरीज अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ नियमित रूप से खेलने का अनुभव देती हैं और इससे वहाँ क्रिकेट के विकास को भी गति मिलती है।

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने भी सीरीज को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत में इस टी20 सीरीज के आयोजन में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का सहयोग करने पर बीसीसीआई को खुशी है। उन्होंने भारत और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में हुए मुकाबलों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों टीमों की प्रतिद्वंद्विता ने कई रोमांचक मैच दिए हैं। दोनों देशों के पास प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं और अफगानिस्तान के खिलाड़ी भारत के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं।

देवजीत सैकिया ने भारत और अफगानिस्तान के क्रिकेट संबंधों के ऐतिहासिक सफर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साल 2018 में भारत द्वारा अफगानिस्तान की टीम की उसके ऐतिहासिक पहले टेस्ट मैच में मेजबानी करना इस रिश्ते का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। इसके बाद दोनों देशों के बीच नियमित रूप से द्विपक्षीय मुकाबले होते रहे हैं। इससे दोनों टीमों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे के खिलाफ खेलने और क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अनुभव हासिल करने का मौका मिला है।

उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में जून में भारत ने अफगानिस्तान की मेजबानी टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए की थी। अब टी20 सीरीज के आयोजन के साथ भारत और अफगानिस्तान की टीमें तीनों प्रारूपों में एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला कर चुकी होंगी। इससे दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अफगानिस्तान की टीम का स्वागत करने के लिए बीसीसीआई उत्सुक है और उम्मीद है कि यह सीरीज रोमांचक और यादगार साबित होगी।

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मीरवाइज अशरफ ने भी इस सीरीज को अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में द्विपक्षीय सीरीज खेलना अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार,भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस आयोजन को संभव बनाने में बीसीसीआई के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

मीरवाइज अशरफ ने कहा कि अफगानिस्तान ने हाल के वर्षों में भारत और संयुक्त अरब अमीरात दोनों में अपने घरेलू मुकाबलों का आयोजन किया है। हालाँकि,भारत में द्विपक्षीय टी20 सीरीज का आयोजन अपने आप में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि सीरीज के महत्व और स्तर को देखते हुए भारत इस आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान है। उनका मानना है कि इस सीरीज से अफगानिस्तान क्रिकेट को व्यावसायिक,तकनीकी और क्रिकेट के स्तर पर महत्वपूर्ण अवसर मिलेंगे।

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारत में होने वाली यह सीरीज दोनों बोर्ड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को एक नया आयाम दे सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीरीज सफल होगी और इससे दोनों क्रिकेट बोर्ड के बीच साझेदारी और मजबूत होगी। अफगानिस्तान लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और भारत जैसे मजबूत क्रिकेट देश के खिलाफ नियमित द्विपक्षीय मुकाबले उसके खिलाड़ियों को बड़े मंच के लिए तैयार करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

तीनों मैचों का एक ही मैदान पर होना भी सीरीज की खासियत होगी। दिल्ली का अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के प्रमुख मैदानों में शामिल है और यहां भारतीय टीम के कई यादगार मुकाबले खेले जा चुके हैं। 13 सितंबर को सीरीज का पहला टी20 मुकाबला होगा। इसके बाद 15 सितंबर को दूसरा और 17 सितंबर को तीसरा मैच खेला जाएगा। लगातार अंतराल में होने वाले इन मुकाबलों से दोनों टीमों के खिलाड़ियों को सीरीज के दौरान परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति बनाने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

अफगानिस्तान की टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पिन गेंदबाजी और आक्रामक टी20 क्रिकेट मानी जाती है। टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं,जो दुनिया की विभिन्न टी20 लीग में खेलकर अनुभव हासिल कर चुके हैं। वहीं भारतीय टीम के पास घरेलू परिस्थितियों का फायदा होगा। दिल्ली की पिच और मैदान की परिस्थितियों को समझना भारतीय खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम भी भारतीय परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मजबूत चुनौती पेश करना चाहेगी।

इस सीरीज का महत्व केवल तीन टी20 मुकाबलों तक सीमित नहीं है। भारत और अफगानिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। टेस्ट, वनडे और अब टी20 प्रारूप में नियमित मुकाबले दोनों देशों के क्रिकेट ढांचे के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाते हैं। अफगानिस्तान के लिए भारत की यात्रा और भारतीय टीम के खिलाफ खेलने का अवसर उसके खिलाड़ियों को उच्च स्तर का अनुभव प्रदान करता है, जबकि भारतीय टीम को भी एक ऐसी टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिलता है जो सीमित ओवरों के क्रिकेट में तेजी से मजबूत हुई है।

13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली में होने वाली इस सीरीज पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें रहेंगी। एक तरफ भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर दबदबा कायम रखने की कोशिश करेगी,वहीं अफगानिस्तान पहली बार भारत में टी20 द्विपक्षीय सीरीज खेलते हुए अपनी क्षमता दिखाना चाहेगा। दोनों बोर्ड की ओर से इसे क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया गया है। ऐसे में यह तीन मैचों की सीरीज न केवल मैदान पर रोमांच पैदा कर सकती है,बल्कि भारत और अफगानिस्तान के बीच क्रिकेट की बढ़ती साझेदारी को भी नई मजबूती दे सकती है।