मार्टिन गुप्टिल (तस्वीर क्रेडिट@WHITE_FERNS)

ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले न्यूजीलैंड महिला टीम में बड़ा बदलाव,गुप्टिल और एडम्स को मिली कोचिंग की जिम्मेदारी

क्राइस्टचर्च,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में नए कोचिंग संयोजन के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी कर रही है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने टीम के अंतरिम कोचिंग सेटअप में दो अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों मार्टिन गुप्टिल और आंद्रे एडम्स को शामिल किया है। दोनों पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर तीन मैचों की टी20 सीरीज के दौरान अंतरिम कोच डीन ब्राउनली के साथ काम करेंगे। सीरीज का पहला मुकाबला 18 अक्टूबर को सिडनी में खेला जाना है।

न्यूजीलैंड महिला टीम में यह बदलाव लंबे समय तक मुख्य कोच की भूमिका निभाने वाले बेन सॉयर के हाल में पद छोड़ने के बाद हुआ है। सॉयर के जाने के बाद टीम के लिए अंतरिम कोचिंग व्यवस्था तैयार की गई है,जिसमें डीन ब्राउनली के साथ गुप्टिल और एडम्स को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह व्यवस्था फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए बनाई गई है। ऐसे समय में जब न्यूजीलैंड की महिला टीम को मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ चुनौतीपूर्ण मुकाबलों का सामना करना है,कोचिंग स्टाफ में अनुभवी चेहरों की मौजूदगी टीम के लिए अहम मानी जा रही है।

मार्टिन गुप्टिल को टीम के साथ विशेषज्ञ बल्लेबाजी और फील्डिंग कोच के रूप में जोड़ा गया है। वह पूरी सीरीज के दौरान यह जिम्मेदारी सँभालेंगी। गुप्टिल को क्रेग मैकमिलन की जगह शामिल किया गया है,जो फिलहाल पीठ की सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड क्रिकेट ने गुप्टिल के लंबे अंतर्राष्ट्रीय अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें टीम की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी है।

गुप्टिल का अंतरराष्ट्रीय करियर न्यूजीलैंड क्रिकेट के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने न्यूजीलैंड का 367 मैचों में प्रतिनिधित्व किया है। बल्लेबाजी के अलावा फील्डिंग में भी उनका अनुभव रहा है। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में वह खिलाड़ियों के तकनीकी और मानसिक पहलुओं पर काम करने में मदद कर सकते हैं। खास तौर पर युवा बल्लेबाजों और उभरती प्रतिभाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परिस्थितियों के लिए तैयार करने में उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।

न्यूजीलैंड महिला टीम के साथ जुड़ने के बाद गुप्टिल ने खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि व्हाइट फर्न्स के साथ काम करने का अवसर उनके लिए उत्साहजनक है। उन्होंने टीम में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ काम करने और उनके खेल में अपना अनुभव जोड़ने की इच्छा जताई। गुप्टिल के मुताबिक,न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति की है और टीम में कई नई प्रतिभाएँ सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह खिलाड़ियों के प्रदर्शन में थोड़ा भी सुधार लाने और उनके विकास में योगदान देने में सफल रहते हैं,तो यह उनके लिए गर्व की बात होगी।

दूसरी ओर, आंद्रे एडम्स की भी न्यूजीलैंड महिला टीम में वापसी हुई है। एडम्स इससे पहले 2017 और 2023 में टीम के साथ दौरे पर जा चुके हैं। इसलिए वह टीम के माहौल और खिलाड़ियों की कार्यशैली से पहले से परिचित हैं। वर्तमान में वह ओटागो वोल्ट्स के सहायक कोच के रूप में काम कर रहे हैं। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उनके पास कोचिंग का अच्छा अनुभव है। उन्होंने बर्मिंघम फीनिक्स महिला टीम सहित कई टीमों के साथ कोचिंग की है।

एडम्स ने न्यूजीलैंड महिला टीम के साथ दोबारा जुड़ने को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि व्हाइट फर्न्स के साथ वापस आना उनके लिए बेहद अच्छा अनुभव है। टीम के साथ पहले काम करने के कारण वह जानते हैं कि खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करना कितना विशेष होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की सीरीज कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों दोनों के लिए अपनी क्षमताओं को परखने का मौका देती हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज को लेकर एडम्स ने विशेष रूप से मजबूत चुनौती का जिक्र किया। उनके मुताबिक,दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना खिलाड़ियों के लिए खुद को परखने का शानदार अवसर है। ऐसे मुकाबलों से खिलाड़ियों को दबाव में प्रदर्शन करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कमजोरियों तथा मजबूत पक्षों को समझने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम इस चुनौती का सामना करने के लिए उत्साहित है।

न्यूजीलैंड महिला टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह टी20 सीरीज कई मायनों में महत्वपूर्ण होगी। एक तरफ टीम को मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैदान पर अपनी रणनीति को परखना होगा,वहीं दूसरी तरफ कोचिंग स्टाफ में हुए बदलाव के बीच खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाना भी जरूरी होगा। बेन सॉयर के जाने के बाद डीन ब्राउनली को अंतरिम कोच की जिम्मेदारी मिली है और अब गुप्टिल तथा एडम्स के अनुभव से इस व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 18 अक्टूबर को सिडनी में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें अगले दो मुकाबलों में आमने-सामने होंगी। न्यूजीलैंड की टीम नए अंतरिम कोचिंग संयोजन के साथ इस सीरीज में अपनी तैयारियों और प्रदर्शन को लेकर मैदान पर उतरेगी। गुप्टिल का बल्लेबाजी और फील्डिंग अनुभव तथा एडम्स का घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट का कोचिंग अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

न्यूजीलैंड क्रिकेट के इस फैसले से यह भी स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन फिलहाल अंतरिम व्यवस्था में ऐसे लोगों को शामिल करना चाहता है,जो खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौती के लिए तैयार करने में मदद कर सकें। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीरीज इस नई कोचिंग व्यवस्था के लिए शुरुआती परीक्षा जैसी होगी। अब सभी की नजरें 18 अक्टूबर को सिडनी में होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर होंगी,जहाँ न्यूजीलैंड की महिला टीम नए कोचिंग सेटअप के साथ अपनी अभियान की शुरुआत करेगी।