नई दिल्ली,18 अगस्त (युआईटीवी)- एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने अपने नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी के संस्थापक और भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल अब एयरटेल पेमेंट्स बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद से हटने के साथ बोर्ड से भी इस्तीफा देंगे। यह बदलाव 30 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। उनके बाद शबनम सिन्हा बैंक की नई चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सँभालेंगी। वह 1 अक्टूबर 2026 से तीन साल के कार्यकाल के लिए यह पद सँभालेंगी। उनकी नियुक्ति को बैंक के बोर्ड के साथ भारतीय रिजर्व बैंक से भी मंजूरी मिल चुकी है।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की। कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बैंकों में शामिल एयरटेल पेमेंट्स बैंक में नेतृत्व का यह बदलाव तय प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। फाइलिंग के मुताबिक,सुनील भारती मित्तल 30 सितंबर 2026 को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और इसके साथ ही बैंक के बोर्ड से भी अलग हो जाएंगे।
उनकी जगह शबनम सिन्हा को बैंक की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी और यह तीन वर्षों के लिए होगी। बैंक के अनुसार, शबनम सिन्हा फिलहाल एयरटेल पेमेंट्स बैंक के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में काम कर रही हैं। बोर्ड और भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें चेयरपर्सन की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शबनम सिन्हा के पास विकास वित्त,वित्तीय सेवाओं,सार्वजनिक नीति और संस्थागत बदलाव के क्षेत्रों में तीन दशकों से अधिक का नेतृत्व और बोर्ड स्तर का अनुभव है। उनके लंबे पेशेवर करियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ काम करने का अनुभव भी शामिल है। वह विश्व बैंक के साथ भी काम कर चुकी हैं, जहाँ उन्होंने एशिया, अफ्रीका और यूरोप के विभिन्न देशों की सरकारों और संस्थानों को शासन,जोखिम प्रबंधन और परिचालन से जुड़े मामलों में सलाह दी।
बैंक के लिए उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है,जब भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। मोबाइल आधारित बैंकिंग,डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से बन चुके हैं। ऐसे में एयरटेल पेमेंट्स बैंक की नई चेयरपर्सन के सामने बैंक की मौजूदा विकास गति को बनाए रखने के साथ-साथ डिजिटल वित्तीय सेवाओं के बदलते परिदृश्य में नए अवसर तलाशने की चुनौती होगी।
अपनी नियुक्ति पर शबनम सिन्हा ने कहा कि वह बैंक की मौजूदा रफ्तार को आगे बढ़ाने और विकास के अगले चरण को गति देने के लिए बोर्ड और प्रबंधन टीम के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहकों,भागीदारों और समुदायों के लिए बैंक के प्रभाव को और बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
उन्होंने एयरटेल पेमेंट्स बैंक में चेयरपर्सन की जिम्मेदारी को सम्मान की बात बताते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है,जब डिजिटल वित्तीय सेवाएँ भारत की समावेशी विकास यात्रा की रीढ़ बन रही हैं। उनके बयान से संकेत मिलता है कि बैंक की आगे की रणनीति में डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
वहीं,सुनील भारती मित्तल ने भी अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि एयरटेल पेमेंट्स बैंक के चेयरमैन के रूप में सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने शबनम सिन्हा पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह बैंक की मजबूत नींव को और आगे बढ़ाएँगी तथा डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर इसकी स्थिति को और मजबूत करेंगी।
सुनील भारती मित्तल को अप्रैल 2016 में एयरटेल पेमेंट्स बैंक का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इसके बाद बैंक ने भारत के डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को लगातार मजबूत किया। बैंक के मुताबिक,मित्तल के नेतृत्व में एयरटेल पेमेंट्स बैंक आय के मामले में देश का सबसे बड़ा पेमेंट्स बैंक बना और उसने अपने कारोबार को उपभोक्ता तथा उद्यम,दोनों क्षेत्रों तक विस्तार दिया।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक की स्थापना भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी। एयरटेल के बड़े ग्राहक नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से बैंक ने विशेष रूप से ऐसे ग्राहकों तक पहुँच बनाने पर ध्यान दिया,जिनके लिए पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच आसान नहीं थी। समय के साथ बैंक ने डिजिटल भुगतान,बचत, बीमा,ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में अपनी गतिविधियाँ बढ़ाईं।
अब नेतृत्व परिवर्तन के बाद बैंक के सामने विकास के अगले चरण को लेकर नई प्राथमिकताएँ तय करने का अवसर है। डिजिटल बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और ग्राहक अब तेज,सुरक्षित तथा सुविधाजनक वित्तीय सेवाओं की माँग कर रहे हैं। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा,डेटा संरक्षण,नियामकीय अनुपालन और डिजिटल धोखाधड़ी से निपटना भी वित्तीय संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
शबनम सिन्हा के पास वित्तीय सेवाओं और संस्थागत परिवर्तन से जुड़े लंबे अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि बैंक को उनकी विशेषज्ञता से फायदा मिल सकता है। खास तौर पर विकास वित्त और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में उनका अनुभव बैंक की दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में उपयोगी हो सकता है। बोर्ड स्तर पर उनके अनुभव से बैंक के संचालन और भविष्य की योजनाओं में भी मजबूती आने की उम्मीद है।
सुनील भारती मित्तल का एयरटेल पेमेंट्स बैंक के बोर्ड से अलग होना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हालाँकि,उनके कार्यकाल के दौरान तैयार की गई कारोबारी और डिजिटल बैंकिंग की नींव अब बैंक के आगे के विकास का आधार बनी रहेगी। मित्तल ने भी अपनी विदाई के दौरान बैंक के भविष्य को लेकर भरोसा जताया है।
कंपनी के नेतृत्व में यह परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है,जब भारत का डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विकसित हो रहा है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों ने देश में वित्तीय लेनदेन का तरीका बदल दिया है। ऐसे माहौल में पेमेंट्स बैंकों के सामने ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप नई सेवाएँ विकसित करने और तकनीक के साथ सुरक्षित बैंकिंग अनुभव उपलब्ध कराने की चुनौती है।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक की नई चेयरपर्सन के सामने इसलिए केवल नेतृत्व परिवर्तन को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं होगी,बल्कि बैंक की विकास रणनीति को अगले स्तर तक ले जाने की चुनौती भी होगी। बैंक की मौजूदा स्थिति को मजबूत करने, डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के साथ वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को आगे बढ़ाना आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण रहेगा।
30 सितंबर को सुनील भारती मित्तल के बोर्ड से अलग होने के बाद 1 अक्टूबर से शबनम सिन्हा औपचारिक रूप से चेयरपर्सन का पद सँभालेंगी। यह बदलाव एयरटेल पेमेंट्स बैंक के लिए एक नए नेतृत्व युग की शुरुआत करेगा। मित्तल के नेतृत्व में स्थापित मजबूत आधार के बाद अब बैंक की नजर डिजिटल वित्तीय सेवाओं के अगले दौर में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होगी।
