भागलपुर,22 मई (युआईटीवी)- भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत बिहार के भागलपुर जिले में स्थित पीरपैंती रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत भव्य कायाकल्प किया गया है। अब यह स्टेशन सिर्फ एक परिवहन केंद्र नहीं,बल्कि स्थानीय संस्कृति,कला,तकनीक और पर्यटन का संगम बन गया है।
पीरपैंती रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 18.93 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह स्टेशन एनएसजी-5 श्रेणी में वर्गीकृत है और पूर्व रेलवे क्षेत्र का एक अहम केंद्र माना जाता है। अमृत भारत योजना के पहले चरण के तहत यहाँ व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है,जिसमें सिविल,इलेक्ट्रिकल,सिग्नलिंग और दूरसंचार कार्य,स्टेशन के दोनों ओर 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज,लिफ्ट,साइनेज और रूफ प्लाजा की स्थापना,पैदल यात्रियों के लिए विशेष मार्ग और प्रस्थान व आगमन ब्लॉक का निर्माण तथा स्टेशन परिसर में आकर्षक मूर्तियाँ,सौंदर्यपूर्ण प्रकाश व्यवस्था और मानक आंतरिक सज्जा शामिल है।
पुनर्विकास के तहत स्टेशन प्रवेश द्वार पर बनाई गई तीन रोबोट की आकृतियाँ न केवल रेलवे अनाउंसमेंट करती हैं,बल्कि यात्रियों को सूचना देने का यह एक आधुनिक और आकर्षक तरीका भी साबित हो रहा है।
इससे यह स्टेशन न केवल यात्रियों को सुविधा प्रदान करता है,बल्कि बच्चों और तकनीकी रुचि रखने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन गया है।
पीरपैंती स्टेशन का डिज़ाइन केवल आधुनिक नहीं है,बल्कि यह स्थानीय कला,विरासत और ऐतिहासिक महत्व को भी प्रतिबिंबित करता है। स्टेशन परिसर में लगाए गए टूरिज्म और ईको टूरिज्म के पोस्टरों और तस्वीरों में विक्रमशिला महाविहार के भग्नावशेष,गंगा किनारे स्थित बटेश्वर धाम मंदिर तथा गंगा नदी के बीच तीन पहाड़ी पर स्थित मंदिर शामिल हैं।
इन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की प्रस्तुति यात्रियों को बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि से परिचित कराती है और पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकती है।
डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार,स्टेशन की डिज़ाइन और इंटीरियर को इस तरह तैयार किया गया है कि वह स्थानीय कला और ऐतिहासिक स्मारकों की छाया में नजर आए। इस पहल ने आधुनिक वास्तुकला को स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ जोड़ा है,जिससे स्टेशन को एक अद्वितीय पहचान मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में स्थित 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं और क्षेत्रीय पहचान के साथ नया रूप दिया गया है।
इस योजना के तहत पीरपैंती स्टेशन जैसे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं,बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय पहचान के साथ नया स्वरूप दिया जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना है,जिसका उद्देश्य देशभर के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को नवीनतम सुविधाओं और क्षेत्रीय वास्तुकला के एकीकरण के साथ आधुनिक परिवहन केंद्रों में बदलना है।
इस योजना के अंतर्गत स्टेशनों को यात्री सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण जैसे एस्केलेटर, लिफ्ट,वेटिंग हॉल,डिजिटल साइनेज और सूचना प्रणाली,पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन और निर्माण सामग्री,स्थानीय पहचान और कला को बढ़ावा देने वाली सज्जा,स्मार्ट पार्किंग और यातायात नियंत्रण प्रणाली जैसे विशेषताओं से लैस किया जा रहा है।
पीरपैंती रेलवे स्टेशन का कायाकल्प यह दिखाता है कि कैसे एक छोटा स्टेशन भी राष्ट्रीय विकास की बड़ी तस्वीर का हिस्सा बन सकता है। यह स्टेशन अब न सिर्फ भागलपुर जिले की पहचान है,बल्कि यह रेलवे के भविष्य और संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक बन चुका है।
जहाँ एक ओर तकनीक,रोबोटिक नवाचार और डिजिटल सुविधा यात्रियों की सेवा में है,वहीं दूसरी ओर,यह स्टेशन स्थानीय धार्मिक,ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी सम्मान दे रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना न केवल रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत कर रही है,बल्कि ‘नए भारत’ के आत्मनिर्भर,सुंदर और सशक्त चेहरे को भी दुनिया के सामने ला रही है।
पीरपैंती अब सिर्फ एक स्टेशन नहीं,बल्कि बिहार की समृद्ध परंपरा और तकनीकी प्रगति का संगम बन चुका है।
