एप्पल इंडिया की आय पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के पार (तस्वीर क्रेडिट@IndianTechGuide)

एप्पल इंडिया की आय पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के पार, मुनाफे में 66 प्रतिशत की उछाल; प्रीमियम आईफोन की बढ़ी माँग

नई दिल्ली,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत में महँगे स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल को मिल रहा है। देश में कंपनी के कारोबार ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया रिकॉर्ड बनाया है। एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की परिचालन आय पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के आँकड़े को पार कर गई। कंपनी की आय में तेज बढ़ोतरी के साथ उसके शुद्ध मुनाफे में भी उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में कुल बिक्री की रफ्तार सीमित रहने के बावजूद एप्पल के आईफोन की माँग तेजी से बढ़ी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ग्राहक अब अधिक कीमत वाले और प्रीमियम सुविधाओं से लैस स्मार्टफोन खरीदने में पहले के मुकाबले ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।

कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर तैयार रिपोर्ट के मुताबिक,वित्त वर्ष 2025-26 में एप्पल इंडिया की परिचालन से होने वाली आय सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 1,03,853 करोड़ रुपये पहुँच गई। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी की आय 79,060 करोड़ रुपये रही थी। इस तरह एक वर्ष के भीतर कंपनी ने अपनी आय में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की और पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर लिया। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की आय में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसके मुकाबले इस बार दर्ज की गई 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी कारोबार की रफ्तार तेज होने को दर्शाती है।

एप्पल इंडिया के लिए वित्त वर्ष 2025-26 केवल आय के लिहाज से ही मजबूत नहीं रहा, बल्कि कंपनी के मुनाफे में भी काफी सुधार हुआ। वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 66 प्रतिशत बढ़कर 5,311 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह आँकड़ा 3,196 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने एक साल में मुनाफे के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय बढ़त हासिल की।

इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में एप्पल इंडिया के शुद्ध मुनाफे में करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। नए आँकड़े बताते हैं कि कंपनी की कमाई और लाभ, दोनों में तेजी आई है। बाजार में महँगे फोन की माँग ,आईफोन की बिक्री में वृद्धि और भारतीय उपभोक्ताओं के खरीदारी संबंधी बदलते रुझान को इस प्रदर्शन के महत्वपूर्ण कारकों के रूप में देखा जा रहा है।

भारत में स्मार्टफोन बाजार लगातार बदल रहा है। एक तरफ बड़ी संख्या में ग्राहक किफायती और मध्यम कीमत वाले फोन खरीदते हैं,वहीं दूसरी ओर प्रीमियम श्रेणी में भी माँग बढ़ रही है। बेहतर कैमरा, शक्तिशाली प्रोसेसर,लंबी अवधि तक सॉफ्टवेयर अपडेट और अन्य उन्नत सुविधाओं की चाह रखने वाले ग्राहक महँगे उपकरणों पर खर्च करने के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं। एप्पल को इसी बदलते बाजार से लाभ मिला है।

एप्पल इंडिया के शानदार वित्तीय नतीजों की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है,क्योंकि इस दौरान देश के पूरे स्मार्टफोन बाजार में वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही। बाजार अनुसंधान से जुड़े आँकड़ों के अनुसार,वित्त वर्ष 2025-26 में स्मार्टफोन की बिक्री की मात्रा में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बाजार का कुल मूल्य करीब 9 प्रतिशत बढ़ा। इससे पता चलता है कि कुल बाजार में बिक्री की संख्या में बहुत अधिक विस्तार नहीं हुआ, लेकिन महँगे फोन की हिस्सेदारी बढ़ने से कारोबार का मूल्य तेजी से ऊपर गया।

इसी अवधि में 30,000 रुपये से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन के प्रीमियम वर्ग ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में बिक्री की मात्रा में लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि पूरे स्मार्टफोन बाजार की तुलना में काफी अधिक रही। प्रीमियम फोन की माँग बढ़ने से उन कंपनियों को फायदा मिला,जिनका कारोबार मुख्य रूप से महँगे उपकरणों पर केंद्रित है।

आईफोन की बिक्री के आँकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में आईफोन की बिक्री की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके विपरीत,वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़ोतरी लगभग 11 प्रतिशत रही थी। यानी एक साल के भीतर आईफोन की बिक्री में वृद्धि की रफ्तार दोगुने से भी अधिक हो गई। कंपनी की आय में दर्ज तेज बढ़ोतरी के पीछे यह महत्वपूर्ण वजह मानी जा रही है।

नए वित्तीय नतीजों के बाद एप्पल इंडिया की आय देश में उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में शामिल सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के आँकड़ों के करीब पहुँच गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने लगभग 1.12 लाख करोड़ रुपये की आय दर्ज की। यह एप्पल इंडिया की 1,03,853 करोड़ रुपये की आय से कुछ अधिक है।

हालाँकि,दोनों कंपनियों के कुल कारोबार की सीधी तुलना करना पूरी तरह सही नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि सैमसंग का व्यावसायिक दायरा केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है। कंपनी भारत में मोबाइल फोन के अलावा टेलीविजन,घरेलू उपकरण, दूरसंचार नेटवर्क से जुड़े उपकरण और अन्य उत्पादों का कारोबार भी करती है। इसके साथ ही उसके कारोबार में निर्यात की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए सैमसंग की कुल आय में कई अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों का योगदान शामिल होता है।

दूसरी ओर,एप्पल इंडिया की आय में आईफोन और कंपनी के अन्य उत्पादों तथा सेवाओं से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों का योगदान रहता है। ऐसे में दोनों कंपनियों की कुल आय के आँकड़ों को देखते समय उनके कारोबार की संरचना को ध्यान में रखना जरूरी है।

कुल आय के मामले में सैमसंग का आँकड़ा एप्पल से अधिक रहने के बावजूद उसके मोबाइल फोन कारोबार में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मामूली गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सैमसंग के मोबाइल फोन कारोबार से होने वाली आय 1.4 प्रतिशत घटकर 81,472 करोड़ रुपये रह गई। यह आँकड़ा ऐसे समय में सामने आया है, जब इसी अवधि में एप्पल इंडिया ने अपनी आय में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और आईफोन की बिक्री में तेज उछाल हासिल किया।

इन आँकड़ों से भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा की बदलती तस्वीर सामने आती है। एक ओर व्यापक उत्पाद पोर्टफोलियो वाली कंपनियाँ कई श्रेणियों में कारोबार करती हैं, वहीं दूसरी ओर प्रीमियम स्मार्टफोन पर मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियां महंगे उपकरणों की बढ़ती मांग से तेजी से लाभ उठा सकती हैं।

कुल मिलाकर,वित्त वर्ष 2025-26 एप्पल इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है। कंपनी की आय का एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुँचना,मुनाफे में 66 प्रतिशत की वृद्धि और आईफोन की बिक्री में 24 प्रतिशत का विस्तार भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार की बढ़ती अहमियत को दिखाता है। यदि महँगे फोन की माँग इसी तरह बनी रहती है,तो आने वाले वर्षों में इस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। हालाँकि,कंपनी की आगे की वृद्धि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वह भारतीय ग्राहकों की जरूरतों,कीमतों और बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों के बीच अपनी स्थिति कितनी मजबूत बनाए रखती है।