काकामिगहारा,2 अक्टूबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। दोनों टीमों के बीच खेला गया सेमीफाइनल मुकाबला उतार-चढ़ाव से भरा रहा। एक समय भारतीय टीम 3-0 की मजबूत बढ़त के साथ जीत की ओर बढ़ रही थी,लेकिन पाकिस्तान ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद मैच के आखिरी पलों में अभिषेक ने निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई और फाइनल का टिकट पक्का कर दिया।
इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन भारत ने एशियन गेम्स में एक और पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब टीम की नजर स्वर्ण पदक पर होगी। फाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार पाकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाया। शुरुआती मिनटों में भारत को कई पेनल्टी कॉर्नर भी मिले,जिसका फायदा टीम ने उठाया।
मैच के पाँचवें मिनट में भारत को पहला गोल मिल गया। पेनल्टी कॉर्नर के मौके पर हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग फ्लिक लगाई। गेंद पाकिस्तान के गोलकीपर मुनीब-उर-रहमान रजा के पैरों के बीच से निकलकर गोल में पहुँच गई। इस गोल के साथ भारत ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
पहले गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम लगातार पाकिस्तान के घेरे में दबाव बनाए रखी और विरोधी टीम को अपनी रणनीति के अनुसार खेलने का मौका नहीं दिया।
भारत को जल्द ही एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। 13वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर अपनी शानदार ड्रैग फ्लिक का प्रदर्शन किया। उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
दो गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान की टीम दबाव में दिखाई दी। भारतीय डिफेंस और मिडफील्ड के बीच बेहतर तालमेल के कारण पाकिस्तान को गोल करने के मौके आसानी से नहीं मिल रहे थे। भारत ने पहले क्वार्टर में खेल पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।
दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने आक्रामक खेल जारी रखा। 23वें मिनट में सुखजीत सिंह ने भारत के लिए तीसरा गोल कर दिया। इस गोल की शुरुआत मनप्रीत सिंह के गेंद पर कब्जा हासिल करने से हुई। इसके बाद शिलानंद लाकड़ा बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़े और गोल के सामने गेंद पहुँचाई। सुखजीत सिंह ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में डाल दिया। भारत ने 3-0 की बढ़त हासिल कर ली।
तीन गोल से पिछड़ने के बावजूद पाकिस्तान ने हार नहीं मानी। हाफ टाइम से ठीक पहले टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और अबू महमूद ने 30वें मिनट में इस मौके को गोल में बदल दिया। इस गोल से पाकिस्तान ने अंतर घटाकर 1-3 कर दिया।
पहले हाफ के अंत तक भारत 3-1 से आगे था,लेकिन पाकिस्तान के गोल ने उसे मुकाबले में बनाए रखा। दूसरे हाफ में भारतीय टीम के सामने अपनी बढ़त को बनाए रखने की चुनौती थी,जबकि पाकिस्तान के पास वापसी का मौका था।
दूसरे हाफ की शुरुआत में पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय टीम के तीन गोल की बढ़त धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी। 45वें मिनट में हनान शाहिद ने पाकिस्तान के लिए दूसरा गोल कर दिया। इस गोल के बाद पाकिस्तान का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
आखिरी क्वार्टर की शुरुआत में पाकिस्तान ने भारत पर और दबाव बढ़ाया। क्वार्टर शुरू होने के केवल तीन मिनट बाद राणा वहीद ने दाईं ओर से आई गेंद को गोल में पहुँचाकर स्कोर 3-3 कर दिया। देखते ही देखते पाकिस्तान ने तीन गोल की कमी पूरी कर मैच को बराबरी पर ला दिया।
3-0 की बढ़त गंवाने के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया। मुकाबला अब बेहद रोमांचक हो चुका था। दोनों टीमें निर्णायक गोल की तलाश में थीं। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान की लगातार बढ़ती आक्रामकता को रोकना और मैच को शूटआउट में जाने से बचाना था।
मैच के अंतिम क्षणों में भारतीय टीम को वह सफलता मिली,जिसका उसे इंतजार था। जब मुकाबला शूटआउट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था,तभी अभिषेक ने आखिरी मिनट में शानदार गोल दाग दिया।
अभिषेक के इस गोल ने न सिर्फ भारत को 4-3 की बढ़त दिलाई,बल्कि पाकिस्तान की वापसी की उम्मीदों को भी समाप्त कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने बचे हुए समय में अपनी बढ़त को कायम रखा। अंतिम सीटी बजते ही भारत ने 4-3 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
यह जीत भारतीय टीम के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम ने एक समय 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी,लेकिन पाकिस्तान ने लगातार तीन गोल करके मैच को बराबरी पर पहुँचा दिया था। ऐसे मुश्किल समय में अभिषेक का निर्णायक गोल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपना एक और पदक पक्का कर लिया है। मौजूदा चैंपियन टीम अब अपने खिताब का बचाव करने के लिए फाइनल में उतरेगी।
फाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। भारतीय टीम के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मिली यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है,लेकिन फाइनल में उसे एक और चुनौती का सामना करना होगा।
सेमीफाइनल में भारत ने जिस तरह शुरुआत में दबदबा बनाया और फिर पाकिस्तान की वापसी के बाद आखिरी क्षणों में मैच अपने पक्ष में किया,उससे मुकाबले का रोमांच अपने चरम पर रहा। अब भारतीय टीम की नजर फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल करने पर होगी।
