मस्कट,17 अगस्त (युआईटीवी)- भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश ही नहीं,बल्कि समुद्र के पार भी तिरंगे की शान दिखाई दी। भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और प्रशिक्षण पोतों ने दुनिया के अलग-अलग देशों के बंदरगाहों पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। मस्कट,पोंटा डेलगाडा और जिबूती सहित विदेशी बंदरगाहों पर भारतीय नौसेना के जहाजों की मौजूदगी ने भारत की समुद्री ताकत,वैश्विक पहुँच और मित्र देशों के साथ मजबूत संबंधों को प्रदर्शित किया। नौसेना ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए इन कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
भारतीय नौसेना ने कहा कि तिरंगा फहराते हुए उसके जहाजों ने भारत की भावना को समुद्रों के पार पहुँचाया। नौसेना के मुताबिक,भारतीय जहाजों ने जिबूती, मस्कट और पोंटा डेलगाडा समेत विदेशी बंदरगाहों पर 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज पूरे गर्व के साथ लहराया गया। नौसेना ने इसे भारत की समुद्री उपस्थिति,राष्ट्रीय गौरव और दूसरे देशों के साथ दोस्ती के स्थायी बंधनों का प्रतीक बताया।
ओमान की राजधानी मस्कट में विशाखापट्टनम श्रेणी के विध्वंसक पोत आईएनएस इम्फाल ने पोर्ट कॉल के दौरान स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। युद्धपोत पर तिरंगा फहराया गया और भारतीय नौसेना के जवानों ने देश की स्वतंत्रता के 80 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस अवसर पर भारतीय नौसेना के जहाज और उसके चालक दल को शुभकामनाएँ दीं।
भारतीय दूतावास ने कहा कि 80 साल की आजादी भारत की उस विरासत का प्रतीक है, जो लगातार आगे बढ़ रही है। दूतावास के अनुसार,आईएनएस इम्फाल पर गर्व से लहराता तिरंगा भारत और ओमान की दोस्ती तथा दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग के स्थायी संबंधों को दोहराता है। इस अवसर ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग को भी रेखांकित किया।
ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने आईएनएस इम्फाल का दौरा किया और जहाज के चालक दल को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। भारतीय नौसेना के अधिकारियों और जवानों के साथ उन्होंने इस विशेष अवसर पर बातचीत की। जहाज के चालक दल ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में भी हिस्सा लिया। इस दौरान भारत की स्वतंत्रता और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को याद किया गया।
स्वतंत्रता दिवस का जश्न पुर्तगाल के एजोर्स द्वीपसमूह में भी देखने को मिला। भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने पोंटा डेलगाडा में अपने पोर्ट कॉल के दौरान 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। पोत पर देशभक्ति के माहौल में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान जहाज को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया,जिसने समारोह को और खास बना दिया।
पुर्तगाल स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि आईएनएस सुदर्शिनी ने पोंटा डेलगाडा में पोर्ट कॉल के दौरान गर्व और देशभक्ति के साथ भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। दूतावास ने इसे भारत की राष्ट्रीय भावना,विरासत और समुद्री परंपराओं का यादगार उत्सव बताया। तिरंगे की रोशनी से सजे पोत ने भारत और पुर्तगाल के बीच दोस्ती,सद्भाव और समुद्री सहयोग के स्थायी संबंधों को भी प्रदर्शित किया।
आईएनएस सुदर्शिनी की एजोर्स यात्रा को उसके लोकायन 26 अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भारतीय नौसेना ने बताया कि यह पोत अमेरिका के बोस्टन से 19 दिनों की ट्रांस-अटलांटिक यात्रा पूरी करने के बाद 13 अगस्त को पुर्तगाल के एजोर्स स्थित पोंटा डेलगाडा पहुँचा। नौसेना के अनुसार,यह लोकायन 26 अभियान में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस अभियान के माध्यम से भारतीय नौसेना की समुद्री प्रशिक्षण क्षमता और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री साझेदारी को मजबूती मिल रही है।
पोत के पोंटा डेलगाडा पहुँचने के बाद उसके कमांडिंग ऑफिसर ने एजोर्स समुद्री क्षेत्र के कमांडर कमोडोर लुइस निकोलसन लावराडोर से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों के बीच पेशेवर और समुद्री सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। आईएनएस सुदर्शिनी के ठहराव के दौरान पुर्तगाली नौसेना के साथ पेशेवर बातचीत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कार्यक्रम भी निर्धारित किए गए हैं।
भारतीय नौसेना के अनुसार,ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ आपसी समझ और सौहार्द को मजबूत करने में मदद करते हैं। समुद्री क्षेत्र में सहयोग आज भारत की विदेश नीति और सुरक्षा संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। भारतीय नौसेना नियमित रूप से मित्र देशों के बंदरगाहों का दौरा करती है और वहाँ स्थानीय नौसेनाओं के साथ संयुक्त गतिविधियों तथा पेशेवर आदान-प्रदान में हिस्सा लेती है।
जिबूती में भी भारतीय नौसेना की मौजूदगी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को विशेष बनाया। अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र में जिबूती का रणनीतिक महत्व काफी अधिक है। यहाँ भारतीय नौसेना के जहाजों की मौजूदगी भारत की समुद्री पहुँच और क्षेत्रीय साझेदारियों को दर्शाती है। विदेशी बंदरगाहों पर स्वतंत्रता दिवस मनाने की परंपरा भारतीय नौसेना के लिए केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव नहीं है,बल्कि इसके माध्यम से भारत की समुद्री विरासत और मित्र देशों के साथ संबंधों को भी प्रदर्शित किया जाता है।
भारतीय नौसेना के इन कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ-साथ विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। जहाजों के चालक दल और स्थानीय अधिकारियों के बीच बातचीत,सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पेशेवर गतिविधियों के जरिए आपसी संबंधों को मजबूत किया गया।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर विदेशों में तिरंगे का लहराना देश की बढ़ती समुद्री उपस्थिति का प्रतीक बना। मस्कट में आईएनएस इम्फाल से लेकर पोंटा डेलगाडा में आईएनएस सुदर्शिनी तक भारतीय नौसेना ने यह संदेश दिया कि भारत की स्वतंत्रता का उत्सव केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। समुद्र के रास्ते दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँचकर भारतीय नौसेना ने राष्ट्रीय गौरव,समुद्री परंपरा और मित्र देशों के साथ सहयोग की भावना को भी मजबूती से सामने रखा।
