बेल्जियम के हाई फेंस में भीषण जंगल की आग का कहर (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

बेल्जियम के हाई फेंस में भीषण जंगल की आग का कहर, 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र चपेट में, 600 लोगों की वापसी पर रोक

ब्रसेल्स,17 अगस्त (युआईटीवी)- बेल्जियम के हाई फेंस इलाके में लगी भीषण जंगल की आग ने रविवार सुबह तक करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इसे बेल्जियम के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी जंगल की आग बताया जा रहा है। आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है,लेकिन कई स्थानों पर आग के हॉटस्पॉट अब भी सक्रिय हैं। तेज हवाओं और कठिन भू-भाग के कारण दमकलकर्मियों के सामने चुनौती बनी हुई है। आग रिहायशी इलाकों के बेहद करीब पहुँच चुकी है और आसपास के क्षेत्रों में घना धुआँ छाया हुआ है।

लीज के गवर्नर हर्वे जमार ने बताया कि आग की स्थिति को देखते हुए करीब 600 लोगों को अभी भी अपने घरों में लौटने की अनुमति नहीं दी गई है। राहत की बात यह है कि आग की चपेट में आने के बावजूद रात के दौरान किसी भी घर को नुकसान नहीं पहुँचा। हालाँकि,आग और रिहायशी क्षेत्रों के बीच दूरी कम होने के कारण प्रशासन बेहद सतर्क है। प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निकासी और वापसी से जुड़े फैसले स्थिति के आकलन के आधार पर लिए जा रहे हैं।

यह आग शुक्रवार को लगी थी और उस समय इसका दायरा करीब 60 हेक्टेयर तक सीमित था,लेकिन सप्ताहांत के दौरान आग ने बेहद तेजी से फैलते हुए हजारों हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही समय में आग का विस्तार इतना अधिक हो गया कि इसे देश की सबसे बड़ी जंगल की आग में शामिल किया जाने लगा। अधिकारियों के अनुसार,रविवार सुबह तक शुरुआती अनुमान में करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। हालाँकि,आग की वास्तविक सीमा का सटीक आकलन अभी किया जाना बाकी है।

लीज के गवर्नर के अनुसार, 250 से अधिक आपातकालीन कर्मियों ने रातभर आग पर नियंत्रण पाने के लिए अभियान चलाया। बेल्जियम के 15 से अधिक आपातकालीन क्षेत्रों से दमकलकर्मी इस अभियान में शामिल हुए हैं। आग की भयावहता को देखते हुए पड़ोसी देशों से भी मदद ली जा रही है। जर्मनी और लक्जमबर्ग की आपातकालीन टीमें बेल्जियम के राहत और अग्निशमन अभियान में सहयोग कर रही हैं। बेल्जियम की नागरिक सुरक्षा इकाइयाँ,संघीय पुलिस और सेना के जवान भी आग बुझाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सँभालने में जुटे हुए हैं।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने रविवार को आग पर काबू पाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुँचे आपातकालीन दलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यूरोपीय साझेदारों की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सहायता के लिए भी आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने आग से प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों का प्रयास बेहद महत्वपूर्ण है।

आग बुझाने के लिए जमीन के साथ-साथ हवाई अभियान भी चलाया जा रहा है। वालोनिया के जोखिम समन्वय केंद्र कॉर्टेक्स के अनुसार,रविवार सुबह बेल्जियम की संघीय पुलिस के दो हेलीकॉप्टर और नीदरलैंड्स के दो चिनूक हेलीकॉप्टर अभियान में लगाए गए। इन हेलीकॉप्टरों में बाम्बी बकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है,जिसकी मदद से एक बार में बड़ी मात्रा में पानी आग के प्रभावित हिस्सों पर गिराया जा सकता है। इन बकेट में करीब 7,600 लीटर पानी भरा जा सकता है।

हवाई अभियान का उद्देश्य उन इलाकों तक पानी पहुँचाना है,जहाँ जमीन के रास्ते दमकल वाहनों और अन्य आपातकालीन उपकरणों को पहुँचाना मुश्किल है। यूरोपीय संघ के नागरिक सुरक्षा तंत्र के तहत स्वीडन के दमकल विमानों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन विमानों को अभियान में लगाया जा सकता है। इससे पता चलता है कि आग की स्थिति को स्थानीय संकट से आगे बढ़कर व्यापक क्षेत्रीय आपात स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

दमकलकर्मी जर्मन सीमा के पास स्थित लगभग एक किलोमीटर चौड़े मोर्चे पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस इलाके का भू-भाग काफी कठिन है,जिससे जमीनी वाहनों के लिए वहाँ पहुँचना मुश्किल हो रहा है। जंगल और प्राकृतिक भू-भाग के कारण आग तक सीधे पहुंच बनाना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में दमकलकर्मियों को आग के फैलाव को रोकने के लिए उपलब्ध संसाधनों का रणनीतिक इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

सीमा पार जर्मनी के मॉन्सचाउ शहर में रविवार सुबह स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला। इससे पहले वहाँ के निवासियों को संभावित निकासी के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी गई थी। बेल्जियम में लगी आग की दिशा और बदलते मौसम को देखते हुए जर्मन प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आग के सीमा पार फैलने की आशंका को देखते हुए दोनों देशों के आपातकालीन तंत्र के बीच समन्वय महत्वपूर्ण हो गया है।

मौसम भी आग के नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभा सकता है। रविवार सुबह संकट बैठक के बाद बेल्जियम के रॉयल मौसम विज्ञान संस्थान की मौसम पूर्वानुमान सेवा के प्रमुख डेविड डेहेनाउ ने बताया कि आग पूर्व दिशा की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आग केवल हवा की दिशा में ही नहीं,बल्कि हवा के विपरीत दिशा में भी फैल सकती है,क्योंकि इसका प्रसार जमीन के साथ भी हो रहा है। इस वजह से आग की दिशा का अनुमान लगाना और उसके आधार पर बचाव अभियान चलाना अधिक जटिल हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार,रविवार दोपहर हवाओं के तेज होने का अनुमान है। तेज हवाएँ आग की लपटों और धुएँ को दूर तक ले जा सकती हैं और इससे नए क्षेत्रों में आग फैलने का खतरा बढ़ सकता है। सोमवार सुबह केवल एक से दो मिलीमीटर बारिश का अनुमान है। मंगलवार और बुधवार को इससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालाँकि,अधिकारियों और मौसम विशेषज्ञों के लिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संभावित बारिश आग पर प्रभावी रूप से काबू पाने के लिए पर्याप्त होगी या नहीं।

डेविड डेहेनाउ ने यह भी कहा कि करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में आग फैलने का शुरुआती अनुमान है। दिन के समय हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की मदद से विस्तृत सर्वेक्षण किए जाने के बाद आग से प्रभावित क्षेत्र का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा। हवाई सर्वेक्षण से आग के सक्रिय हिस्सों,हॉटस्पॉट और आग की वास्तविक दिशा का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर अग्निशमन दल अपने अभियान को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेंगे।

आग का प्रभाव केवल जंगल और आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं है। इससे निकलने वाला धुआँ घटनास्थल से करीब 80 किलोमीटर दूर तक फैल गया है। बेल्जियम के नामुर और लक्जमबर्ग प्रांतों के कुछ हिस्से भी धुएँ की चपेट में आए हैं। धुएँ के व्यापक फैलाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रशासन ने लोगों से दरवाजे और खिड़कियाँ बंद रखने तथा घरों में वेंटिलेशन सिस्टम बंद करने को कहा है,ताकि बाहर का धुआँ अंदर न आए। लोगों को बाहरी गतिविधियों को सीमित रखने की भी सलाह दी गई है। विशेष रूप से घने धुएँ वाले इलाकों में लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।

हाई फेंस में लगी यह आग बेल्जियम के लिए कई स्तरों पर गंभीर चुनौती बन गई है। एक ओर हजारों हेक्टेयर प्राकृतिक क्षेत्र प्रभावित हुआ है,वहीं दूसरी ओर रिहायशी इलाकों की सुरक्षा और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। आग की तीव्रता,कठिन भू-भाग, तेज हवाओं और सीमित बारिश के पूर्वानुमान ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

फिलहाल बेल्जियम के साथ-साथ उसके यूरोपीय पड़ोसी भी आग पर नियंत्रण पाने के अभियान में सहयोग कर रहे हैं। दमकलकर्मियों,सेना,पुलिस,नागरिक सुरक्षा बलों और हवाई संसाधनों की मदद से आग के फैलाव को रोकने की कोशिश जारी है। आने वाले दो से तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं,क्योंकि इसी दौरान मौसम की स्थिति और संभावित बारिश आग की दिशा और तीव्रता को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन की नजर अब सक्रिय हॉटस्पॉट,सीमा से लगे क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों पर है,ताकि आग से किसी बड़े मानवीय नुकसान को रोका जा सके।