न्यूयॉर्क,30 जुलाई (युआईटीवी)- बुकर पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर वर्ष 2022 में हुए जानलेवा हमले के मामले में अमेरिका की एक संघीय अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लेखक पर कई बार चाकू से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल करने वाले हादी मतर को अब आतंकवाद से जुड़े आरोपों में भी दोषी ठहराया गया है। संघीय अदालत की जूरी ने बुधवार को स्थानीय समय के अनुसार यह निर्णय सुनाते हुए माना कि हादी मतर ने न केवल सलमान रुश्दी की हत्या का प्रयास किया,बल्कि उसने ईरान के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए एक आतंकवादी संगठन की सहायता भी की। इस फैसले के बाद मतर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं तथा उसे संघीय स्तर पर भी कड़ी सजा मिलने की संभावना है।
अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह तर्क रखा कि हादी मतर ने सलमान रुश्दी पर हमला वर्ष 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी द्वारा जारी किए गए फतवे को पूरा करने के उद्देश्य से किया था। उस फतवे में सलमान रुश्दी की हत्या की माँग की गई थी। फतवा उनके चर्चित उपन्यास ‘सैटेनिक वर्सेज’ के प्रकाशन के बाद जारी हुआ था,जिसे कुछ इस्लामी धर्मगुरुओं ने ईशनिंदा करने वाला बताया था। इसी विवाद के कारण सलमान रुश्दी कई दशकों तक सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करते रहे।
संघीय अदालत की जूरी ने अभियोजन पक्ष की उस दलील को भी स्वीकार किया जिसमें कहा गया था कि हादी मतर का संबंध ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह से था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत किए,जिनके आधार पर यह दावा किया गया कि मतर इस संगठन की विचारधारा से प्रभावित था और उसके समर्थन में गतिविधियाँ करता था। अदालत में एक तस्वीर भी पेश की गई,जिसमें वह हिज्बुल्लाह का नाम लिखी हुई टी-शर्ट पहने दिखाई दे रहा था। इसके अतिरिक्त एक प्रचार वीडियो भी प्रस्तुत किया गया,जिसमें हादी मतर अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी और हिज्बुल्लाह के एक प्रमुख नेता के भाषण साझा करता हुआ दिखाई दिया। इन साक्ष्यों को देखते हुए जूरी ने यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी का संबंध आतंकवादी गतिविधियों से था और उसने एक प्रतिबंधित संगठन की सहायता की।
यह मामला पहले भी अमेरिकी न्याय प्रणाली के अंतर्गत राज्य स्तर पर चल चुका है। पिछले वर्ष न्यूयॉर्क राज्य की अदालत ने हादी मतर को सलमान रुश्दी की हत्या के प्रयास का दोषी ठहराया था। उस मामले में उसे 25 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी और वह फिलहाल उसी सजा को भुगत रहा है। हालाँकि,अमेरिकी न्याय प्रणाली के अनुसार किसी गंभीर अपराध में यदि राज्य कानून और संघीय कानून दोनों लागू होते हैं,तो एक ही घटना के लिए अलग-अलग स्तर की अदालतों में मुकदमा चलाया जा सकता है। इसी कारण मतर के खिलाफ संघीय अदालत में आतंकवाद और आतंकवादी संगठन की सहायता से जुड़े आरोपों पर अलग से सुनवाई हुई।
अब संघीय अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद हादी मतर को नवंबर में सजा सुनाई जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार,यदि अदालत अभियोजन पक्ष की दलीलों से पूरी तरह सहमत रहती है,तो उसे बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा सकती है। यह उसके खिलाफ पहले से दी गई 25 वर्ष की सजा से अलग होगी और संघीय कानूनों के तहत लागू की जाएगी।
सुनवाई के दौरान हादी मतर के वकील नैथेनियल बैरोन ने यह स्वीकार किया कि उनके मुवक्किल ने सलमान रुश्दी पर हमला किया था,लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि यह हमला ईरान या हिज्बुल्लाह के निर्देश पर किया गया था। बचाव पक्ष का कहना था कि हादी मतर ने यह हमला अकेले अपने स्तर पर किया और उसके पीछे किसी विदेशी सरकार या आतंकवादी संगठन की सीधी भूमिका नहीं थी। वकील ने अदालत में कहा कि मतर सलमान रुश्दी के लेखन,विशेष रूप से ‘सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर अत्यधिक नाराज था और उसी व्यक्तिगत गुस्से के कारण उसने यह कदम उठाया।
सलमान रुश्दी का नाम कई दशकों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और साहित्यिक स्वतंत्रता से जुड़े वैश्विक विमर्श का हिस्सा रहा है। वर्ष 1989 में फतवा जारी होने के बाद उन्हें लंबे समय तक ब्रिटिश सरकार की सुरक्षा में रहना पड़ा था। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक जीवन से लगभग दूरी बना ली थी। बाद में परिस्थितियों में कुछ बदलाव आने के बाद उन्होंने सामान्य जीवन में वापसी की और साहित्यिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों से भी जुड़े रहे। वह न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से भी संबद्ध रहे और लगातार लेखन कार्य करते रहे।
वर्ष 2022 में जब उन पर हमला हुआ,तब वह न्यूयॉर्क शहर से लगभग 600 किलोमीटर दूर स्थित चौटाक्का इंस्टीट्यूशन में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचे थे। विडंबना यह रही कि जिस कार्यक्रम में वह शामिल होने वाले थे,उसका विषय लेखकों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा था। कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले हादी मतर मंच पर पहुँचा और उसने सलमान रुश्दी पर कई बार चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में रुश्दी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हमले के बाद सलमान रुश्दी को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा। उन्होंने बाद में अपने अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में भी प्रस्तुत किया,जिसका शीर्षक ‘नाइफः मेडिटेशंस आफ्टर एन अटेम्टेड मर्डर’ है। इस पुस्तक में उन्होंने हमले के दौरान और उसके बाद की मानसिक तथा शारीरिक पीड़ा का विस्तार से वर्णन किया है। यह पुस्तक दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हुए हमले के व्यक्तिगत दस्तावेज के रूप में भी देखा गया।
संघीय अदालत में सुनवाई के दौरान सलमान रुश्दी स्वयं भी गवाही देने पहुँचे। सहायक संघीय अभियोजक टिमोथी लिंच के अनुरोध पर उन्होंने अपना विशेष चश्मा उतारा ताकि जूरी के सदस्य उस आँख को देख सकें,जिसे हमले के दौरान उन्होंने खो दिया था। अदालत में उन्होंने बताया कि हमले में उनकी एक आँख की रोशनी पूरी तरह चली गई। इसके अलावा उनका बायां हाथ भी गंभीर रूप से घायल हुआ,जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि हाथ की चोट के कारण अब वह वाहन नहीं चला सकते। रुश्दी ने अदालत को बताया कि हमले के दौरान उनके लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुँचा था और उन्हें लंबे समय तक चिकित्सा उपचार से गुजरना पड़ा।
सलमान रुश्दी पर हुआ हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं माना गया,बल्कि इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,साहित्य और रचनात्मक विचारों पर हमले के रूप में भी देखा गया। इस घटना की दुनिया भर में व्यापक निंदा हुई थी और अनेक देशों के साहित्यकारों, मानवाधिकार संगठनों तथा सरकारों ने इसकी आलोचना की थी। कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना को इस बात का उदाहरण बताया कि लेखक और विचारक आज भी अपने विचारों के कारण गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
संघीय अदालत का ताजा फैसला इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव माना जा रहा है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर हादी मतर को आतंकवाद और आतंकवादी संगठन की सहायता जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया है। अब नवंबर में होने वाली सजा सुनवाई पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। यदि अदालत उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाती है,तो यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले और आतंकवाद से जुड़े अपराधों के संदर्भ में अमेरिकी न्याय व्यवस्था के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो जाएगा।
