रूस का यूक्रेन पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला (तस्वीर क्रेडिट@EmmanuelInvest)

रूस का यूक्रेन पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, 13 लोगों की मौत,कई शहरों में तबाही

कीव,30 जुलाई (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और हवाई हमले किए,जिनमें अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इन हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हुए हैं। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं, जिससे इस घटना ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और गहरा दी है। हमलों में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रीह क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया,जहाँ एक ही परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई। राजधानी कीव और पश्चिमी शहर ल्वीव सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी विस्फोटों,आगजनी और इमारतों को नुकसान पहुँचने की खबरें सामने आई हैं।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार,सबसे भयावह हमला राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के गृह क्षेत्र क्रिवी रीह में हुआ। यहाँ सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र विलकुल ने बताया कि रूस की ओर से वोरोनेझ क्षेत्र से दागी गई इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइल ने शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक निजी मकान को सीधे निशाना बनाया। मिसाइल के विस्फोट से मकान पूरी तरह तबाह हो गया और उसमें मौजूद एक ही परिवार के चार वयस्कों तथा पांच और बारह वर्ष की दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में आठ अन्य लोग घायल भी हुए हैं,जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

क्रिवी रीह में हुए इस हमले ने पूरे यूक्रेन को झकझोर कर रख दिया है। यह शहर राष्ट्रपति जेलेंस्की का जन्मस्थान है और युद्ध के दौरान कई बार रूसी हमलों का सामना कर चुका है। इस बार नागरिकों पर सीधे हुए हमले ने यूक्रेनी प्रशासन को और अधिक सतर्क कर दिया है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्र में अभियान चला रहे हैं तथा घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

राजधानी कीव भी इस बड़े हमले से अछूती नहीं रही। कीव सैन्य प्रशासन ने पुष्टि की कि शहर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। हमलों के बाद राजधानी के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और कई स्थानों पर आग लग गई। कीव के मेयर विताली क्लिस्चको ने बताया कि विभिन्न जिलों में आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सक्रिय किया गया। दमकल कर्मियों और बचाव दलों ने आग बुझाने तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए वे एयर-रेड अलर्ट का पालन करें और सुरक्षित शरणस्थलों में ही रहें।

रूस के हमलों का असर पश्चिमी यूक्रेन के शहर ल्वीव में भी देखने को मिला। स्थानीय प्रशासन के अनुसार,यहाँ कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुँचा है। शहर के मेयर आंद्री सादोवी ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,कई इमारतों की खिड़कियाँ टूट गईं और कुछ स्थानों पर बुनियादी ढाँचे को भी नुकसान पहुँचा है। हालाँकि,राहत की बात यह रही कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जनहानि की सूचना नहीं मिली है,लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति का आकलन कर रहा है।

इन हमलों से कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पूरे देश को संभावित बड़े रूसी हमले के प्रति आगाह किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा था कि रूस पिछले कई दिनों से व्यापक हमले की तैयारी कर रहा है और रात के समय बड़े पैमाने पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले की आशंका है। उन्होंने सभी क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की थी कि एयर-रेड अलर्ट को गंभीरता से लें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ। कुछ ही घंटों बाद रूस ने कई शहरों पर एक साथ हमले शुरू कर दिए,जिससे जेलेंस्की की चेतावनी सही साबित हुई।

यूक्रेन पर हुए इन हमलों का प्रभाव केवल उसके सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। यूक्रेन की सीमा से लगे पोलैंड ने भी सुरक्षा कारणों से अपने रक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया। पोलैंड की सेना ने जानकारी दी कि उसने अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लड़ाकू विमानों और एक प्रारंभिक चेतावनी विमान को तैनात किया है। इसके अलावा जमीनी वायु रक्षा प्रणाली और रडार निगरानी तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। पोलैंड का यह कदम दर्शाता है कि रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते संघर्ष का असर पड़ोसी देशों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

लगातार हो रहे रूसी हमलों के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बार फिर अपने पश्चिमी सहयोगी देशों से यूक्रेन को और अधिक वायु रक्षा प्रणाली तथा मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि रूस लगातार आधुनिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है,इसलिए देश की सुरक्षा के लिए मजबूत वायु रक्षा प्रणाली बेहद आवश्यक है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के नागरिकों की सुरक्षा काफी हद तक उसके सहयोगी देशों की तत्परता और समर्थन पर निर्भर करती है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि यूक्रेन को समय पर सैन्य सहायता उपलब्ध कराई जाए,ताकि नागरिकों की जान बचाई जा सके।

इस बीच संघर्ष का असर रूस के भीतर भी दिखाई दिया। रूस के पश्चिमी शहर पेंजा में एक यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद एक बड़े गोदाम में आग लग गई। क्षेत्रीय गवर्नर ओलेग मेलनिचेंको ने बताया कि यह गोदाम ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज का था। ड्रोन हमले के बाद लगी आग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि लगभग 200 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रूसी अधिकारियों ने इस हमले की जाँच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया है। दोनों पक्षों की ओर से मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग बढ़ने के कारण नागरिक क्षेत्रों पर भी खतरा लगातार बढ़ रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के महत्वपूर्ण शहरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है,जिससे दोनों देशों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के ताजा हमले यह संकेत देते हैं कि युद्ध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। दूसरी ओर यूक्रेन भी लगातार अपने सहयोगी देशों से सैन्य सहायता बढ़ाने की माँग कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील कर रहा है,लेकिन जमीनी हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

गुरुवार तड़के हुए इन हमलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। नागरिकों की मौत,बच्चों का हताहत होना, आवासीय क्षेत्रों का तबाह होना और पड़ोसी देशों की बढ़ती सुरक्षा चिंताएँ इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में युद्ध किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या कूटनीतिक प्रयास इस बढ़ती हिंसा को रोकने में सफल हो पाएँगे।