नई दिल्ली,7 अक्टूबर (युआईटीवी)- न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम और इंडिया-ए टीम का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मंगलवार शाम इस दौरे के लिए फिलहाल टी20 टीमों की घोषणा की है। चयन में सबसे ज्यादा चर्चा अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी को लेकर हो रही है। लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर चल रहे भुवनेश्वर को एक बार फिर भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। करीब चार साल बाद उनकी टीम इंडिया में वापसी हुई है, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच खुशी की लहर है।
भुवनेश्वर कुमार की वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था। अब करीब चार साल के अंतराल के बाद वह उसी टीम के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के जरिए भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं। भुवनेश्वर ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला 22 नवंबर 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। ऐसे में उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर के नए अध्याय की शुरुआत भी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने की संभावना ने इस वापसी को और खास बना दिया है।
स्विंग गेंदबाजी के लिए मशहूर भुवनेश्वर कुमार भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक नई गेंद के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी क्षमता और शुरुआती ओवरों में सटीक लाइन-लेंथ के कारण उन्हें खास पहचान मिली। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में वह अंतर्राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे,लेकिन घरेलू और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनकी मौजूदगी बनी रही।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में जगह मिलने के बाद अब भुवनेश्वर के लिए आगे के दरवाजे भी खुल सकते हैं। बीसीसीआई ने फिलहाल केवल टी20 टीम का ऐलान किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा बाद में की जाएगी। ऐसे में भुवनेश्वर की नजर अब वनडे टीम में संभावित वापसी पर भी होगी।
भुवनेश्वर की टी20 टीम में वापसी को अचानक हुआ फैसला माना जा रहा है। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद के साथ स्विंग हासिल करना रही है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे अनुभव के कारण वह युवा गेंदबाजों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियाँ भी स्विंग गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके अनुभव का इस्तेमाल शुरुआती ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए कर सकता है।
उनकी वापसी के साथ ही 2027 वनडे विश्व कप को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अगर भुवनेश्वर न्यूजीलैंड दौरे पर मिले अवसर को प्रदर्शन में बदलने में सफल रहते हैं,तो वनडे टीम में वापसी की संभावना मजबूत हो सकती है। हालांकि अभी विश्व कप में काफी समय है और अंतिम टीम चयन आने वाले प्रदर्शन तथा फिटनेस सहित कई पहलुओं पर निर्भर करेगा,लेकिन अनुभवी तेज गेंदबाज के लिए यह वापसी एक महत्वपूर्ण मौका जरूर है।
2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। इन देशों की परिस्थितियों में कई मैदानों पर तेज गेंदबाजों को उछाल और अतिरिक्त गति मिल सकती है। ऐसे में भारतीय टीम के पास जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों के साथ भुवनेश्वर कुमार जैसा गेंदबाज एक अलग विकल्प दे सकता है। खासकर नई गेंद से दोनों तरफ गेंद को स्विंग कराने की उनकी क्षमता टीम के लिए उपयोगी हो सकती है।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भुवनेश्वर को 2027 विश्व कप की योजना में शामिल किया गया है। फिलहाल उनका चयन न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए हुआ है। उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की नजर रहेगी। अगर वह अपनी पुरानी लय और फिटनेस को साबित करते हैं,तो आगे के लिए उनके विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
भुवनेश्वर कुमार के लिए यह वापसी व्यक्तिगत रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। एक समय वह भारतीय सीमित ओवर टीम के नियमित सदस्य थे और पावरप्ले में विकेट लेने के साथ-साथ रन रोकने की जिम्मेदारी संभालते थे। टी20 क्रिकेट में उनकी विविधता भी उनकी बड़ी ताकत रही है। नई गेंद से स्विंग के अलावा डेथ ओवरों में धीमी गेंद और सटीक यॉर्कर का इस्तेमाल करने का अनुभव उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी वापसी का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी इसी टीम के खिलाफ था। नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने के बाद अब करीब चार साल के अंतराल के बाद वह फिर उसी टीम के खिलाफ भारत की जर्सी पहन सकते हैं। इस तरह उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर में एक लंबा अंतराल उसी प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ खत्म होने जा रहा है,जिसके खिलाफ उन्होंने पिछला मुकाबला खेला था।
टी20 टीम में भुवनेश्वर की वापसी के बाद अब सभी की निगाहें न्यूजीलैंड दौरे पर होंगी। उनके चयन से भारतीय तेज गेंदबाजी इकाई को अनुभव का एक और विकल्प मिला है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली टीम में भुवनेश्वर अपनी भूमिका किस तरह निभाते हैं,यह देखना दिलचस्प होगा।
इंडिया-ए टीम के ऐलान के साथ भी इस दौरे को भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के करीब की परिस्थितियों में खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। वहीं मुख्य टीम में भुवनेश्वर की वापसी अनुभवी खिलाड़ियों के लिए भी यह संदेश देती है कि मजबूत प्रदर्शन और फिटनेस के दम पर राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता खुला रह सकता है।
अब अगला इंतजार वनडे और टेस्ट टीम के ऐलान का है। बीसीसीआई जब न्यूजीलैंड के खिलाफ इन दोनों प्रारूपों के लिए भारतीय टीम घोषित करेगा,तब भुवनेश्वर कुमार के नाम पर भी सबकी नजरें रहेंगी। फिलहाल चार साल बाद टी20 टीम में उनकी वापसी ने भारतीय क्रिकेट में उत्सुकता बढ़ा दी है। अगर भुवी न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पुराने अंदाज में गेंद को स्विंग कराने और विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करने में सफल रहते हैं, तो उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर को एक नई दिशा मिल सकती है।
न्यूजीलैंड दौरे लिए टीम इंडिया का टी20 स्क्वाड
श्रेयस अय्यर (कप्तान),संजू सैमसन (विकेटकीपर),अभिषेक शर्मा,तिलक वर्मा (उपकप्तान),वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर),शिवम दुबे, अक्षर पटेल,नितीश कुमार रेड्डी,अर्शदीप सिंह,नमन धीर,प्रिंस यादव,मयंक यादव, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए इंडिया ‘ए’ का स्क्वाड
ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर),यशस्वी जायसवाल,केएल राहुल,मानव सुथार, वाशिंगटन सुंदर,मुकेश चौधरी,देवदत्त पडिक्कल,आकिब नबी, साई सुदर्शन,आकाश दीप, आर. स्मरण, यश राठौड़, ऋषभ पंत (विकेटकीपर – फिटनेस के अधीन),अंशुल कंबोज और मुकेश कुमार।
