बैंक (तस्वीर क्रेडिट@InvGurInd)

बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल टली,पॉंच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत लंबित मुद्दों पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति

नई दिल्ली,28 सितंबर (युआईटीवी)- 28 सितंबर से प्रस्तावित बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच रविवार देर रात हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बैठक में बैंक कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने तत्काल टकराव की स्थिति से बचते हुए विभिन्न मांगों के समाधान के लिए आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई। इसके बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया।

रविवार रात करीब 9:30 बजे इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने और पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। बातचीत के बाद इस मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति बनी।

बैठक में तय किया गया कि शेष शनिवार को भी बैंक अवकाश घोषित करने की माँग पर विचार करने के लिए आईबीए और यूएफबीयू की एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित की जाएगी। यह समिति पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने से जुड़े सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी। समिति विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत करने के बाद ऐसा समाधान तैयार करने की कोशिश करेगी,जिसे बैंक कर्मचारियों,प्रबंधन और ग्राहकों समेत सभी संबंधित पक्षों के लिए स्वीकार्य बनाया जा सके।

पाँचदिवसीय बैंकिंग सप्ताह की माँग बैंक कर्मचारी संगठनों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन नियमित अवकाश मिलने से काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है। इसी माँग को लेकर बैंक यूनियनें लंबे समय से बातचीत करती रही हैं। वर्तमान व्यवस्था में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक अवकाश रहता है,जबकि अन्य शनिवार को बैंक शाखाओं में कामकाज होता है।

रविवार की बैठक में अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना का मुद्दा भी चर्चा में आया। खासतौर पर स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों से संबंधित पीएलआई योजना को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों और अधिकारियों के संगठनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया गया। सहमति बनी कि इस विषय पर आईबीए के साथ आगे चर्चा की जा सकती है।

बैठक के दौरान यह भी तय हुआ कि पीएलआई योजना में जरूरी बदलावों से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर सरकार के समक्ष रखा जा सकता है। इसके लिए यूनियनों और एसोसिएशनों की ओर से दिए गए सुझावों और आपत्तियों को भी ध्यान में रखा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य योजना से जुड़े मतभेदों को बातचीत के माध्यम से दूर करना है।

इसके अलावा 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज बाकी लंबित मुद्दों को भी बैठक में चर्चा के दायरे में रखा गया। दोनों पक्षों ने इन विषयों पर बातचीत आगे बढ़ाने और जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोशिश करने पर सहमति जताई। इस तरह बैठक में केवल हड़ताल टालने पर ही चर्चा नहीं हुई,बल्कि बैंक कर्मचारियों से जुड़े पुराने लंबित मामलों के समाधान के लिए आगे की प्रक्रिया तय करने पर भी जोर दिया गया।

दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 28 सितंबर से तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया था। पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के अलावा पेंशन से जुड़े मुद्दे और कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित अन्य मांगें भी प्रस्तावित आंदोलन के प्रमुख कारणों में शामिल थीं। बैंक यूनियनों ने इन मुद्दों पर लंबे समय से सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत की है। मांगों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया गया था।

प्रस्तावित हड़ताल की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना थी। इसके अलावा कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में भी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नकद जमा और निकासी,चेक से जुड़े काम, ग्राहक सेवा और अन्य सामान्य बैंकिंग गतिविधियों पर असर पड़ सकता था। हालाँकि,डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, एटीएम और ऑनलाइन लेनदेन जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना थी।

हड़ताल के ऐलान के बाद बैंकों की ओर से ग्राहकों को भी जरूरी बैंकिंग काम पहले पूरा करने की सलाह दी गई थी। ग्राहकों को नकद निकासी,चेक जमा करने और अन्य जरूरी लेनदेन समय रहते निपटाने तथा जहाँ संभव हो,डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया था। अब हड़ताल स्थगित होने के बाद ग्राहकों को तत्काल तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाएँ बाधित होने वाली स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

रविवार देर रात हुई बैठक के बाद निकला यह फैसला बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के रास्ते को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। हालाँकि,हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है,लेकिन बैंक कर्मचारियों की सभी मांगों का अंतिम समाधान अभी नहीं हुआ है।पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह,पीएलआई योजना और अन्य लंबित मुद्दों पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी।

उच्चस्तरीय समिति के गठन के बाद पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से जुड़े अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जाएगा। समिति की बातचीत और संबंधित पक्षों से मिले सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। वहीं,पीएलआई योजना और 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित विषयों पर भी दोनों पक्ष बातचीत जारी रखेंगे। ऐसे में फिलहाल बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल भले ही टल गई हो,लेकिन उनकी प्रमुख मांगों को लेकर चर्चा का दौर आगे भी जारी रहने वाला है।