मॉन्ट्रियल,14 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिका के बेन शेल्टन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार कनाडा ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया है। गुरुवार को मॉन्ट्रियल में खेले गए फाइनल मुकाबले में शेल्टन ने हमवतन पाँचवीं वरीयता प्राप्त ब्रैंडन नाकाशिमा को सीधे सेटों में 6-3, 7-6(4) से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ शेल्टन ने न केवल अपने करियर का दूसरा एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीता, बल्कि कनाडा ओपन के इतिहास में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने की उपलब्धि भी हासिल की।
23 वर्षीय शेल्टन ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन लय और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन किया। उन्होंने खिताब जीतने के पूरे अभियान के दौरान एक भी सेट नहीं गंवाया। फाइनल में भी उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए नाकाशिमा पर दबाव बनाए रखा। पहले सेट में शेल्टन ने अपनी सर्विस को प्रभावी ढंग से संभाला और महत्वपूर्ण मौकों पर आक्रामक शॉट लगाकर मुकाबले में बढ़त बना ली। नाकाशिमा ने वापसी की कोशिश की, लेकिन शेल्टन की निरंतरता के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।
पहला सेट 6-3 से अपने नाम करने के बाद शेल्टन ने दूसरे सेट में भी अपना आत्मविश्वास बनाए रखा। दोनों खिलाड़ियों के बीच दूसरे सेट में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। नाकाशिमा ने अपने पहले मास्टर्स 1000 फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश की और कई मौकों पर शेल्टन को चुनौती दी। हालाँकि,शेल्टन ने दबाव के बीच धैर्य बनाए रखा और टाईब्रेक में 7-4 से जीत दर्ज करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
शेल्टन ने एक घंटे 27 मिनट में खिताबी जीत पूरी की। मैच प्वाइंट पर उन्होंने जबरदस्त फोरहैंड विनर लगाकर मुकाबला समाप्त किया। विजयी शॉट लगाते ही वह अपने प्लेयर बॉक्स की ओर मुस्कुराए और कोर्ट की तरफ इशारा किया। इसके बाद वह कोर्ट के बीच में लौटे और जीत की खुशी में जोरदार हुंकार भरी। उन्होंने अपने परिवार को गले लगाया और उनके साथ इस शानदार उपलब्धि का जश्न मनाया।
इस जीत के साथ शेल्टन इस सदी में लगातार दो बार कनाडा ओपन का खिताब सफलतापूर्वक बचाने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा एंडी मरे ने 2009 और 2010 में,नोवाक जोकोविच ने 2011 और 2012 में तथा राफेल नडाल ने 2018 और 2019 में किया था। इस तरह शेल्टन ने खुद को टेनिस के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर लिया है,जिन्होंने लगातार दो वर्षों तक कनाडा ओपन की ट्रॉफी अपने पास रखी है।
खिताब जीतने के बाद शेल्टन ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत और मानसिक दृढ़ता को दिया। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह उन्होंने जिस तरह से खेला और टूर्नामेंट के इस मुकाम तक पहुँचे,वह उनकी मेहनत को दर्शाता है। उनके अनुसार, इस प्रदर्शन से उनकी मानसिक मजबूती और पूरे सप्ताह सामने आई परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित रखने की क्षमता भी साबित होती है। शेल्टन के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कठिन मुकाबलों के बीच अपनी एकाग्रता बनाए रखी और पूरे टूर्नामेंट में कोई सेट नहीं गंवाया।
कनाडा ओपन में मिली इस जीत के साथ शेल्टन ने 2026 सत्र में अपना चौथा खिताब हासिल किया है। इससे पहले उन्होंने इसी वर्ष डलास,म्यूनिख और स्टटगार्ट में खिताब जीते थे। लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ा है। कनाडा ओपन की ट्रॉफी ने उनके मौजूदा सत्र को और भी खास बना दिया है।
शेल्टन के नाम अब कुल सात एटीपी टूर खिताब हो गए हैं। महज 23 वर्ष की उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करना उनके तेजी से उभरते करियर का संकेत है। लगातार दूसरे वर्ष कनाडा ओपन जीतना इस बात को भी दर्शाता है कि वह बड़े टूर्नामेंटों के दबाव को संभालने और महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
दूसरी ओर,ब्रैंडन नाकाशिमा के लिए यह टूर्नामेंट भले ही खिताबी जीत के साथ समाप्त नहीं हुआ,लेकिन उनका प्रदर्शन उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। वह पहली बार किसी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचे थे। फाइनल में पहुँचकर उन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
नाकाशिमा अपने करियर का दूसरा एटीपी टूर खिताब जीतने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने इससे पहले 2022 में सैन डिएगो में अपना पहला एटीपी टूर खिताब जीता था। कनाडा ओपन के फाइनल तक पहुँचना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि रही और इससे उनके आत्मविश्वास को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
फाइनल में दोनों खिलाड़ी अमेरिकी थे,इसलिए मुकाबला अमेरिकी टेनिस के लिए भी खास रहा। एक ओर शेल्टन लगातार दूसरी बार कनाडा ओपन जीतकर इतिहास बनाने की कोशिश कर रहे थे,वहीं नाकाशिमा पहली बार मास्टर्स 1000 खिताब की दौड़ में थे। अंततः अनुभव,आक्रामकता और महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर प्रदर्शन ने शेल्टन को जीत दिलाई।
शेल्टन की लगातार दूसरी कनाडा ओपन खिताबी जीत को टेनिस जगत में उनके बड़े स्टार के रूप में उभरने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी ताकतवर सर्विस,आक्रामक फोरहैंड और महत्वपूर्ण क्षणों में जोखिम लेने की क्षमता उन्हें मुश्किल प्रतिद्वंद्वी बनाती है। इसके साथ ही उनकी मानसिक दृढ़ता में आया सुधार भी उनके प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है।
कनाडा ओपन की इस जीत से शेल्टन को आगामी बड़े टूर्नामेंटों से पहले भी महत्वपूर्ण आत्मविश्वास मिला है। 2026 सत्र में चार खिताब जीत चुके अमेरिकी खिलाड़ी अब अपनी शानदार लय को आगे भी बरकरार रखना चाहेंगे। लगातार दूसरी बार कनाडा ओपन चैंपियन बनने के बाद उनके सामने अब चुनौती होगी कि वह इस सफलता को बाकी सत्र में भी जारी रखें और विश्व टेनिस के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अपनी स्थिति को और मजबूत करें।
