राँची,14 अगस्त (युआईटीवी)- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी ) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राँची में छात्रों का सत्याग्रह शुक्रवार को लगातार 21वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार देर शाम हुई तेज बारिश के बावजूद सैकड़ों छात्र आंदोलन स्थल पर डटे रहे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी माँगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की है।
आंदोलन के दौरान अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और छात्रा उम्मे हबीबा की तबीयत खराब होने के बाद दोनों को राँची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बावजूद दोनों ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। अस्पताल में उपचार के बीच उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की माँगों को गंभीरता से सुनने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया है।
देवेंद्र नाथ महतो का अनशन शुक्रवार को 12वें दिन भी जारी रहा। विधानसभा घेराव के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय निगरानी में उपचार चलने के बावजूद उन्होंने अनशन खत्म करने से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्रों की माँगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अस्पताल से छात्रों को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री छात्रों की बात सुनें,उनके साथ बैठें और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करें। उन्होंने बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकालने की माँग की। देवेंद्र महतो ने कहा कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या सरकार का विरोध करना मात्र नहीं है,बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं ने उनके भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार को उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उन्हें उचित समाधान देना चाहिए।
देवेंद्र नाथ महतो ने भावुक होकर कहा, “मैं रहूँ या न रहूँ,लोकतंत्र रहना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। उन्होंने साफ किया कि जब तक छात्रों की माँगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती,तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
देवेंद्र महतो ने अस्पताल प्रबंधन से एक बार फिर अनुरोध किया है कि उन्हें आंदोलन स्थल जयपाल सिंह स्टेडियम जाने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि वह अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन से खुद को अलग नहीं मानते। उनके समर्थकों ने भी उन्हें अस्पताल से रिहा करने की माँग की है,ताकि वह दोबारा आंदोलन स्थल पर पहुँचकर छात्रों के साथ सत्याग्रह में शामिल हो सकें।
वहीं,सदर अस्पताल में उपचाररत अनशनकारी छात्रा उम्मे हबीबा ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील की है। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि आंदोलनकारी छात्र बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत के लिए आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि बातचीत होने पर समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।
उम्मे हबीबा ने कहा कि आंदोलनकारी छात्र भी मुख्यमंत्री के अपने बच्चों की तरह हैं और उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि छात्रों के साथ बैठकर उनकी माँगों पर चर्चा की जाए। उनके अनुसार,सरकार और छात्रों के बीच संवाद स्थापित होने से मौजूदा गतिरोध को खत्म करने का रास्ता निकल सकता है।
जयपाल सिंह स्टेडियम में अनशन पर बैठी उम्मे हबीबा की तबीयत बीते मंगलवार को बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के बावजूद उन्होंने भी अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। वह लगातार छात्रों की माँगों के समर्थन में सरकार से पहल करने की अपील कर रही हैं।
आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों का कहना है कि बारिश और खराब मौसम भी उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर पाया है। गुरुवार देर शाम हुई जोरदार बारिश के बावजूद सैकड़ों छात्र आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं,लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला है।
सत्याग्रह के 21वें दिन आंदोलनकारी छात्रों की संख्या और उनका उत्साह इस बात का संकेत है कि मामला अब भी गंभीर बना हुआ है। छात्र नेताओं का कहना है कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा और सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालाँकि,अनशन कर रहे छात्र नेताओं और छात्रा की बिगड़ती सेहत को लेकर आंदोलनकारियों के बीच चिंता भी बनी हुई है।
छात्रों की ओर से लगातार मुख्यमंत्री से बातचीत की अपील की जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार और छात्रों के बीच सीधा संवाद इस पूरे विवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। वहीं,अनशनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए भी जल्द समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
फिलहाल राँची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह जारी है। एक तरफ छात्र अपनी माँगों को लेकर आंदोलन पर डटे हैं,वहीं दूसरी ओर अनशन कर रहे छात्र नेताओं की तबीयत सरकार और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की अपील पर क्या पहल करते हैं और लंबे समय से जारी इस आंदोलन को समाप्त कराने के लिए सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत कब शुरू होती है।
