मॉन्ट्रियल,13 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिका के ब्रैंडन नाकाशिमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर में पहली बार एटीपी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। कैनेडियन ओपन के सेमीफाइनल में नाकाशिमा ने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे स्पेन के राफेल जोडार को कड़े मुकाबले में 7-6 (3), 6-4 से हराया। इस जीत के साथ नाकाशिमा ने जहां अपने करियर की बड़ी उपलब्धि हासिल की,वहीं जोडार का राफेल नडाल के बाद कैनेडियन ओपन के फाइनल में पहुँचने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का सपना टूट गया।
25 वर्षीय नाकाशिमा के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह पहली बार किसी एटीपी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँचे थे। अपने पहले ही सेमीफाइनल को उन्होंने दबाव में शानदार तरीके से खेलते हुए जीत में बदल दिया। अब वह खिताबी मुकाबले में अपने हमवतन और गत चैंपियन बेन शेल्टन से भिड़ेंगे। शेल्टन ने दूसरे सेमीफाइनल में लर्नर टीएन को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। इस तरह कैनेडियन ओपन का खिताबी मुकाबला दो अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच होगा।
नाकाशिमा और जोडार के बीच सेमीफाइनल की शुरुआत से ही मुकाबला बेहद कड़ा रहा। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस को मजबूती से संभालने की कोशिश की और पहले सेट में किसी को भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं हुई। नाकाशिमा ने जोडार के शुरुआती दो सर्विस गेम में कुल छह ब्रेक प्वाइंट हासिल किए,लेकिन वह इनमें से किसी को भी ब्रेक में नहीं बदल सके। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सर्विस पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार दबाव बनाते रहे।
पहले सेट में जोडार को भी नाकाशिमा की सर्विस पर एक बड़ा मौका मिला। 4-4 के स्कोर पर उन्होंने नाकाशिमा को दबाव में डालते हुए 0-30 की स्थिति बनाई, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने संयम बरतते हुए लगातार अंक हासिल किए और अपनी सर्विस बचा ली। इसके बाद सेट टाई-ब्रेक तक पहुँच गया, जहाँ दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
टाई-ब्रेक में नाकाशिमा ने निर्णायक समय पर बेहतर खेल दिखाया। जोडार के फोरहैंड शॉट के नेट में जाने के बाद नाकाशिमा को 4-2 की बढ़त के लिए पहला मिनी-ब्रेक मिला। उन्होंने इस बढ़त का फायदा उठाया और टाई-ब्रेक 7-3 से जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। पहले सेट की जीत ने नाकाशिमा का आत्मविश्वास बढ़ाया और दूसरे सेट में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपना लिया।
दूसरे सेट की शुरुआत में नाकाशिमा ने शानदार हाफ-वॉली विनर लगाया और जोडार की दूसरी सर्विस पर आक्रामक हमला किया। इसके बाद उन्होंने जोडार की सर्विस तोड़ दी और 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। हालाँकि,जोडार ने हार नहीं मानी और लगातार वापसी की कोशिश करते रहे। नाकाशिमा को भी अपनी सर्विस बचाने के लिए दो ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा,लेकिन उन्होंने दोनों मौकों पर दबाव को संभालते हुए बढ़त बरकरार रखी।
मुकाबले के अंतिम चरण में जोडार ने नाकाशिमा पर जबरदस्त दबाव बनाया। 2-4 के स्कोर पर उन्होंने एक और ब्रेक प्वाइंट हासिल किया,लेकिन नाकाशिमा ने उसे भी बचा लिया। इसके बाद 3-5 पर जोडार ने दो मैच प्वाइंट बचाकर मुकाबले को कुछ और लंबा खींच दिया। इनमें से एक मैच प्वाइंट के दौरान उन्होंने शानदार ड्रॉप शॉट का इस्तेमाल करते हुए अंक अपने नाम किया और वापसी की उम्मीद बनाए रखी।
इसके बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। नाकाशिमा दो बार गलतियाँ करने के बाद 0-30 की स्थिति में पहुँच गए। जोडार के पास दबाव बनाने का शानदार मौका था,लेकिन उनका बैकहैंड पासिंग शॉट सही दिशा में नहीं जा सका और नाकाशिमा को वॉली खेलने का अवसर मिल गया। इसके बाद एक और ब्रेक प्वाइंट आया,लेकिन नाकाशिमा ने सर्विस बाहर मार दी। जोडार ने एक और मैच प्वाइंट बचाया। 26 शॉट की लंबी रैली के बाद उनका बैकहैंड बेसलाइन को छूकर बाहर जाने से बचा और उन्होंने मुकाबले को फिर से जीवित रखा।
हालाँकि,नाकाशिमा ने अंततः अपना धैर्य बनाए रखा और मैच को समाप्त करने में सफल रहे। उन्होंने मुकाबले में 28 विनर्स लगाए और इतने ही अनफोर्स्ड एरर्स किए। आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिकी खिलाड़ी ने आक्रामक टेनिस खेलने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी रणनीति में संतुलन भी बनाए रखा। दूसरी ओर,जोडार ने कई मौकों पर शानदार प्रतिरोध किया,लेकिन निर्णायक क्षणों में नाकाशिमा की निरंतरता उनके लिए भारी पड़ी।
इस हार के साथ जोडार का एक खास रिकॉर्ड बनाने का सपना भी टूट गया। स्पेन के युवा खिलाड़ी की नजर राफेल नडाल के बाद कैनेडियन ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने पर थी। लेकिन नाकाशिमा ने उनके इस अभियान को सेमीफाइनल में ही रोक दिया। इसके बावजूद टूर्नामेंट में जोडार का प्रदर्शन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा और उन्होंने अपने खेल से शीर्ष स्तर पर अपनी क्षमता का परिचय दिया।
नाकाशिमा के लिए अब फाइनल में चुनौती और बड़ी होगी। उनके सामने गत चैंपियन बेन शेल्टन होंगे,जिन्होंने सेमीफाइनल में लर्नर टीएन को हराकर लगातार दूसरी बार कैनेडियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई है। दोनों अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के लिए ऐतिहासिक भी होगा,क्योंकि लंबे अंतराल के बाद कैनेडियन ओपन के फाइनल में दो अमेरिकी खिलाड़ी आमने-सामने होंगे।
इस जीत के साथ नाकाशिमा एटीपी लाइव रैंकिंग में 22वें स्थान पर पहुँच गए हैं। शुक्रवार को जारी होने वाली ताजा एटीपी रैंकिंग में वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल कर सकते हैं। ऐसे में कैनेडियन ओपन का फाइनल उनके लिए सिर्फ खिताब जीतने का मौका नहीं,बल्कि अपनी रैंकिंग और करियर को नई ऊँचाई देने का भी अवसर होगा। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि पहली बार मास्टर्स 1000 फाइनल खेल रहे नाकाशिमा गत चैंपियन शेल्टन को चुनौती देकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब हासिल कर पाते हैं या नहीं।
