कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं से पीएम मोदी ने की मुलाकात (तस्वीर क्रेडिट@narendramodi)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से पीएम मोदी ने की मुलाकात, खिलाड़ियों की उपलब्धियों को बताया युवाओं के लिए प्रेरणा

नई दिल्ली,10 अगस्त (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए बधाई दी। नई दिल्ली स्थित 7,लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने पदक विजेताओं से उनके खेल अनुभवों के बारे में बातचीत की और उनके प्रदर्शन की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है और उनकी सफलता भारत के लाखों युवाओं को खेलों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 के शानदार पदक विजेताओं की मेजबानी करके उन्हें खुशी हुई। उन्होंने खिलाड़ियों से खेलों के दौरान उनके अनुभव सुने और कहा कि सभी खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम के माध्यम से भी भारतीय दल का उत्साह बढ़ाया था। उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, ”जो खेलेगा, वो खिलेगा। हमेशा भारत का उत्साह बढ़ाइए। भारत माता की जय!” प्रधानमंत्री का यह संदेश खेलों के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के प्रति देश के समर्थन और उत्साह को दर्शाता है।

ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 39 पदक अपने नाम किए,जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारतीय दल की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस बार राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में कुश्ती,बैडमिंटन,टेबल टेनिस,हॉकी और निशानेबाजी जैसे भारत के कई मजबूत और परंपरागत पदक दिलाने वाले खेल शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी,जूडो,एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स समेत कई स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से मुक्केबाजी,जूडो,एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। भारतीय मुक्केबाजी दल ने ग्लासगो में बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण और तीन रजत पदक हासिल किए। मुक्केबाजों के इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती दी और देश को इस खेल में कई बड़ी सफलताएँ मिलीं।

मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों में प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम,जैस्मीन लांबोरिया ने 57 किलोग्राम,साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम,प्रिया घांघस ने 60 किलोग्राम,अरुंधति चौधरी ने 70 किलोग्राम,सचिन सिवाच ने 60 किलोग्राम और अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं जादूमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना सभी खिलाड़ियों के लिए गौरव का क्षण था। साक्षी के अनुसार,प्रधानमंत्री बेहद विनम्र हैं और उनसे मिलकर सभी खिलाड़ी काफी खुश हुए। खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत ने उन्हें अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी दिया।

जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने जूडो की 12 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया और दो स्वर्ण,एक रजत तथा एक कांस्य पदक हासिल किया। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में इतिहास रचते हुए भारत को इस खेल में पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक दिलाया। अस्मिता डे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं,जबकि हर्ष सिंह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने।

जूडो में मिली यह सफलता भारतीय खेलों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस खेल में भारत का प्रदर्शन पहले अपेक्षाकृत सीमित रहा था। अस्मिता और हर्ष की स्वर्णिम उपलब्धि ने न केवल जूडो में भारत के लिए नया इतिहास बनाया,बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों के सामने एक नई संभावना भी पेश की। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भारतीय खेलों के बढ़ते प्रभाव का उदाहरण बताया।

एथलेटिक्स में भी भारतीय दल ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। भारतीय एथलीटों ने प्रतियोगिता में कुल 10 पदक जीते,जिनमें पाँच रजत और पाँच कांस्य पदक शामिल रहे। इनमें गुलवीर सिंह का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने एक ही राष्ट्रमंडल खेल में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। गुलवीर ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया।

गुलवीर सिंह की उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। लंबी दूरी की दौड़ में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे गुलवीर ने ग्लासगो में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और एक ही प्रतियोगिता में दो व्यक्तिगत पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। उनके प्रदर्शन ने भारतीय ट्रैक एवं फील्ड में लंबी दूरी की स्पर्धाओं को लेकर नई उम्मीदें पैदा की हैं।

राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने पैरा एथलीटों समेत उन सभी खिलाड़ियों की सराहना की जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत,अनुशासन और समर्पण को भारत की खेल शक्ति का आधार बताया।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतियोगिता के दौरान सामने आई चुनौतियों तथा यादगार पलों के बारे में बातचीत की। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियाँ केवल पदक तक सीमित नहीं हैं,बल्कि वे देश के युवाओं को खेलों में करियर बनाने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित करेंगी।

भारत के 39 पदकों का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है,जब राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में भारत के कई पारंपरिक मजबूत खेल शामिल नहीं थे। इसके बावजूद मुक्केबाजी,जूडो और एथलेटिक्स जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड और ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं। इससे भारतीय खेलों में विविधता और नए क्षेत्रों में उभरती प्रतिभाओं का संकेत भी मिलता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उनकी सफलता को देश की नई खेल संस्कृति से जोड़ते हुए युवाओं से खेलों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देंगी। सरकार की ओर से लगातार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए कई मायनों में खास रहा। जहाँ भारत ने कुल 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, वहीं मुक्केबाजी और जूडो में ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हुईं। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह के दो व्यक्तिगत पदक और पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय खेलों के बढ़ते दायरे को दिखाया। अब प्रधानमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात ने इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। खिलाड़ियों का मानना है कि देश के शीर्ष नेतृत्व से मिलने वाला प्रोत्साहन उन्हें भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।