मुंबई,25 सितंबर (युआईटीवी)- मुंबई स्थित आईआईटी-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जाँच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने अब उनके आईफोन को अनलॉक करना बड़ी चुनौती बन गया है। जाँच एजेंसी को उम्मीद है कि साहिल के फोन से मिलने वाला डेटा 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ियाँ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालाँकि,फोन लॉक होने के कारण फिलहाल पुलिस उसके अंदर मौजूद डेटा तक पहुँच नहीं बना पा रही है। जाँच अधिकारियों के लिए यह डिवाइस इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे यह पता चल सकता है कि परीक्षा के दौरान साहिल ने फोन का इस्तेमाल किस तरह किया था और परीक्षा हॉल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने किन गतिविधियों को अंजाम दिया।
जानकारी के मुताबिक,साहिल के पास आईफोन 17 था और डिवाइस पर पैटर्न लॉक लगा हुआ था। पुलिस के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि साहिल के परिचितों को भी फोन के लॉक की जानकारी नहीं थी। ऐसे में जाँच एजेंसी के लिए फोन को सामान्य तरीके से खोलना संभव नहीं हो पा रहा है। फोन में मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड होने के कारण बिना सही लॉक पैटर्न के उसके भीतर की जानकारी हासिल करना तकनीकी रूप से मुश्किल हो गया है।
क्राइम ब्रांच की जाँच में 18 सितंबर का दिन सबसे अहम कड़ी के रूप में सामने आया है। इसी दिन परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा के दौरान उनके फोन पर क्या गतिविधियाँ हुई थीं। फोन अनलॉक होने पर सर्च हिस्ट्री,कॉल से जुड़ी जानकारी और अन्य उपलब्ध डिजिटल डेटा से कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी समझना चाहती है कि परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल ने किससे संपर्क किया और उस दौरान उनके साथ क्या घटनाक्रम हुआ।
परीक्षा हॉल से बाहर निकलने का समय भी जाँच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीसीटीवी फुटेज में प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को साहिल से परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहते हुए देखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,साहिल दोपहर करीब 12 बजकर 38 मिनट पर परीक्षा हॉल से बाहर निकले थे। इसके बाद वह करीब 1 बजकर 25 मिनट पर अपने हॉस्टल के कमरे में वापस पहुँचे। इस तरह परीक्षा हॉल से हॉस्टल लौटने के बीच लगभग 47 मिनट का अंतर है।
क्राइम ब्रांच अब इन्हीं करीब 47 मिनटों के दौरान हुई घटनाओं की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी है। जाँच अधिकारियों की कोशिश है कि परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक साहिल की गतिविधियों का मिनट-दर-मिनट क्रम समझा जा सके। इसके लिए कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि साहिल परीक्षा हॉल से निकलने के बाद सीधे हॉस्टल गए थे या रास्ते में किसी अन्य स्थान पर रुके थे। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि उस अवधि में उनके संपर्क में कौन-कौन लोग आए थे।
साहिल के आईफोन को लेकर तकनीकी जाँच भी तेज कर दी गई है। पुलिस के पास मौजूद फोरेंसिक तकनीक पुराने आईफोन मॉडल से डेटा निकालने में सक्षम बताई जाती है,लेकिन नए मॉडल के फोन से डेटा हासिल करने में दिक्कत आ रही है। आईफोन 17 में मौजूद सुरक्षा और एन्क्रिप्शन व्यवस्था के कारण जाँच एजेंसी फिलहाल डिवाइस को अनलॉक नहीं कर पा रही है। यही वजह है कि क्राइम ब्रांच अब ऐसी दूसरी एजेंसियों और विशेषज्ञ संस्थाओं से तकनीकी सहायता लेने पर विचार कर रही है,जिनके पास नए आईफोन मॉडल और आधुनिक डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जाँच से जुड़ी अधिक उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है।
जाँच में केवल फोन ही नहीं,बल्कि साहिल का लैपटॉप भी महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस ने लैपटॉप जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लैपटॉप में किसी तरह की ऐसी जानकारी मौजूद है या नहीं,जो 18 सितंबर की घटनाओं से जुड़ी हो। फोन और लैपटॉप से मिलने वाले डिजिटल डेटा को अन्य सबूतों के साथ मिलाकर घटनाक्रम तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल,आईआईटी-बॉम्बे परिसर और हॉस्टल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की भी विस्तार से जाँच कर रही है। इसका उद्देश्य साहिल की गतिविधियों की पुष्टि करना और उनके आने-जाने के समय को रिकॉर्ड से मिलाना है। जाँच के दौरान परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों और परीक्षा की निगरानी कर रहे शिक्षकों से भी पूछताछ की गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि अलग-अलग लोगों के बयानों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को आपस में मिलाकर घटनाओं की स्पष्ट तस्वीर तैयार की जा सके।
साहिल की मौत के मामले में शुरुआत में पवई पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद जाँच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। अब तक 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें आईआईटी-बॉम्बे के छात्र, संस्थान के कर्मचारी और परीक्षा से जुड़े लोग शामिल हैं। जाँच एजेंसी उन सभी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है, जो साहिल के परीक्षा हॉल से बाहर निकलने से लेकर हॉस्टल पहुँचने और उसके बाद की घटनाओं से संबंधित हैं।
क्राइम ब्रांच अब मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर जाँच आगे बढ़ा रही है। फोन कॉल से जुड़ी जानकारी, साहिल का लैपटॉप, आईफोन, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और छात्रों तथा संस्थान के कर्मचारियों के बयान जाँच के प्रमुख आधार बने हुए हैं। अधिकारियों के लिए सबसे अहम सवाल 18 सितंबर को परीक्षा हॉल से निकलने के बाद के करीब 47 मिनट और उसके बाद की घटनाओं का क्रम स्पष्ट करना है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जाँच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से इस अवधि से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। फिलहाल आईफोन को अनलॉक कर उसके डेटा तक पहुँच बनाना जाँच की महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई है।
