दिल्ली स्लीपर बस गैंगरेप मामले में अहम फॉरेंसिक सबूत,पीड़िता और दोनों आरोपियों के मिले फिंगरप्रिंट (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

दिल्ली स्लीपर बस गैंगरेप मामले में अहम फॉरेंसिक सबूत,पीड़िता और दोनों आरोपियों के मिले फिंगरप्रिंट

नई दिल्ली,2 सितंबर (युआईटीवी)- दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप के मामले की जाँच में पुलिस को अहम फॉरेंसिक सबूत मिले हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक,जिस बस में कथित वारदात हुई, वहां पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के कपड़े भी फॉरेंसिक जाँच के लिए जब्त किए हैं। अब पुलिस डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है,जिसके सामने आने के बाद जाँच को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार,जाँच टीम ने बस की अलग-अलग जगहों से फॉरेंसिक नमूने जुटाए हैं। बस की सीटों और स्टीयरिंग व्हील से भी नमूने लिए गए हैं। इन सभी साक्ष्यों की जाँच यह पता लगाने के लिए की जा रही है कि कथित घटना के दौरान बस में कौन-कौन मौजूद था और घटनाओं का क्रम किस तरह आगे बढ़ा। पुलिस फिंगरप्रिंट समेत अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को पीड़िता की शिकायत में लगाए गए आरोपों से मिलाकर देख रही है।

जाँच अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीड़िता बस में कब और किस स्थान से सवार हुई, बस किस रास्ते से गुजरी और कथित घटना के दौरान उसकी गतिविधियाँ क्या थीं। इसके लिए बस से मिले फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ-साथ रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने उस पूरे मार्ग का सीसीटीवी फुटेज जुटाया है,जिस रास्ते से बस गुजरी थी।

यह मामला 4 अगस्त की रात का है। पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय पीड़िता ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके से रात के समय एक स्लीपर बस से लिफ्ट ली थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। उसने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में कथित तौर पर उसे दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया गया।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार,कुलदीप और संदीप को तिमारपुर इलाके के एक पार्किंग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उस बस को भी जब्त कर लिया,जिसमें कथित घटना हुई थी। इसके बाद बस को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया। जाँच टीम ने बस के भीतर से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ उसके बाहरी हिस्सों और संभावित घटनास्थलों की भी जाँच की।

अब फॉरेंसिक जाँच इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पीड़िता और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट का मिलना जाँच के लिहाज से अहम है। हालाँकि,फिंगरप्रिंट मिलने से अपने आप में कथित अपराध की पूरी पुष्टि नहीं होती। जाँच अधिकारी अन्य साक्ष्यों के साथ इन फिंगरप्रिंट की कड़ियों को जोड़ रहे हैं। डीएनए रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है,ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सके।

पुलिस ने संकेत दिया है कि मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। जाँच एजेंसियाँ फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को एक साथ जोड़ने में जुटी हैं। चार्जशीट में कथित वारदात से जुड़े घटनाक्रम,आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सबूत और जाँच के दौरान सामने आए अन्य तथ्यों को शामिल किया जाएगा।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने मंगलवार को घटना को लेकर दिल्ली और गौतम बुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नरों तथा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। आयोग की ओर से मामले में पुलिस की कार्रवाई,जाँच की स्थिति और पीड़िता से जुड़े पहलुओं पर जानकारी माँगी गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई स्तरों पर जाँच कर रही है। एक तरफ फॉरेंसिक टीम बस से जुटाए गए नमूनों की जाँच कर रही है,वहीं दूसरी ओर जाँच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज के जरिए बस की आवाजाही और घटनाओं के क्रम को समझने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि जाँच के दौरान सामने आने वाला प्रत्येक महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित तरीके से दर्ज हो।

नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित घटना के हर पहलू को वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर स्थापित करना है। पीड़िता के बयान के अलावा फिंगरप्रिंट, डीएनए, कपड़े, बस से लिए गए नमूने और सीसीटीवी फुटेज जाँच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपों की पुष्टि करने और अदालत में मामले को मजबूती से पेश करने की तैयारी कर रही है।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और जाँच जारी है। डीएनए रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक जाँच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करने की बात कह रही है,जबकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से माँगी गई रिपोर्ट से भी मामले में पुलिस की कार्रवाई और जाँच की प्रगति पर नजर बनी हुई है।