रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा (तस्वीर क्रेडिट@vishalpcbvisha1)

तातारस्तान ड्रोन हमले पर रूस का बड़ा आरोप,बोला- विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर भाईचारे में दरार डालना चाहता है यूक्रेन

मॉस्को,11 अगस्त (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच तातारस्तान गणराज्य में हुए कथित ड्रोन हमले को लेकर रूस के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि यूक्रेन ने जानबूझकर ऐसे स्थान को निशाना बनाया,जहाँ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते और काम करते हैं। रूस का आरोप है कि इस हमले के पीछे केवल सैन्य उद्देश्य नहीं था,बल्कि रूस और उसके मित्र देशों के नागरिकों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भाईचारे और संबंधों में दरार डालने की कोशिश भी की गई।

रूसी समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार,रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि निजनेकाम्स्क में रहने वाले लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक,इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते हैं और कथित ड्रोन हमले में कई विदेशी नागरिकों की मौत और घायल होने की सूचना है। रूस ने इस हमले को आम नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में जाखारोवा ने कहा कि कीव ने जानबूझकर उन स्थानों को निशाना बनाया,जहाँ रूस के मित्र देशों के नागरिक रहते और काम करते हैं। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई का मकसद रूस और इन देशों के बीच भाईचारे वाले संबंधों में दरार पैदा करना है। हालाँकि, यूक्रेन की ओर से इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या इस हमले के पीछे किसी विशेष मंशा की पुष्टि की गई जानकारी इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।

जाखारोवा के अनुसार,हमले में कम-से-कम 13 लोगों की मौत हुई है और मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मृतकों में उज्बेकिस्तान के आठ नागरिक और ताजिकिस्तान का एक नागरिक शामिल है। इसके अलावा लगभग 20 विदेशी नागरिकों के घायल होने का दावा भी किया गया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को लेकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी इस कथित हमले की निंदा करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेनी सशस्त्र बलों की कार्रवाई का असर केवल रूसी नागरिकों तक सीमित नहीं है,बल्कि इससे दूसरे देशों के नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं। रूस का कहना है कि विदेशी नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएँ इस संघर्ष के व्यापक मानवीय प्रभाव को सामने लाती हैं।

यह घटना तातारस्तान में कथित ड्रोन हमलों की उस श्रृंखला के बीच सामने आई है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन पहले ही जानकारी दे चुका है। तास की रिपोर्ट के अनुसार, तातारस्तान प्रशासन ने बताया था कि 10 अगस्त को गणराज्य के क्षेत्र में दुश्मन ड्रोन से हमला किया गया। अधिकारियों के मुताबिक,इस हमले में एक बच्चे समेत 13 लोगों की मौत हुई।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार,हमले के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क किया। करीब 78 लोगों ने चिकित्सकीय मदद माँगी,जबकि 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद क्षेत्र में राहत और बचाव गतिविधियाँ तेज की गईं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन करने के साथ घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।

हमले के बाद तातारस्तान में औद्योगिक और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के आरोपों की जाँच भी शुरू की गई है। रूसी अधिकारियों ने इस मामले में आपराधिक संहिता की धारा 205 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। रूस में यह धारा आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मामलों में इस्तेमाल की जाती है। जाँच एजेंसियाँ अब कथित हमले की परिस्थितियों,इस्तेमाल किए गए ड्रोन और हमले से हुए नुकसान की जाँच कर रही हैं।

घटना के बाद तातारस्तान गणराज्य में शोक दिवस भी घोषित किया गया। प्रशासन ने मृतकों के सम्मान में शोक व्यक्त किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है,खासकर ऐसे समय में जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के दौरान ड्रोन हमलों का दायरा कई क्षेत्रों तक पहुँच चुका है।

रूस की ओर से लगाए गए आरोपों का एक अहम पहलू विदेशी नागरिकों की मौजूदगी है। रूस और मध्य एशियाई देशों के बीच लंबे समय से सामाजिक,आर्थिक और श्रम संबंध रहे हैं। उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान समेत मध्य एशियाई देशों के कई नागरिक रोजगार और अन्य कारणों से रूस के विभिन्न हिस्सों में रहते और काम करते हैं। ऐसे में किसी हमले में विदेशी नागरिकों के मारे जाने या घायल होने से इस घटना का प्रभाव केवल रूस की घरेलू राजनीति और सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता,बल्कि इसके अंतर्राष्ट्रीय और कूटनीतिक पहलू भी सामने आते हैं।

मारिया जाखारोवा ने इसी संदर्भ में रूस और उसके मित्र देशों के बीच संबंधों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों का उद्देश्य लोगों के बीच मौजूद भाईचारे को कमजोर करना हो सकता है। रूस ने इस घटना के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन के खिलाफ कार्रवाई और कथित हमलों की निंदा की माँग की है।

हालाँकि,रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमलों के आरोप लगाते रहे हैं। ड्रोन हमले इस संघर्ष का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। दोनों देशों की ओर से अक्सर एक-दूसरे के सैन्य,औद्योगिक और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने के दावे किए जाते हैं। ऐसे मामलों में स्वतंत्र स्रोतों से तत्काल पुष्टि मुश्किल होती है। इसलिए तातारस्तान में हुए इस कथित हमले को लेकर रूस की ओर से सामने आए दावों को उसी संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

तातारस्तान रूस का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है और यहाँ कई औद्योगिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। युद्ध के दौरान रूस के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की घटनाओं ने औद्योगिक और नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। तातारस्तान में हुई ताजा घटना ने भी स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और ड्रोन हमलों से निपटने की क्षमता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

रूसी अधिकारियों के अनुसार, घटना में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और मृतकों में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को सहायता और घायलों के उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं जाँच एजेंसियाँ हमले से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी हैं।

फिलहाल इस घटना को लेकर रूस का मुख्य जोर नागरिकों की मौत और विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने पर है। रूस ने यूक्रेन पर जानबूझकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने और दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर,इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए विस्तृत जाँच और विश्वसनीय अंतर्राष्ट्रीय स्रोतों से जानकारी सामने आना जरूरी होगा।

तातारस्तान में हुई घटना ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के मानवीय प्रभाव को सामने ला दिया है। युद्ध क्षेत्र से दूर माने जाने वाले इलाकों में भी ड्रोन हमलों की आशंका और नागरिकों की सुरक्षा चुनौती बनती जा रही है। विदेशी नागरिकों के मारे जाने की खबर ने इस घटना के कूटनीतिक महत्व को भी बढ़ा दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जाँच के बाद रूस की ओर से हमले को लेकर और क्या जानकारी सामने आती है और यूक्रेन इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देता है।