तेल अवीव,1 फरवरी (युआईटीवी)- हमास की पूरी तरह से घुसपैठ संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) में है,यह बात इजराइल ने कहा है। इजराइल ने कहा कि राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए हमास की पूरी तरह से घुसपैठ है और वह चाहता है कि कोई अन्य सहायता एजेंसी इसकी जगह ले।
एक बयान में इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी कर कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र के राजदूतों के साथ बुधवार को यरूशलेम में इज़राइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बैठक के दौरान उन्हें यह जानकारी दी।
संयुक्त राष्ट्र और फंडिंग देशों को इज़राइल ने बताया था कि 7 अक्टूबर के हमले में यूएनआरडब्ल्यूए के 12 स्टाफ सदस्यों ने सीधे तौर पर हिस्सा लिया था,जब इज़राइल में घुसकर हमास के आतंकवादियों ने 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और 253 नागरिकों को बंधक भी बना लिया था।
संयुक्त राष्ट्र के सामने इज़राइल ने अपनी जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है,उसमें कहा है कि 7 अक्टूबर के हमले में यूएनआरडब्ल्यूए के जिन 12 स्टाफ सदस्यों ने सीधे तौर पर हिस्सा लिया था,उनमें से सात यूएनआरडब्ल्यूए शिक्षक थे, दो शैक्षिक सलाहकार थे और अन्य स्टाफ सदस्य एजेंसी के प्रशासनिक कर्मचारी थे।
यूएनआरडब्ल्यूए ने यह भी कहा है कि जो आरोप इजरायल ने लगाए हैं,उनका स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से जाँच करना बहुत ही आवश्यक है कि इजरायल के खिलाफ 7 अक्टूबर को हमास के हमले में उसके 12 कर्मचारी शामिल थे।
इज़राइल सरकार प्रेस कार्यालय के एक बयान के मुताबिक,संयुक्त राष्ट्र के राजदूतों से इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास की सेवा में यूएनआरडब्ल्यूए शामिल रहा है। इसके अलावा यूएनआरडब्ल्यूए हमास के स्कूलों और कई अन्य चीजों में भी शामिल रहा है।
इज़राइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि, मैं बहुत अफसोस के साथ यह कह रहा हूँ क्योंकि हमें उम्मीद थी कि एक रचनात्मक और उद्देश्यपूर्ण निकाय सहायता प्रदान करने के लिए होगा। गाजा में हमें आज ऐसे निकाय की जरुरत है,लेकिन वह निकाय यूएनआरडब्ल्यूए तो निश्चित तौर पर नहीं है।
इज़राइल ने एक डोजियर तैयार किया है,जिससे पता चला है कि एक यूएनआरडब्ल्यूए शिक्षक पर आरोप लगाया गया था कि इजरायल के खिलाफ 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए नरसंहार के दौरान,वह शिक्षक एंटी-टैंक मिसाइल से लैस था, जबकि एक अन्य शिक्षक पर आरोप लगाया गया था कि वह 7 अक्टूबर को एक बंधक को बंदी बनाए जाने का वीडियो बना रहा था।
एक अन्य कर्मचारी पर आरोप लगाया गया था कि वह किबुत्ज़ बेरी में हुए नरसंहार में हिस्सा लिया था। दस्तावेज़ के अनुसार वह कर्मचारी प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक था और उसके बारे में बताया जा रहा है कि उसने हमास कमांडर के रूप में काम किया था।
