नई दिल्ली, 8 मई (युआईटीवी)- दुनिया भर में संक्रामक बीमारियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को पुष्टि की कि क्रूज शिप पर फैले संक्रमण से जुड़े हंता वायरस के पाँच मामलों की पुष्टि हो चुकी है,जबकि तीन अन्य मामलों की जाँच अभी जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों और कई देशों की सरकारों को सतर्क कर दिया है। अब तक सामने आए कुल आठ गंभीर मामलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है,जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार,जिन पाँच मामलों की पुष्टि हुई है,उनमें एंडीज वायरस संक्रमण पाया गया है। एंडीज वायरस हंता वायरस परिवार का एक खतरनाक प्रकार माना जाता है,जो गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण तेजी से फेफड़ों को प्रभावित करता है और गंभीर स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है। फिलहाल बाकी तीन संदिग्ध मामलों की जाँच जारी है और स्वास्थ्य एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि संक्रमण का दायरा कितना बड़ा हो सकता है।
यह पूरा मामला उस क्रूज जहाज से जुड़ा है,जिसका नाम ‘एमवी होंडियस’ बताया गया है। यह जहाज दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटिश क्षेत्र सेंट हेलेना के आसपास यात्रा कर रहा था। डब्ल्यूएचओ ने उन 12 देशों को भी आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया है,जिनके नागरिक इस यात्रा के दौरान जहाज से उतर चुके थे। इन देशों में कनाडा, डेनमार्क,जर्मनी,नीदरलैंड्स,न्यूजीलैंड,सिंगापुर,स्वीडन,स्विट्जरलैंड,तुर्की,यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कदम तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किए जाते हैं,तो फिलहाल एजेंसी को उम्मीद है कि संक्रमण को सीमित रखा जा सकेगा। हालाँकि,उन्होंने चेतावनी भी दी कि कई देशों में यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जाँच अभी जारी है,इसलिए आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं।
स्वास्थ्य एजेंसी ने यह भी जानकारी दी कि अर्जेंटीना की प्रयोगशालाओं से लगभग 2,500 हंता वायरस टेस्ट किट पाँच देशों को भेजी जा रही हैं,ताकि संक्रमण की तेजी से पहचान की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती जाँच और संक्रमित लोगों की शीघ्र पहचान इस वायरस को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
‘एमवी होंडियस’ जहाज का संचालन करने वाली डच कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स ने बताया कि जहाज पर कुल 149 लोग मौजूद हैं। इनमें 23 अलग-अलग देशों के यात्री और क्रू सदस्य शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि सभी आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं और यात्रियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
इसी बीच स्थिति और जटिल तब हो गई,जब जहाज से अलग किए गए दो संदिग्ध हंता वायरस मरीज कैनेरी द्वीप समूह में एक एयर एंबुलेंस में ही फँसे रह गए। रिपोर्ट्स के अनुसार,एयर एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आ गई,जिसके कारण मरीजों को दूसरे विमान का इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह विमान केप वर्डे से रवाना हुआ था और उसे माराकेश में ईंधन भरने के लिए उतरना था। हालाँकि,मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मोरक्को के अधिकारियों ने विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी।
स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाद में बयान जारी कर कहा कि रिफ्यूलिंग प्रक्रिया के दौरान विमान के डॉक्टर ने मरीज के इलेक्ट्रिकल सपोर्ट सिस्टम में खराबी की सूचना दी थी। इसके बाद मरीजों को सुरक्षित रखने के लिए आपात इंतजाम किए गए। यह घटना अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान समन्वय और तकनीकी चुनौतियों को भी उजागर करती है।
इससे पहले स्पेन ने यह स्पष्ट किया था कि वह अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के तहत हंता वायरस से जुड़े जहाज को कैनेरी द्वीप समूह में आने की अनुमति देगा। हालाँकि,अधिकारियों ने यह भी कहा कि सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों की कड़ी स्वास्थ्य जाँच की जाएगी और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।
यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल फिलहाल जहाज की स्थिति का विस्तृत आकलन कर रहा है। एजेंसी यह तय करने में जुटी है कि किन लोगों को तत्काल मेडिकल सहायता और निकासी की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि बाकी यात्री और क्रू सदस्य अगले तीन से चार दिनों में कैनेरी द्वीप समूह पहुँच सकते हैं,जहाँ उनके स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएँगे।
विशेषज्ञों के अनुसार,हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित कृंतकों यानी चूहों और उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है। हालाँकि,एंडीज वायरस की खास बात यह मानी जाती है कि यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है,जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। यही वजह है कि डब्ल्यूएचओ और कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियाँ इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।
हालाँकि,फिलहाल स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है,लेकिन अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और समुद्री पर्यटन से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई देशों ने अपने स्वास्थ्य विभागों को निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संक्रमण सीमित रहता है या फिर इसका दायरा बढ़ता है। डब्ल्यूएचओ समेत कई अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियाँ लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और संभावित खतरे को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
