रियाद,24 जून (युआईटीवी)- सऊदी अरब में इस साल हज सीजन के दौरान भीषण गर्मी की वजह से 1,301 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। सऊदी अरब ने घोषणा की है कि मरने वालों में 83 प्रतिशत अपंजीकृत हज यात्री थे। सऊदी के स्वास्थ्य मंत्री फहद बिन अब्दुर्रहमान अल-जलाजेल ने बताया कि हीट स्ट्रेस के “अनेक” मामले सामने आए हैं। उनमें से कुछ लोगों का अभी भी इलाज किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि 1,301 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई है,जिनमें से 83 प्रतिशत अनधिकृत तीर्थयात्री थे,जो इस भीषण गर्मी में पवित्र शहर मक्का और उसके आसपास हज की रस्में निभाने के लिए लंबी दूरी का सफर पैदल चलकर पूरी की थी।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक,भारत के 98 तीर्थयात्री,इंडोनेशिया के 165 तीर्थयात्री,मोरक्को,ट्यूनीशिया,जॉर्डन,मलेशिया तथा अल्जीरिया के दर्जनों तीर्थयात्रियों की मक्का की पवित्र हज यात्रा में भीषण गर्मी की वजह से मौत हो गई। दो अमेरिकी नागरिकों के भी मारे जाने की खबर है।
स्वास्थ्य मंत्री फहद बिन अब्दुर्रहमान अल-जलाजेल ने कहा कि कई बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों के मरने की खबर है। उन्होंने कहा कि अपंजीकृत तीर्थयात्रियों को इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक परेशानी हुई। क्योंकि उनके पास आश्रय या आराम के साधन नहीं होने के वजह से,उन्हें सीधे धूप में लंबा सफर तय करना पड़ा।
सभी पीड़ितों की पहचान कर ली गई है और इसकी सूचना उनके परिवारों को दे दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि पीड़ितों के पहचान के लिए,उन्हें दफनाने के लिए तथा उनके मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री फहद बिन अब्दुर्रहमान अल-जलाजेल ने उन अधिकारियों के प्रयासों की प्रशंसा की,जिन्होंने उच्च तापमान का सामना करने वाले तीर्थयात्रियों के बीच हीट स्ट्रेस के बारे में जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।
समाचार एजेंसी ने शिन्हुआ के मुताबिक,उन्होंने घोषणा की कि स्वास्थ्य प्रबंधन हज सीजन के दौरान सफल रहा और व्यापक बीमारियों या महामारी का कोई प्रकोप दर्ज नहीं किया गया।
उल्लेखनीय है कि 4,65,000 से अधिक हज यात्रियों के लिए आपातकालीन देखभाल,सर्जरी,डायलिसिस इत्यादि तक की विशेष इलाज के व्यवस्था प्रदान किए गए। जिसमें 1,41,000 तक अनधिकृत तीर्थयात्री भी शामिल हैं, जिन्होंने हज यात्रा करने के लिए आधिकारिक प्राधिकरण प्राप्त नहीं किया था।
