नई दिल्ली,21 सितंबर (युआईटीवी)- भारतीय नौसेना के स्वदेशी और आधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस दो प्रमुख युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुँच गए हैं। दोनों जहाजों की यह तैनाती भारतीय नौसेना की परिचालन गतिविधियों के तहत की गई है। फिलीपींस पहुँचने के बाद दोनों युद्धपोत आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस यानी एडीएमएम-प्लस के तहत आयोजित संयुक्त सहयोग गतिविधि में हिस्सा लेंगे। इस बहुपक्षीय समुद्री गतिविधि में विभिन्न देशों की नौसेनाएँ एक साथ अभ्यास और पेशेवर गतिविधियों में शामिल होंगी।
एडीएमएम-प्लस संयुक्त सहयोग गतिविधि में आसियान के 10 सदस्य देशों के साथ उसके आठ साझेदार देशों की समुद्री सेनाएँ हिस्सा लेती हैं। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल और सहयोग को बढ़ाना है। इसके अलावा पेशेवर और परिचालन स्तर पर एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने तथा समुद्री क्षेत्र में साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाता है।
भारतीय नौसेना के आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की इस तैनाती को क्षेत्रीय समुद्री सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों युद्धपोतों के जरिए भारतीय नौसेना बहुपक्षीय समुद्री गतिविधियों में अपनी भागीदारी को आगे बढ़ाएगी। संयुक्त गतिविधियों के दौरान विभिन्न देशों की नौसेनाओं को एक-दूसरे के साथ पेशेवर अनुभव साझा करने और परिचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलेगा। इससे समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समन्वय विकसित करने में मदद मिल सकती है।
इस तैनाती को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महासागर विजन के अनुरूप भी देखा जा रहा है। भारत लंबे समय से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने समुद्री साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। बहुपक्षीय समुद्री गतिविधियों में भारतीय नौसेना की भागीदारी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसके जरिए भारत क्षेत्रीय देशों के साथ समुद्री क्षेत्र में रचनात्मक और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सुबिक खाड़ी में भारतीय नौसेना के दोनों जहाजों की मौजूदगी से भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच संवाद और संपर्क बढ़ाने का अवसर मिलेगा। संयुक्त सहयोग गतिविधि के दौरान पेशेवर और परिचालन गतिविधियों में भाग लेकर भारतीय नौसेना साझा समुद्री चुनौतियों को लेकर अन्य देशों के अनुभवों और कार्यप्रणाली को समझ सकेगी। साथ ही ऐसी गतिविधियाँ समुद्री अभियानों के दौरान आपसी समन्वय को बेहतर बनाने में भी उपयोगी होती हैं।
आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की फिलीपींस यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों को भी रेखांकित करती है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और समुद्री क्षेत्र में संपर्क बढ़ा है। अगस्त 2025 में भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी स्थापित होने के बाद द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक आधार मिला है। ऐसे में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की यह तैनाती दोनों देशों के बीच पेशेवर संपर्क और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।
भारतीय नौसेना के जहाजों का फिलीपींस पहुँचना केवल एक नियमित पोर्ट कॉल तक सीमित नहीं है,बल्कि यह क्षेत्रीय समुद्री साझेदारों के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव को भी दर्शाता है। एडीएमएम-प्लस की संयुक्त सहयोग गतिविधि में हिस्सा लेकर भारतीय नौसेना विभिन्न देशों की समुद्री सेनाओं के साथ संवाद और परिचालन सहयोग को मजबूत करेगी। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपसी समझ और सहयोग से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दोनों भारतीय युद्धपोतों की यह तैनाती ऐसे समय हुई है,जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को लेकर बहुपक्षीय गतिविधियों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। भारत की ओर से इस तरह की गतिविधियों में नियमित भागीदारी क्षेत्रीय साझेदारों के साथ उसके समुद्री संबंधों को मजबूत करने और साझा समुद्री हितों पर सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
